Gaur Chowk Underpass: चार मूर्ति चौक पर 6 लेन का अंडरपास शुरू होने की तैयारी, करीब 92 करोड़ रुपये की लागत से हुआ निर्माण, ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लगभग 5 लाख लोगों को मिलेगा फायदा
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लोगों के लिए ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। चार मूर्ति चौक यानी गौड़ चौक पर निर्मित छह लेन के अंडरपास को 5 नवंबर से वाहनों की आवाजाही के लिए ट्रायल के तौर पर खोला जाएगा। तीन दिनों तक चलने वाले इस ट्रायल के दौरान वाहन अंडरपास से गुजर सकेंगे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की टीम यातायात व्यवस्था, निर्माण संबंधी कमियों और संचालन की स्थिति का जायजा लेगी। ट्रायल में सामने आने वाली खामियों को दूर करने के बाद अंडरपास को नियमित रूप से खोलने का निर्णय लिया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 12 नवंबर को इसका औपचारिक लोकार्पण कर सकते हैं।
छह लेन के अंडरपास से गौड़ चौक पर कम होगा ट्रैफिक का दबाव
करीब 700 मीटर लंबे गौड़ चौक अंडरपास के शुरू होने से चार मूर्ति चौक पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। खासतौर पर नोएडा, टेकजोन-4, सेक्टर-1, सेक्टर-2 और सूरजपुर-कासना रोड की तरफ से आने वाले वाहन चालकों को गाजियाबाद, तिगरी और गौड़ सिटी की ओर जाने में सुविधा मिल सकती है।
वर्तमान में चार मूर्ति चौक पर सुबह और शाम के व्यस्त समय में वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। इसके कारण ग्रेटर नोएडा वेस्ट की विभिन्न आवासीय सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ता है। अंडरपास शुरू होने के बाद चौक पर यातायात का दबाव कम होने और वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होने की संभावना है। प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से करीब पांच लाख लोगों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है।
92 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ अंडरपास
गौड़ चौक अंडरपास का निर्माण जुलाई 2024 में शुरू हुआ था। शुरुआती चरण में परियोजना की अनुमानित लागत करीब 60 करोड़ रुपये बताई गई थी। हालांकि, टेंडर प्रक्रिया, बिजली लाइनों और अन्य उपयोगिता सेवाओं को स्थानांतरित करने सहित विभिन्न कार्यों के चलते इसकी लागत बढ़कर लगभग 92 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। परियोजना में बारिश से बचाव के लिए शेड, पर्याप्त रोशनी और दीवारों पर आकर्षक पेंटिंग जैसी व्यवस्थाएं भी की गई हैं। अब तीन दिवसीय ट्रायल के दौरान वाहनों की आवाजाही, यातायात प्रबंधन और निर्माण से संबंधित व्यवस्थाओं का परीक्षण किया जाएगा।

ट्रायल के बाद नियमित संचालन पर होगा फैसला
5 से 7 नवंबर तक प्रस्तावित ट्रायल के दौरान प्राधिकरण की टीम अंडरपास की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करेगी। इस दौरान सामने आने वाली तकनीकी या यातायात संबंधी कमियों को दूर किया जाएगा। इसके बाद नियमित संचालन को लेकर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट के निवासी अंडरपास के शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। यदि परियोजना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार नियमित रूप से संचालित होती है तो गौड़ चौक पर लगने वाले जाम से राहत मिलने के साथ क्षेत्र की यातायात व्यवस्था में भी महत्वपूर्ण सुधार होने की उम्मीद है।

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