जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा और विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक; ड्राइवरों के स्वास्थ्य परीक्षण व पुलिस सत्यापन, महिला अटेंडेंट और ब्लैक स्पॉट सुधार पर जोर
गौतमबुद्ध नगर, रफ़्तार टूडे। गौतमबुद्ध नगर में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। 18 सितंबर 2026 को जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति और जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में स्कूली वाहनों की फिटनेस और परमिट से लेकर चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण, पुलिस सत्यापन, बसों में अटेंडेंट की व्यवस्था और दुर्घटना संभावित स्थानों के सुधार को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि स्कूली बच्चों की सुरक्षा में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने यातायात व्यवस्था को मजबूत करने, सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने और विद्यालय आने-जाने वाले छात्र-छात्राओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों को प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
हर स्कूल में बनेगी विद्यालय यान परिवहन समिति
बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि प्रत्येक विद्यालय में अनिवार्य रूप से विद्यालय यान परिवहन समिति का गठन किया जाए। समिति की गतिविधियां केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहें, इसके लिए हर तीन महीने में नियमित बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
इन बैठकों में विद्यालय में संचालित वाहनों की फिटनेस, सुरक्षा व्यवस्था और निर्धारित मानकों के अनुपालन की नियमित समीक्षा की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य स्कूली वाहनों की सुरक्षा को एक बार की जांच तक सीमित रखने के बजाय इसकी निरंतर निगरानी सुनिश्चित करना है।
बिना वैध फिटनेस और परमिट सड़क पर नहीं चलेंगे स्कूली वाहन
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय वाहन बिना वैध फिटनेस और परमिट के संचालित नहीं होना चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर उन्हें जब्त कर कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि बच्चों को लाने-ले जाने वाले सभी वाहनों की तकनीकी स्थिति और वैधानिक दस्तावेज निर्धारित मानकों के अनुरूप हों।
ड्राइवरों का होगा स्वास्थ्य परीक्षण और पुलिस सत्यापन
स्कूली वाहनों के चालकों की सुरक्षा जांच को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। चालकों के स्वास्थ्य परीक्षण और पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि बच्चों को सुरक्षित परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सके।
इसके साथ ही स्कूल बसों में बच्चों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए अटेंडेंट की व्यवस्था अनिवार्य करने के निर्देश दिए गए। जिन बसों में छात्राएं यात्रा करती हैं, उनमें महिला अटेंडेंट की मौजूदगी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

जिले में चिन्हित होंगे ट्रैफिक हॉटस्पॉट
बैठक में स्कूली वाहनों के अलावा जिले की समग्र सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने प्रमुख ट्रैफिक हॉटस्पॉट चिन्हित करने के निर्देश दिए। इन स्थानों पर यातायात दबाव और दुर्घटना की संभावनाओं का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।
अधिकारियों को ऐसे स्थानों की पहचान कर वहां यातायात व्यवस्था, संकेतक, प्रकाश व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्य में तेजी के निर्देश
जिले में पहले से चिन्हित ब्लैक स्पॉट यानी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों के सुधार कार्य में भी तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रशासन का उद्देश्य इन स्थानों पर आवश्यक इंजीनियरिंग और यातायात संबंधी सुधार कर सड़क हादसों की संभावना को कम करना है।
जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को ब्लैक स्पॉट के सुधार कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने तथा उनकी प्रगति की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए।
यातायात नियमों के पालन के लिए जागरूकता और प्रवर्तन पर जोर
बैठक में आम नागरिकों और वाहन चालकों के बीच यातायात नियमों के पालन को लेकर जागरूकता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। प्रशासन की रणनीति में एक ओर लोगों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना शामिल है, वहीं दूसरी ओर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
अधिकारियों को जागरूकता अभियानों और प्रवर्तन कार्रवाई को समानांतर रूप से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके।
नोएडा, ग्रेटर नोएडा और YEIDA के अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में जिले के प्रमुख विकास प्राधिकरणों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। नोएडा प्राधिकरण, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अधिकारी बैठक में मौजूद रहे। इसके अलावा यातायात पुलिस, परिवहन विभाग (RTO) और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी बैठक में सहभागिता की।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा दिए गए निर्देशों को संबंधित विभागों ने समयबद्ध तरीके से लागू करने की प्रतिबद्धता जताई।
अब इन निर्देशों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना प्रशासन के सामने महत्वपूर्ण चुनौती होगी। विशेष रूप से स्कूली बसों की फिटनेस और परमिट, चालकों के स्वास्थ्य एवं पुलिस सत्यापन, महिला अटेंडेंट की व्यवस्था और ब्लैक स्पॉट सुधार जैसे फैसलों की नियमित निगरानी तथा नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई से ही सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा। जिला प्रशासन की बैठक में स्कूली बच्चों की सुरक्षा और सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संदेश दिया गया।

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