न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 08 Dec 2021 12:49 AM IST

सार

फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने इन सभी चर्चाओं को गलत बताते हुए कहा है कि डॉक्टरों का प्रदर्शन किसी भी राजनीति से प्रेरित नहीं है।

प्रदर्शन करते हुए डॉक्टर

प्रदर्शन करते हुए डॉक्टर - फोटो : social media

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विस्तार

नीट पीजी काउंसलिंग में देरी को लेकर चल रही डॉक्टरों की हड़ताल अब राजनीति को लेकर चर्चाओं में आना शुरू हो चुकी है। जानकारी मिली है कि विपक्षी दल भी इस विरोध प्रदर्शन को लेकर सक्रिय हो चुके हैं। इन पार्टियों के डॉक्टर दलों में मौजूद साथी रेजीडेंट का समर्थन कर रहे हैं। वहीं स्वास्थ्य मंत्रालय भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि डॉक्टरों का प्रदर्शन राजनीतिक रूप से चल रहा है। 

मंत्रालय ने इसके लिए अस्पतालों के मुख्य अधिकारियों को भी लताड़ा है और किसी भी तरह से प्रदर्शन खत्म कराने के लिए कहा है। इसीलिए आरएमएल और सफदरजंग अस्पताल प्रबंधन ने भी चेतावनी भरे आदेश जारी किए हैं। हालांकि फेडरेशन ऑफ रेजीडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (फोर्डा) के अध्यक्ष डॉ. मनीष ने इन सभी चर्चाओं को गलत बताते हुए कहा है कि डॉक्टरों का प्रदर्शन किसी भी राजनीति से प्रेरित नहीं है। यह सिर्फ उनके अधिकार से जुड़ा है जिसे सरकार अब तक नहीं दे पा रही है। बार-बार आश्वासन दिया जाता है लेकिन उनकी मांग को पूरा नहीं किया जा रहा है। वहीं मंगलवार देर शाम यह भी चर्चा थी कि कुछ राजनेता डॉक्टरों से मुलाकात भी करना चाहते हैं। इसे लेकर भी फोर्डा ने साफ इंकार किया है। 



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