राष्ट्रीय स्तर की केस स्टडी प्रतियोगिता में 330 टीमों ने कराया पंजीकरण, 39 टीमों ने प्रस्तुत की केस स्टडी; विद्यार्थियों ने व्यावसायिक रणनीति, निर्णय क्षमता और नेतृत्व कौशल का किया प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा स्थित लॉयड बिजनेस स्कूल के एंटरप्रेन्योरशिप सेल (E-Cell) की ओर से राष्ट्रीय स्तर की केस स्टडी प्रतियोगिता ‘यंग बिजनेस लीडर्स 2026 – ए बिजनेस डिसीजन एंड लीडरशिप चैलेंज’ का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न प्रबंधन संस्थानों की टीमों ने हिस्सा लेकर अपनी व्यावसायिक समझ, रणनीतिक सोच और समस्या-समाधान क्षमता का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, मुंबई की टीम ने पहला स्थान हासिल किया। जीएल बजाज की टीम दूसरे और शारदा यूनिवर्सिटी की टीम तीसरे स्थान पर रही।
330 टीमों ने कराया पंजीकरण, 39 टीमों ने प्रस्तुत की केस स्टडी
प्रतियोगिता के लिए देशभर से कुल 330 टीमों ने पंजीकरण कराया, जिनमें से 39 टीमों ने अपनी केस स्टडी प्रस्तुत की। इसमें नरसी मोंजी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट स्टडीज, आईआईएम कलकत्ता सहित कई प्रतिष्ठित संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को वास्तविक व्यावसायिक चुनौतियों को समझने, उपलब्ध तथ्यों का विश्लेषण करने, प्रभावी रणनीति तैयार करने और बेहतर व्यावसायिक निर्णय लेने का अवसर देना था। प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह दिखाने का प्रयास किया कि अकादमिक ज्ञान का इस्तेमाल उद्योग जगत की वास्तविक समस्याओं के समाधान में किस तरह किया जा सकता है।
मुख्य अतिथि सौरभ सिन्हा ने युवा प्रतिभाओं को किया प्रेरित
कार्यक्रम में स्टार्ट ग्रो टेक प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग पार्टनर सौरभ सिन्हा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। करीब 24 वर्षों के विविध व्यावसायिक अनुभव वाले सिन्हा ने प्रतियोगिता की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन युवा प्रतिभाओं में नेतृत्व क्षमता विकसित करने की मजबूत नींव तैयार करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को व्यावहारिक सोच अपनाने, व्यावसायिक समस्याओं की गहराई से समझ विकसित करने और परिस्थितियों के अनुरूप बेहतर निर्णय लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऐसे मंचों को विद्यार्थियों के लिए अपनी क्षमताओं को परखने और पेशेवर दुनिया की चुनौतियों के लिए तैयार होने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
अकादमिक ज्ञान को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने पर जोर
लॉयड ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस की ग्रुप डायरेक्टर डॉ. वंदना अरोड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की केस स्टडी प्रतियोगिताएं विद्यार्थियों को कक्षा में सीखे गए सिद्धांतों को व्यावहारिक व्यावसायिक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर देती हैं। उनके अनुसार, ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों में रणनीतिक सोच, नवाचार, उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने में मदद मिलती है। उन्होंने कहा कि लॉयड का उद्देश्य विद्यार्थियों को भविष्य की व्यावसायिक चुनौतियों के लिए तैयार करना है, ताकि वे उद्योग जगत की अपेक्षाओं के अनुरूप सक्षम और जिम्मेदार नेतृत्वकर्ता बन सकें।

नेतृत्व पद से नहीं, सोच और कार्यों से पहचाना जाता है
लॉयड बिजनेस स्कूल के डीन डॉ. रिपुदमन गौर ने अपने संबोधन में नेतृत्व की अवधारणा पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “नेता बनने के लिए किसी पद या पदनाम की आवश्यकता नहीं होती। नेतृत्व आपकी सोच, आपके कार्यों और समाज पर आपके प्रभाव से पहचाना जाता है।” उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण, मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम और स्वामी विवेकानंद के उदाहरणों के माध्यम से बताया कि वास्तविक नेतृत्व लोगों को सही दिशा देने, उन्हें प्रेरित करने और सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता में निहित है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने व्यवहार, निर्णय और कार्यशैली में नेतृत्व के गुण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
विश्लेषण, वित्तीय समझ और प्रस्तुतीकरण के आधार पर मूल्यांकन
प्रतियोगिता में प्रस्तुत केस स्टडी का मूल्यांकन कई प्रमुख मानदंडों पर किया गया। इनमें विश्लेषण की गुणवत्ता और व्यावहारिक उपयोगिता, संचार की स्पष्टता, वित्तीय समझ तथा प्रस्तुतीकरण क्षमता शामिल रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. मुकेश तोमर, डॉ. मोनिका कदम और डॉ. सोलमाज़ हुसैन शामिल थे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की विश्लेषणात्मक क्षमता, व्यावसायिक दृष्टिकोण और जटिल समस्याओं का समाधान प्रस्तुत करने की योग्यता का आकलन किया।
कार्यक्रम के समापन पर डीन स्टूडेंट वेलफेयर (DSW) डॉ. अरुण अरोड़ा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथि, निर्णायक मंडल, प्रतिभागी संस्थानों और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। ‘यंग बिजनेस लीडर्स 2026’ ने विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और व्यावसायिक निर्णय क्षमता को परखने का अवसर दिया। लॉयड बिजनेस स्कूल की यह पहल प्रबंधन शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और भविष्य के बिजनेस लीडर्स को तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण रही।

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