ग्रेटर नोएडा/जेवर, द न्यूज क्लिक। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) की 92वीं बोर्ड बैठक में क्षेत्र के औद्योगिक, चिकित्सा, शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे के विकास को नई दिशा देने वाले कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सोमवार, 17 मार्च 2026 को आयोजित बोर्ड बैठक में प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति, औद्योगिक निवेश, मेडिकल एवं फार्मा सेक्टर के विस्तार, नई टाउनशिप, परिवहन सुविधाओं और सड़क-पुल निर्माण से जुड़े प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। बोर्ड बैठक में लिए गए फैसलों से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में आने वाले वर्षों में औद्योगिक निवेश और रोजगार के अवसरों में तेजी आने की उम्मीद है। खासतौर पर मेडिकल डिवाइस, फार्मास्यूटिकल मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों को मजबूत आधार देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए यातायात और शहरी सुविधाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया।

प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति मजबूत, आय में 90 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी

बोर्ड बैठक में यमुना प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति का भी ब्योरा प्रस्तुत किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 31 जुलाई 2025 तक प्राधिकरण की कुल प्राप्तियां करीब 974.37 करोड़ रुपये रही थीं। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 में 31 जुलाई 2026 तक यह राशि बढ़कर करीब 1853.74 करोड़ रुपये हो गई। यानी पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में प्राधिकरण की प्राप्तियों में लगभग 90.25 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। प्राधिकरण की आय में यह बढ़ोतरी औद्योगिक और मिश्रित भू-उपयोग योजनाओं के साथ-साथ अन्य विकास योजनाओं से होने वाली प्राप्तियों को दर्शाती है। बोर्ड में वित्तीय प्रबंधन और आगामी विकास परियोजनाओं के लिए संसाधनों की उपलब्धता को लेकर भी चर्चा हुई।

इसी अवधि में प्राधिकरण का कुल व्यय करीब 3690.64 करोड़ रुपये रहा। वहीं विभिन्न बैंकों से लिए गए ऋण के सापेक्ष करीब 1385 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। इसके अलावा भूमि अधिग्रहण तथा विभिन्न मदों में ऋण की अदायगी के लिए भी बड़ी धनराशि खर्च की गई। इससे स्पष्ट है कि प्राधिकरण क्षेत्र में चल रहे भूमि अधिग्रहण, आधारभूत ढांचे और औद्योगिक विकास कार्यों पर लगातार निवेश किया जा रहा है।

500 एकड़ में विकसित होगा मेडिकल डिवाइस पार्क

यमुना प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक में मेडिकल सेक्टर को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। सेक्टर-13 एवं सेक्टर-14 में करीब 500 एकड़ भूमि पर मेडिकल डिवाइस पार्क विकसित करने की योजना को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है। इस पार्क के विकसित होने से चिकित्सा उपकरणों के निर्माण, अनुसंधान, परीक्षण और संबंधित उद्योगों को एक ही क्षेत्र में सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। मेडिकल डिवाइस उद्योग को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाओं के साथ निवेशकों को आकर्षित करने की दिशा में भी यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के निकटता का लाभ भी इस औद्योगिक क्षेत्र को मिलने की उम्मीद है।

480 एकड़ में यूनिवर्सिटी टाउनशिप, 36 एकड़ में मंडी

बोर्ड ने सेक्टर-14 में लगभग 480 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ भूमि पर मंडी की स्थापना का निर्णय लिया गया है। यूनिवर्सिटी टाउनशिप के विकसित होने से उच्च शिक्षा, शोध, छात्र सुविधाओं और शिक्षा आधारित रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। वहीं मंडी के निर्माण से आसपास के क्षेत्र में व्यापारिक गतिविधियों और कृषि उत्पादों की आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

सेक्टर-23डी में 50 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र

सेक्टर-23डी में करीब 50 एकड़ भूमि पर आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय भी बोर्ड बैठक में लिया गया। इसका उद्देश्य क्षेत्र में उद्योगों की स्थापना के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराना और निवेश को बढ़ावा देना है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण सेक्टर-23डी समेत आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में लॉजिस्टिक्स, एविएशन से जुड़े कारोबार और निर्यात आधारित उद्योगों के लिए बेहतर संभावनाएं बन रही हैं।

सेक्टर-23डी में बनेगा अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा

यमुना प्राधिकरण ने एयरपोर्ट के आसपास सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में भी बड़ा निर्णय लिया है। सेक्टर-23डी में अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा विकसित करने के लिए भूमि चिन्हित करने का फैसला किया गया है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ क्षेत्र में मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी की जरूरत बढ़ेगी। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बस अड्डा एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्रों और आसपास विकसित हो रहे शहरी क्षेत्रों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

300 एकड़ में विकसित होगी ताइवान सिटी

बोर्ड बैठक में सेक्टर-06 में Taiwan Based Industry के लिए Taiwan City विकसित करने के लिए करीब 300 एकड़ भूमि आरक्षित करने का निर्णय लिया गया। इससे ताइवान आधारित कंपनियों और निवेशकों के लिए एक समर्पित औद्योगिक एवं कारोबारी इकोसिस्टम तैयार करने का रास्ता साफ होगा। ताइवान की इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी कंपनियों को आकर्षित करने की दिशा में यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित क्षेत्र में निवेश बढ़ने से रोजगार और सहायक उद्योगों के विकास की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

