ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टुडे।
कहा जाता है कि इंसानियत सबसे बड़ी सेवा है और इसी सेवा को आत्मसात करते हुए नेकी का डब्बा फाउंडेशन ने एक बार फिर समाज के उन जरूरतमंद परिवारों तक मदद पहुंचाई, जो यमुना नदी के डूब क्षेत्र से विस्थापित होकर अक्षरधाम मंदिर से लेकर आईटीओ तक की सड़कों के किनारे झुग्गियों में रह रहे हैं।

फाउंडेशन की अनूठी पहल “नेकी का दोना-पत्तल” के अंतर्गत चलाए गए विशेष अभियान “ऑपरेशन 5 रोटी नेकी के नाम” ने साबित कर दिया कि जब समाज एकजुट होता है, तो कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं रहती।

13 सोसाइटियों से मिली अपार सहयोग की ताकत

इस अभियान में ग्रेटर नोएडा वेस्ट और आसपास की 13 सोसाइटियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने योगदान से इस कार्य को सफल बनाया।
इन सोसाइटियों ने महज कुछ ही घंटों में ज़रूरतमंदों के लिए भोजन पैकेट तैयार कर दिए।

सहयोग देने वाली सोसाइटियाँ:
चिपिया बुजुर्ग, फ्रेंच अपार्टमेंट, फ्यूज़न होम्स, गौर सिटी 10वीं एवेन्यू, जेएम फ्लोरेंस, लोटस विला जलपुरा, निराला एस्पायर, निराला ग्रीनशायर, रतन पर्ल, रॉयल नेस्ट, समृद्धि ग्रैंड एवेन्यू, SKA ग्रीन आर्क, सुपरटेक ईको विलेज-2।

इन सभी सोसाइटियों के दानदाताओं की बदौलत महज 12 घंटे के भीतर करीब 2,000 भोजन पैकेट तैयार होकर सुबह 11 बजे तक निर्धारित स्थानों पर पहुँच गए।

यमुना डूब क्षेत्र के जरूरतमंदों तक पहुँची मदद नेकी का डब्बा फाउंडेशन का "ऑपरेशन 5 रोटी" अभियान बना मिसाल

वालंटियर्स बने बदलाव की मिसाल

इस सेवा कार्य में सिर्फ सोसाइटियाँ ही नहीं, बल्कि कई समर्पित स्वयंसेवक (Volunteers) भी सक्रिय रूप से शामिल रहे।
इनमें –

वैशाली अग्रवाल

वरुण अग्रवाल

जिया लाल गर्ग

रेखा गर्ग

कमल किशोर

गिरीश चंद्र शुक्ला
और अन्य वालंटियर्स का योगदान सराहनीय रहा।

इनकी मेहनत और प्रतिबद्धता ने साबित किया कि सेवा कार्य केवल दान से नहीं, बल्कि समर्पण से भी संभव होता है।

आधी रात को बैठक, सुबह तक राहत का इंतज़ाम

फाउंडेशन के संस्थापक गिरीश चंद्र शुक्ला ने जानकारी दी कि बीती रात 11:00 बजे एक आपातकालीन ऑनलाइन बैठक बुलाई गई।

इसमें कोर काउंसिल के सदस्यों ने मिलकर यह तय किया कि यमुना डूब क्षेत्र में रह रहे विस्थापित परिवारों को तत्काल भोजन और राहत पहुँचाना जरूरी है।

महज 12 घंटे के भीतर, सुबह 11:00 बजे तक इतनी बड़ी संख्या में भोजन पैकेट का एकत्र होना इस संगठन की विश्वसनीयता और समाज सेवा के प्रति नागरिकों के अटूट विश्वास को दर्शाता है।

नेकी से ही बदलती है दुनिया

यमुना नदी के डूब क्षेत्र में फंसे परिवारों को मिली यह मदद केवल भोजन तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह उन परिवारों के लिए उम्मीद की नई किरण बनकर आई।

नेकी का डब्बा फाउंडेशन और उससे जुड़े नागरिकों ने यह दिखा दिया कि सच्ची ताकत एकता और करुणा में छिपी है।

भविष्य के लिए प्रतिबद्धता

नेकी का डब्बा फाउंडेशन हमेशा से ही समाज के जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने के लिए समर्पित रहा है।
फाउंडेशन ने स्पष्ट किया कि यह सिलसिला यहीं खत्म नहीं होगा, बल्कि आगे भी:

भोजन वितरण

शिक्षा में सहयोग

स्वास्थ्य सुविधाओं की मदद

और संकट की घड़ी में राहत कार्य

जारी रहेंगे।