ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1, ग्रेटर नोएडा के डॉक्टरों ने 56 वर्षीय मरीज के ब्रेन हेमरेज के एक जटिल मामले का सफलतापूर्वक उपचार किया। मरीज को अचानक देखने में परेशानी होने और दृष्टि का क्षेत्र कम होने की शिकायत हुई थी। समय रहते की गई जांच में मस्तिष्क के दाहिने पिछले हिस्से में रक्तस्राव का पता चला। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम ने मरीज की स्थिति को देखते हुए बिना सर्जरी दवाओं, सूजन कम करने वाले उपचार और लगातार न्यूरोलॉजिकल निगरानी के माध्यम से इलाज किया। उपचार के बाद मरीज की स्थिति में लगातार सुधार हुआ और उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मरीज न्यूरोलॉजिकल समस्याओं के कारण अस्पताल की ओपीडी में उपचार के लिए आया था। अस्पताल में भर्ती रहने के छठे दिन उसकी स्थिति में अचानक बदलाव आया और उसे देखने में परेशानी होने लगी। आंखों के सामने दिखाई देने वाला हिस्सा कम महसूस होने पर डॉक्टरों ने तत्काल उसकी जांच कराई। एनसीसीटी (NCCT) ब्रेन स्कैन में मस्तिष्क के दाहिने पिछले हिस्से में रक्तस्राव पाया गया, जिसे राइट ऑक्सिपिटल लोबार हेमेटोमा के रूप में पहचाना गया।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने आगे एमआरआई ब्रेन और एमआर एंजियोग्राफी कराई। जांच में ब्रेन हेमरेज के साथ उसके आसपास सूजन की भी पुष्टि हुई। हालांकि, एमआर एंजियोग्राफी में मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं में किसी तरह की असामान्यता नहीं पाई गई। इसके बाद विशेषज्ञों ने मरीज की स्थिति का आकलन करते हुए तत्काल सर्जरी के बजाय दवाओं और निगरानी के माध्यम से उपचार करने का निर्णय लिया।
मरीज को पहले से हाई ब्लड प्रेशर, क्रॉनिक किडनी डिजीज और गैस्ट्राइटिस जैसी स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं थीं। इन जटिलताओं को देखते हुए उपचार को केवल न्यूरोलॉजी तक सीमित नहीं रखा गया। न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी और गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने आपसी समन्वय के साथ मरीज की स्थिति की लगातार निगरानी की और उपचार की रणनीति तैयार की।
जांच के दौरान मरीज में हेलिकोबैक्टर पाइलोरी संक्रमण की भी पुष्टि हुई। इसके लिए आवश्यक दवाएं दी गईं और उपचार के दौरान मरीज की अन्य स्वास्थ्य समस्याओं पर भी विशेष निगरानी रखी गई। विशेषज्ञों की संयुक्त देखरेख में मरीज की न्यूरोलॉजिकल स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हुआ। अस्पताल के अनुसार, उपचार के दौरान किसी सर्जिकल प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं पड़ी और स्थिर स्थिति में मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
हर ब्रेन हेमरेज में सर्जरी जरूरी नहीं
यथार्थ सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, ओमेगा-1 की सीनियर कंसल्टेंट-न्यूरोलॉजी डॉ. सौम्या एच. मित्तल ने कहा कि अचानक देखने में परेशानी, तेज सिरदर्द, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने में दिक्कत और दौरे पड़ना ब्रेन हेमरेज के चेतावनी संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हर ब्रेन हेमरेज के मरीज को सर्जरी की आवश्यकता नहीं होती। मरीज की स्थिति, रक्तस्राव के स्थान और मात्रा तथा अन्य चिकित्सकीय परिस्थितियों के आधार पर उपचार की रणनीति तय की जाती है। कुछ मामलों में समय पर जांच, उचित दवाओं और विशेषज्ञों की लगातार निगरानी के माध्यम से मरीज का सफल उपचार किया जा सकता है।
अस्पताल की ओर से लोगों से हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की अपील की गई। विशेषज्ञों के अनुसार अनियंत्रित उच्च रक्तचाप ब्रेन हेमरेज के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल है। अचानक न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई देने पर समय गंवाए बिना अस्पताल पहुंचना उपचार के परिणाम को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

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