100 एकड़ से अधिक में बनेगा फार्मास्यूटिकल फॉर्मुलेशन मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर

यीडा क्षेत्र को Pharma Manufacturing Hub के रूप में विकसित करने की दिशा में भी बोर्ड ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया। सेक्टर-06 में करीब 100 से 125 एकड़ भूमि पर Pharmaceutical Formulation Manufacturing Cluster विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई। इस क्लस्टर में Tablets, Capsules, Injectable, Oral Liquid, Tropical Preparation और Finished Dosage Forms जैसी औषधियों के निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा। इसका उद्देश्य घरेलू दवा उद्योग को मजबूत करने के साथ-साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के निवेश को आकर्षित करना है।

क्लस्टर में Good Manufacturing Practice यानी GMP मानकों के अनुरूप उत्पादन की सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे फार्मा क्षेत्र में गुणवत्ता आधारित विनिर्माण और वैश्विक बाजार के अनुरूप उत्पादन क्षमता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

मेडिकल डिवाइस पार्क में बनेगी टेस्टिंग सुविधा

मेडिकल डिवाइस पार्क को केवल निर्माण केंद्र तक सीमित नहीं रखा जाएगा। यहां चिकित्सा उपकरणों की गुणवत्ता और मानकों की जांच के लिए FDA Accreditation Scheme for Conformity Assessment (ASCA) के अनुरूप Medical Device Testing Facility स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा परियोजना की तकनीकी, वित्तीय एवं संस्थागत पहलुओं की जांच के लिए Technical Expert Committee के गठन को भी मंजूरी दी गई। इस व्यवस्था से भारतीय चिकित्सा उपकरण निर्माताओं को अपने उत्पादों की परीक्षण एवं अनुरूपता मूल्यांकन संबंधी सुविधाएं देश में ही उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

इससे निर्माताओं को विदेशों पर निर्भरता कम करने, समय और लागत बचाने तथा अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप उत्पाद तैयार करने में सहायता मिल सकती है। प्रस्तावित सुविधाओं में Electrical Safety, Electromagnetic Compatibility, Mechanical Performance, Software Validation, Sterilization और Packaging Validation जैसी परीक्षण सुविधाओं को शामिल किया जा सकता है।

करवन नदी पर बनेगा कल्वर्ट, सर्विस रोड को मिलेगी राहत

बोर्ड बैठक में जनपद आगरा स्थित प्राधिकरण क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेसवे की चेनज 161.21 पर सर्विस रोड पर करवन नदी के ऊपर कल्वर्ट/माइनर ब्रिज निर्माण के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। बताया गया कि क्षेत्र में अत्यधिक जलभराव के कारण सर्विस रोड पर आवागमन प्रभावित होता है, जिससे स्थानीय नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुल/कल्वर्ट निर्माण से बरसात के दौरान जल निकासी बेहतर होने और स्थानीय लोगों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसानों के लिए भूमि मुआवजे की दरों में बढ़ोतरी

यमुना प्राधिकरण के संचालक मंडल ने क्षेत्र में औद्योगिक एवं आधारभूत विकास के साथ किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया। किसानों की सहमति के आधार पर भूमि खरीद की दरों के पुनर्निर्धारण का प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। इसके तहत गौतमबुद्ध नगर एवं बुलंदशहर के अधिसूचित क्षेत्र में भूमि खरीद की प्रक्रिया को संशोधित दरों के आधार पर आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। प्रस्ताव के अनुसार भूमि की वर्तमान दर 4300 रुपये प्रति वर्ग मीटर से बढ़ाकर 4558 रुपये प्रति वर्ग मीटर करने अथवा द्वितीय विकल्प के रूप में 4037 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर निर्धारित करने का प्रस्ताव रखा गया। इसके साथ आबादी भूखंड सहित संबंधित प्रावधानों को भी निर्धारित किया गया है।

एयरपोर्ट के साथ औद्योगिक भविष्य को मजबूत करने की तैयारी

यमुना प्राधिकरण की 92वीं बोर्ड बैठक के फैसलों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रहे नए आर्थिक क्षेत्र के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मेडिकल डिवाइस पार्क, फार्मा मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर, ताइवान सिटी, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, औद्योगिक क्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय बस अड्डे जैसी परियोजनाएं एक-दूसरे से जुड़कर क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को नई गति दे सकती हैं। इन परियोजनाओं के माध्यम से निवेश, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स के क्षेत्र में बड़े अवसर पैदा होने की संभावना है। बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णयों से संकेत मिलता है कि यमुना प्राधिकरण आने वाले वर्षों में क्षेत्र को केवल रियल एस्टेट आधारित विकास तक सीमित रखने के बजाय औद्योगिक, मेडिकल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स, शिक्षा और एविएशन आधारित समग्र आर्थिक क्षेत्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।