Gaur Chowk Underpass Trial: चार मूर्ति चौक पर छह लेन का अंडरपास तीन दिन के ट्रायल के लिए खुला, 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार परियोजना से लाखों लोगों को राहत की उम्मीद, 12 नवंबर को CM योगी कर सकते हैं लोकार्पण
ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। गौड़ चौक यानी चार मूर्ति चौराहे पर लंबे समय से प्रतीक्षित अंडरपास आखिरकार वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। बुधवार, 5 नवंबर से शुरू हुए तीन दिवसीय ट्रायल के दौरान वाहन अंडरपास से गुजरने लगे हैं। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास के क्षेत्रों में रोजाना जाम से जूझने वाले वाहन चालकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि, अभी अंडरपास को स्थायी रूप से आम जनता के लिए नहीं खोला गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम ट्रायल के दौरान वाहनों की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन की जांच कर रही है। सामने आने वाली कमियों को दूर करने के बाद नियमित संचालन शुरू किया जाएगा।
गौड़ चौक पर अब नहीं लगेंगी वाहनों की लंबी कतारें?
गौड़ चौक ग्रेटर नोएडा वेस्ट का सबसे व्यस्त यातायात केंद्र माना जाता है। सुबह और शाम ऑफिस जाने तथा लौटने के समय यहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। कई बार चौराहा पार करने में आधे घंटे से अधिक समय लग जाता था। मेट्रो सुविधा नहीं होने के कारण लोगों को कैब और ऑटो पर भी अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। अब छह लेन के अंडरपास के शुरू होने से गौड़ सिटी, नोएडा एक्सटेंशन और आसपास की आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को यातायात के दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है। अंडरपास के माध्यम से ग्रेटर नोएडा से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे की तरफ आवाजाही भी अधिक सुगम हो सकेगी।
तीन दिन के ट्रायल में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था की होगी जांच
अंडरपास को फिलहाल तीन दिनों के ट्रायल के लिए खोला गया है। इस दौरान ट्रैफिक पुलिस और प्राधिकरण की टीम सुरक्षा, साइनेज, लाइटिंग, जल निकासी और यातायात प्रबंधन की व्यवस्थाओं का परीक्षण करेगी। ट्रायल में सामने आने वाली किसी भी तकनीकी या संचालन संबंधी कमी को दूर किया जाएगा। इसके बाद अंडरपास को नियमित रूप से आम जनता के लिए खोलने का निर्णय लिया जाएगा।
संभावना जताई जा रही है कि 12 नवंबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसका औपचारिक लोकार्पण कर सकते हैं। हालांकि, स्थायी संचालन और लोकार्पण की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ 700 मीटर लंबा अंडरपास
गौड़ चौक अंडरपास करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। लगभग 700 मीटर लंबे इस छह लेन के अंडरपास में दोनों ओर जंक्शन बनाए गए हैं। परियोजना के करीब 350 मीटर हिस्से में जंक्शन की व्यवस्था है। अंडरपास की दीवारों पर गौतम बुद्ध की आकर्षक पेंटिंग बनाई गई हैं। इसके अलावा पर्याप्त रोशनी और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं भी की गई हैं, ताकि वाहन चालकों को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन मिल सके।
इस परियोजना का निर्माण पिछले वर्ष 4 फरवरी को शुरू हुआ था। समयावृद्धि के बाद इसे 4 दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य 4 नवंबर 2026 को ही पूरा कर लिया गया।

गाजियाबाद से नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट जाने वालों को भी फायदा
गौड़ चौक अंडरपास शुरू होने से गौड़ सिटी, सिद्धार्थ विहार, विजय नगर, प्रताप विहार और आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहन चालकों को फायदा मिलेगा। गौड़ चौक से रोजाना करीब पांच से छह लाख वाहनों के गुजरने का अनुमान है। चार मूर्ति गोलचक्कर, किसान चौक, एक मूर्ति गोलचक्कर और नोएडा की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव इस चौराहे पर रहता है। इसी कारण सुबह और शाम के पीक आवर में यहां जाम की समस्या गंभीर हो जाती थी।
अंडरपास के नियमित संचालन से नोएडा, दिल्ली, गाजियाबाद, विजयनगर और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात अधिक सुगम होने की उम्मीद है। फिलहाल तीन दिवसीय ट्रायल के परिणामों पर सबकी नजर है। यदि ट्रायल सफल रहता है और सभी कमियां दूर कर ली जाती हैं, तो गौड़ चौक पर रोजाना लगने वाले जाम से बड़ी राहत मिल सकती है।

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