एक करोड़ रुपये प्रति बीघा मुआवजा, 10 प्रतिशत विकसित भूखंड और आबादी क्षेत्र सुरक्षित रखने की मांग पर अड़े किसान, अगले रविवार को महापंचायत बुलाने का ऐलान

ग्रेटर नोएडा/दनकौर, रफ़्तार टूडे। न्यू नोएडा के प्रस्तावित भूमि अधिग्रहण को लेकर खदेड़ा मिल्क गांव में किसानों का विरोध सामने आया। गांव में आयोजित चौपाल में न्यू नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने किसानों को प्रस्तावित विकास योजना और भूमि अधिग्रहण से जुड़े लाभों की जानकारी देने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने अपनी मांगें पूरी होने तक जमीन देने से इनकार कर दिया। सहमति नहीं बनने के बाद अधिकारियों की टीम को वापस लौटना पड़ा।

विकास के फायदे गिनाने पहुंचे अधिकारी, किसानों ने उठाए सवाल

जानकारी के अनुसार, न्यू नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी, नायब तहसीलदार और लेखपाल की टीम खदेड़ा मिल्क गांव में चौपाल लगाने पहुंची थी। अधिकारियों ने किसानों को बताया कि न्यू नोएडा के विकास से क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होगा। साथ ही रोजगार के नए अवसर पैदा होने और आधुनिक शहरी सुविधाएं विकसित होने की उम्मीद है।

अधिकारियों ने भूमि अधिग्रहण की नीति और उससे मिलने वाले संभावित लाभों के बारे में भी जानकारी दी। हालांकि, किसानों ने अपनी आपत्तियां रखते हुए कहा कि उनकी मांगों पर ठोस सहमति बनने से पहले भूमि देने का सवाल ही नहीं उठता। चौपाल में इस मुद्दे पर काफी देर तक चर्चा हुई, लेकिन दोनों पक्षों के बीच सहमति नहीं बन सकी।

किसानों की चार प्रमुख मांगें

खदेड़ा मिल्क गांव के किसानों ने भूमि अधिग्रहण के संबंध में चार प्रमुख मांगें रखीं। इनमें शामिल हैं:

  • एक करोड़ रुपये प्रति बीघा मुआवजा: किसानों ने अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के बदले एक करोड़ रुपये प्रति बीघा मुआवजे की मांग की।
  • 10 प्रतिशत विकसित भूखंड: किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के बदले उन्हें 10 प्रतिशत विकसित भूखंड दिए जाएं।
  • आबादी क्षेत्र की सुरक्षा: गांव के चारों तरफ 300 मीटर तक आबादी का दायरा यथावत रखने की मांग की गई।
  • 60 मीटर चौड़ी पेरीफेरल रोड: किसानों ने गांव के चारों तरफ 60 मीटर चौड़ी सड़क बनाने की मांग भी रखी।

किसानों का तर्क है कि गांव की आबादी वाली जमीन अधिग्रहण के दायरे में आने से ग्रामीणों के घरों, सामाजिक ढांचे और गांव के अस्तित्व पर असर पड़ सकता है। इसी आशंका को लेकर किसानों ने अधिकारियों के सामने अपना पक्ष रखा और मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेने की बात कही।

अगले रविवार को महापंचायत का ऐलान

चौपाल में सहमति नहीं बनने के बाद किसानों ने अगले रविवार को खदेड़ा मिल्क गांव में बड़ी महापंचायत आयोजित करने का ऐलान किया। किसानों के मुताबिक, इसमें न्यू नोएडा परियोजना से प्रभावित अन्य गांवों के किसान भी शामिल होंगे। महापंचायत में भूमि अधिग्रहण, मुआवजे और आबादी क्षेत्र से जुड़ी मांगों पर चर्चा कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। इस घोषणा के बाद न्यू नोएडा परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों की मांगें एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। अब महापंचायत में दूसरे गांवों के किसानों की भागीदारी और उनकी ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर नजर रहेगी।

चौपाल में सैकड़ों किसान रहे मौजूद

इस मौके पर डॉ. नवीन, नकुल तेवतिया, रविंद्र प्रधान, भोपाल सिंह प्रधान, रवि प्रधान, कपिल प्रधान, एडवोकेट ऋषि टाइगर, सुधीर तेवतिया, सुंदर प्रधान और नई बस्ती सहित आसपास के क्षेत्र के सैकड़ों किसान मौजूद रहे। फिलहाल, खदेड़ा मिल्क गांव में हुई चौपाल के दौरान भूमि अधिग्रहण को लेकर सहमति नहीं बन सकी। किसानों ने अपनी मांगों पर कायम रहते हुए महापंचायत के जरिए आगे की रणनीति बनाने का निर्णय लिया है।