ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे: उत्तर प्रदेश की आर्थिक राजधानी नोएडा में ऊंची-ऊंची इमारतें तो बहुत बन गई हैं, लेकिन इन इमारतों में रहने वाले लोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसाइटियों के ऊंचे टावर में आए दिन लिफ्ट अटकने के मामले सामने आ रहे हैं। ताजा घटना ग्रेटर नोएडा वेस्ट के बिसरख थाना क्षेत्र स्थित आम्रपाली सेंचुरियन पार्क सोसाइटी की है, जहां लिफ्ट खराब होने से एक महिला करीब आधे घंटे तक लिफ्ट में फंसी रही। इस दौरान महिला ने सहायता के लिए चीख-पुकार की, लेकिन मदद पहुंचने में काफी समय लग गया।

आधे घंटे तक फंसी रही महिला

सोसाइटी के निवासियों के अनुसार, अचानक लिफ्ट खराब हो गई और एक महिला उसमें फंस गई। लिफ्ट में लगे उपकरण काम नहीं कर रहे थे, जिससे महिला ने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर सोसाइटी के लोग मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद करीब आधे घंटे बाद महिला को लिफ्ट से बाहर निकाला गया। महिला की हालत काफी खराब हो गई थी और वह इस घटना से बेहद डरी हुई थी।

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मेंटेनेंस विभाग पर लापरवाही का आरोप

लिफ्ट में अटकी महिला ने सोसाइटी के मेंटेनेंस विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि लिफ्ट की नियमित मेंटेनेंस नहीं की जाती है, जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। सोसाइटी के अन्य निवासियों का भी कहना है कि लिफ्ट की मेंटेनेंस समय पर नहीं की जाती है और इस कारण इस तरह की घटनाएं बार-बार होती हैं। लोगों का कहना है कि बिल्डर और मेंटेनेंस विभाग की लापरवाही कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।

निवासियों की सुरक्षा पर सवाल

इस घटना ने एक बार फिर सोसाइटी में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ऊंची इमारतों में रहने वाले लोगों को लिफ्ट जैसी आवश्यक सुविधाओं की सुरक्षा और समय पर रखरखाव की आवश्यकता है। अगर इन सुविधाओं की उचित देखरेख नहीं की जाती है, तो यह निवासियों के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है।

बिल्डर और मेंटेनेंस टीम की जिम्मेदारी बनती है कि वे समय-समय पर लिफ्ट की जांच और मेंटेनेंस करें।

प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

सोसाइटी के निवासियों ने इस घटना के बाद प्रशासन से मांग की है कि लिफ्ट की मेंटेनेंस और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए और इस तरह की लापरवाही के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाए। निवासियों का कहना है कि इस घटना के बाद उनके मन में डर बैठ गया है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

पूर्व घटनाओं का भी जिक्र

यह पहली बार नहीं है जब ग्रेटर नोएडा की किसी सोसाइटी में इस तरह की घटना घटी हो। इससे पहले भी कई बार लिफ्ट में फंसने के मामले सामने आ चुके हैं। हर बार निवासियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। इससे लोगों में डर और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

बिल्डर और मेंटेनेंस टीम की जिम्मेदारी

बिल्डर और मेंटेनेंस टीम की जिम्मेदारी बनती है कि वे समय-समय पर लिफ्ट की जांच और मेंटेनेंस करें।

सोसाइटी के निवासियों का कहना है कि बिल्डर और मेंटेनेंस टीम की जिम्मेदारी बनती है कि वे समय-समय पर लिफ्ट की जांच और मेंटेनेंस करें। लेकिन उनकी लापरवाही के कारण ही ऐसी घटनाएं हो रही हैं। निवासियों ने मांग की है कि बिल्डर और मेंटेनेंस टीम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा की पॉश सोसाइटियों में रहने वाले लोगों को सुविधाओं की उच्च गुणवत्ता और समय पर रखरखाव की उम्मीद होती है। लेकिन अगर लिफ्ट जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं सुरक्षित नहीं हैं, तो यह निवासियों के जीवन के लिए खतरा बन सकता है। इस घटना के बाद प्रशासन और बिल्डर को निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। प्रशासन को चाहिए कि वे नियमित रूप से सभी सोसाइटियों में लिफ्ट की जांच करें और मेंटेनेंस की गुणवत्ता को सुनिश्चित करें। साथ ही, किसी भी लापरवाही के मामले में सख्त कार्रवाई की जाए ताकि निवासियों को सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण मिल सके।