स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की थीसिस ग्रांट योजना में हुआ चयन, क्लीनिकल और पैराक्लीनिकल विषयों पर करेंगे शोध
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा के लिए शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। संस्थान के 23 एमडी-एमएस स्नातकोत्तर विद्यार्थियों का चयन भारत सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) की थीसिस ग्रांट योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए हुआ है। चयनित विद्यार्थियों को यह सहायता उनकी स्नातकोत्तर शोध एवं थीसिस परियोजनाओं के संचालन में खर्च होने वाली आवश्यकताओं के लिए प्रदान की जाएगी।
संस्थान के चिकित्सा अनुसंधान विभाग के अनुसार, चयनित शोध परियोजनाओं में चिकित्सा विज्ञान की क्लीनिकल और पैराक्लीनिकल दोनों शाखाओं से संबंधित विषय शामिल हैं। थीसिस ग्रांट मिलने से विद्यार्थियों को अपने शोध कार्य को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने और निर्धारित प्रक्रियाओं के तहत अध्ययन पूरा करने में आर्थिक सहयोग मिलेगा।
शोध की गुणवत्ता और वैज्ञानिक प्रकाशनों को बढ़ावा
जीआईएमएस के अधिकारियों के मुताबिक बाहरी शोध अनुदान मिलने से संस्थान में स्नातकोत्तर स्तर पर चल रहे शोध कार्यों को मजबूती मिलेगी। विद्यार्थियों को शोध के लिए आवश्यक संसाधनों और प्रक्रियाओं पर होने वाले खर्च में सहायता मिलने से वे अपने अध्ययन पर अधिक प्रभावी ढंग से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
संस्थान का चिकित्सा अनुसंधान विभाग इन परियोजनाओं की प्रगति और शोध कार्यों से संबंधित गतिविधियों में विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करता है। संस्थान को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से प्राप्त निष्कर्षों के आधार पर वैज्ञानिक शोध पत्र और प्रकाशन तैयार होंगे, जिससे जीआईएमएस की अकादमिक एवं शोध गतिविधियों को और बढ़ावा मिलेगा।
गुणवत्तापूर्ण मेडिकल रिसर्च को प्रोत्साहित करती है DHR योजना
स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग की थीसिस ग्रांट योजना का उद्देश्य एमडी, एमएस और संबद्ध चिकित्सा पाठ्यक्रमों के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शोध के लिए प्रोत्साहित करना है। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को अपनी डिसर्टेशन या थीसिस परियोजनाओं को पूरा करने के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है।
इस तरह की शोध सहायता का उद्देश्य मेडिकल कॉलेजों में होने वाले शोध की गुणवत्ता और वैज्ञानिक स्तर को मजबूत करना तथा शोध से सामने आने वाले निष्कर्षों को व्यापक अकादमिक और वैज्ञानिक समुदाय तक पहुंचाने को प्रोत्साहित करना है।

निदेशक ब्रिगेडियर राकेश गुप्ता ने विद्यार्थियों, गाइड और शोध विभाग को दी बधाई
जीआईएमएस के निदेशक ने 23 विद्यार्थियों के चयन पर उन्हें, उनके गाइड और संस्थान के चिकित्सा अनुसंधान विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि संस्थान में विकसित हो रही शोध संस्कृति और विद्यार्थियों की शोध क्षमता को दर्शाती है।
निदेशक के अनुसार, शोध अकादमिक चिकित्सा व्यवस्था की महत्वपूर्ण आधारशिला है। बाहरी वित्तीय सहायता मिलने से विद्यार्थियों पर शोध कार्य से जुड़ा आर्थिक बोझ कम होता है और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक अध्ययन के लिए प्रोत्साहन मिलता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि चयनित शोध परियोजनाओं से उपयोगी वैज्ञानिक निष्कर्ष सामने आएंगे और इनसे गुणवत्तापूर्ण शोध पत्र तैयार होंगे। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी शोध के क्षेत्र में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करने और चिकित्सा विज्ञान में योगदान देने के लिए प्रोत्साहित किया।
जीआईएमएस में 23 एमडी-एमएस विद्यार्थियों का DHR थीसिस ग्रांट के लिए चयन संस्थान की स्नातकोत्तर शोध गतिविधियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

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