ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के एक प्रतिष्ठित निजी विद्यालय DWPS से मानवता को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल की सातवीं कक्षा की मूक-बधिर छात्रा, जो राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाज (नेशनल शूटर) है, के साथ स्कूल बस के ड्राइवर ने करीब चार महीने तक लगातार छेड़छाड़ की। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बस चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, स्कूल प्रबंधन और बस संचालन से जुड़े जिम्मेदार पक्षों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सहपाठियों की सतर्कता से खुला पूरा मामला

जानकारी के अनुसार, यह मामला 28 जुलाई को उस समय उजागर हुआ, जब छात्रा के साथ बस में हो रही कथित अश्लील हरकतों को उसके सहपाठियों ने देख लिया। बच्चों ने तुरंत इसकी जानकारी अपनी शिक्षिका को दी। शिक्षिका ने संवेदनशीलता दिखाते हुए छात्रा के परिजनों को स्कूल बुलाया। इसके बाद छात्रा के पिता ने थाना नॉलेज पार्क में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

चार महीने तक डर और धमकी के साए में रही छात्रा

शिकायत के अनुसार, छात्रा के साथ कथित उत्पीड़न की शुरुआत 5 अप्रैल से हुई, जब वह मेरठ में आयोजित एक शूटिंग प्रतियोगिता में शामिल होने गई थी। आरोप है कि इसके बाद बस चालक स्कूल परिसर और बस में छात्रा को अकेला पाकर उसके साथ अशोभनीय हरकतें करता था। विरोध करने पर आरोपी कथित रूप से उसे जान से मारने और गला काटने की धमकी देता था। मूक-बधिर होने के कारण छात्रा लंबे समय तक अपनी पीड़ा खुलकर व्यक्त नहीं कर सकी और भय के माहौल में जीती रही।

तनाव के कारण अस्पताल में भर्ती रही, फिर भी जीता रजत पदक

लगातार मानसिक प्रताड़ना और भय के कारण छात्रा की तबीयत बिगड़ गई। वह चार दिनों तक अस्पताल में भर्ती रही। लेकिन कठिन परिस्थितियों के बावजूद उसके हौसले नहीं टूटे। अस्पताल से निकलने के बाद छात्रा ने 30 जुलाई को देहरादून में आयोजित प्री-नेशनल शूटिंग प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक (सिल्वर मेडल) जीतकर अपनी प्रतिभा और दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया।

पुलिस ने आरोपी को भेजा जेल, जांच जारी

पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत और प्रारंभिक जांच के आधार पर आरोपी बस चालक को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। यदि जांच में अन्य किसी व्यक्ति की लापरवाही या भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रबंधन और बस संचालक से मांगा जवाब

इस घटना के बाद स्कूल प्रशासन और बस संचालन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। संबंधित अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन और बस संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों और निगरानी व्यवस्था का पालन किया जा रहा था या नहीं।

बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

यह घटना एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है। विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा, संवेदनशील निगरानी और शिकायत तंत्र की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्कूलों को बस स्टाफ का नियमित सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी, कर्मचारियों का व्यवहार प्रशिक्षण और बच्चों के लिए सुरक्षित शिकायत प्रणाली सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।