बीटेक के बाद एक साल की कड़ी तैयारी से CDS में सफलता, SSB की पांच दिवसीय चयन प्रक्रिया भी की पास; परिवार और गांव में खुशी का माहौल

दादरी, ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। दादरी क्षेत्र के चिटेहरा गांव के युवा सानिध्य सिंह ने संयुक्त रक्षा सेवा (CDS) परीक्षा में सफलता हासिल कर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयनित होकर परिवार और गांव का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि के बाद चिटेहरा गांव सहित आसपास के क्षेत्र में खुशी का माहौल है। परिजन, रिश्तेदार और ग्रामीण उन्हें बधाई देने के लिए घर पहुंच रहे हैं।

सानिध्य सिंह ने वर्ष 2024 में सिविल इंजीनियरिंग से बीटेक की पढ़ाई पूरी की। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने भारतीय सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य निर्धारित किया और करीब एक वर्ष तक CDS परीक्षा की तैयारी में जुटे रहे। नियमित अध्ययन, अनुशासन और निरंतर अभ्यास के बाद उन्होंने CDS की लिखित परीक्षा में सफलता प्राप्त की।

लिखित परीक्षा के बाद सानिध्य ने सेवा चयन बोर्ड (SSB) की पांच दिवसीय चयन प्रक्रिया में हिस्सा लिया। इस चरण में भी सफलता हासिल करने के बाद उनका भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद के लिए चयन हुआ। सानिध्य की यह उपलब्धि इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जा रही है क्योंकि उन्होंने बीटेक की पढ़ाई के बाद अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करते हुए सीमित समय में सैन्य सेवा की चयन प्रक्रिया को पूरा किया।

पिता ने बताया—लक्ष्य हासिल करने के लिए पूरी लगन से की मेहनत

सानिध्य के पिता अरविंद भाटी ने बताया कि उनके बेटे ने सेना में अधिकारी बनने का लक्ष्य तय करने के बाद पूरी लगन और अनुशासन के साथ तैयारी की। परिवार की ओर से उन्हें लगातार सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा। सानिध्य ने भी अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सहयोग, सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर परिश्रम को दिया है।

दादा की विरासत में जुड़ा नया अध्याय

सानिध्य की सफलता के साथ परिवार की पुरानी उपलब्धि भी चर्चा में आ गई है। उनके दिवंगत दादा हरद्वारी सिंह वर्ष 1952 में चिटेहरा और आसपास के गांवों के पहले अधिवक्ता रहे थे। उन्होंने क्षेत्र में कानून के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाई थी। अब उनके पोते सानिध्य ने भारतीय सेना में अधिकारी बनकर परिवार की उपलब्धियों में एक नया अध्याय जोड़ा है।

ग्रामीणों का कहना है कि गांव के युवा का भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बनना पूरे क्षेत्र के लिए खुशी और गौरव का विषय है। सानिध्य की सफलता से युवाओं को भी प्रतियोगी परीक्षाओं और सैन्य सेवाओं की तैयारी के लिए प्रेरणा मिलेगी।

सानिध्य की उपलब्धि पर परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने उन्हें बधाई दी तथा भारतीय सेना में उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। चिटेहरा गांव में उनकी सफलता को लेकर लगातार बधाई संदेश पहुंच रहे हैं।