एक्वा लाइन 29.7 किलोमीटर में 21 स्टेशनों के साथ सेक्टर-51 से डिपो तक; अधिकतम सामान्य किराया 50 रुपये, स्मार्ट कार्ड पर 10% छूट; ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए 8.4 किमी का पांच स्टेशन वाला कॉरिडोर PIB से मंजूर, आगे की प्रक्रिया जारी
नोएडा/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए नोएडा मेट्रो की एक्वा लाइन सार्वजनिक परिवहन का महत्वपूर्ण माध्यम बनी हुई है। नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक चलने वाली एक्वा लाइन का मौजूदा नेटवर्क 29.7 किलोमीटर लंबा और 21 स्टेशनों वाला है। नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (NMRC) के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अगस्त 2026 में एक्वा लाइन पर औसत दैनिक ridership 73,298 यात्रियों की रही।
दूसरी ओर, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में रहने वाले लाखों लोगों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी का इंतजार अब अगले चरण में पहुंच चुका है। जुलाई 2026 में Public Investment Board (PIB) ने ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए 8.4 किलोमीटर के संशोधित मेट्रो कॉरिडोर को मंजूरी दी। प्रस्तावित कॉरिडोर में पांच स्टेशन होंगे और यह ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4/गौर चौक क्षेत्र को नोएडा के सेक्टर-61 से जोड़ने की योजना पर आधारित है।
एक्वा लाइन का मौजूदा रूट क्या है?
मौजूदा एक्वा लाइन नोएडा सेक्टर-51 से डिपो स्टेशन, ग्रेटर नोएडा तक संचालित होती है। NMRC की आधिकारिक स्टेशन सूची के अनुसार इस कॉरिडोर पर कुल 21 स्टेशन हैं।
एक्वा लाइन के 21 स्टेशन
- नोएडा सेक्टर-51
- नोएडा सेक्टर-50
- नोएडा सेक्टर-76
- नोएडा सेक्टर-101
- नोएडा सेक्टर-81
- NSEZ
- नोएडा सेक्टर-83
- नोएडा सेक्टर-137
- नोएडा सेक्टर-142
- नोएडा सेक्टर-143
- नोएडा सेक्टर-144
- नोएडा सेक्टर-145
- नोएडा सेक्टर-146
- नोएडा सेक्टर-147
- नोएडा सेक्टर-148
- नॉलेज पार्क-II
- परी चौक
- अल्फा-1
- डेल्टा-1
- GNIDA Office
- डिपो स्टेशन
इस तरह एक्वा लाइन ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टरों, एक्सप्रेसवे के आसपास के क्षेत्रों और ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो के प्रमुख इलाकों को जोड़ती है। परी चौक, नॉलेज पार्क-II और डिपो स्टेशन ग्रेटर नोएडा की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए प्रमुख स्टेशन हैं।
एक्वा लाइन का किराया कितना है?
NMRC के मौजूदा किराया ढांचे के अनुसार सोमवार से शनिवार तक एक्वा लाइन पर न्यूनतम सामान्य किराया 10 रुपये और 17 या उससे अधिक स्टेशनों की यात्रा के लिए अधिकतम सामान्य किराया 50 रुपये है।
| यात्रा | सोमवार से शनिवार | रविवार/राष्ट्रीय अवकाश |
|---|---|---|
| 1 स्टेशन | ₹10 | ₹10 |
| 2 स्टेशन | ₹15 | ₹10 |
| 3–6 स्टेशन | ₹20 | ₹15 |
| 7–9 स्टेशन | ₹30 | ₹20 |
| 10–16 स्टेशन | ₹40 | ₹30 |
| 17 या अधिक स्टेशन | ₹50 | ₹40 |
इसके अलावा स्मार्ट कार्ड से प्रत्येक यात्रा पर 10 प्रतिशत की छूट मिलती है।

एक्वा लाइन की टाइमिंग क्या है?
NMRC के अनुसार एक्वा लाइन की सेवाएं सामान्य तौर पर सुबह 6 बजे से रात 10:45 बजे तक चलती हैं, हालांकि प्रत्येक स्टेशन पर पहली और अंतिम ट्रेन का समय अलग-अलग हो सकता है। पीक आवर्स में ट्रेन का अंतराल लगभग 7 मिनट 30 सेकंड और ऑफ-पीक अवधि में करीब 10 मिनट रहता है।
रविवार को दोनों टर्मिनल—सेक्टर-51 और डिपो स्टेशन—से पहली ट्रेन सुबह 8 बजे शुरू होती है। NMRC की स्टेशनवार समय-सारिणी के अनुसार डिपो स्टेशन से अंतिम ट्रेन रात 10 बजे और सेक्टर-51 से अंतिम ट्रेन रात 10 बजे प्रस्थान करती है, जबकि बीच के स्टेशनों पर अंतिम ट्रेन का समय दिशा के अनुसार अलग-अलग है।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना अब किस स्थिति में है?
ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लिए पहले एक लंबे कॉरिडोर की योजना पर चर्चा होती रही थी, लेकिन मौजूदा संशोधित परियोजना 8.4 किलोमीटर के पांच स्टेशन वाले कॉरिडोर पर केंद्रित है। जुलाई 2026 में PIB ने इस परियोजना को मंजूरी दी थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित स्टेशन सेक्टर-61, सेक्टर-70, सेक्टर-122, सेक्टर-123 और ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4/गौर चौक हैं।
यहां एक महत्वपूर्ण बात यह है कि यह कॉरिडोर अभी यात्रियों के लिए चालू नहीं हुआ है। सितंबर 2026 में NMRC की ओर से बताया गया कि परियोजना के लिए आवश्यक NOC मिल चुके हैं और आगे की प्रक्रिया में केंद्रीय स्तर की मंजूरी के बाद टेंडर जारी किया जाना है। अधिकारियों के अनुसार परियोजना की अनुमानित लागत करीब 2,000 करोड़ रुपये है और निर्माण शुरू होने के बाद इसे पूरा करने में लगभग चार वर्ष लगने का अनुमान है।
सेक्टर-61 क्यों होगा महत्वपूर्ण?
प्रस्तावित कॉरिडोर में सेक्टर-61 एक महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्वाइंट होगा। यहां यात्रियों को दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से इंटरचेंज की सुविधा मिलने की योजना है। इससे ग्रेटर नोएडा वेस्ट से आने वाले यात्रियों के लिए दिल्ली और नोएडा के अन्य हिस्सों तक पहुंच का विकल्प बढ़ सकता है।
फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट के यात्रियों को मेट्रो के लिए मुख्य रूप से सड़क मार्ग से मौजूदा स्टेशनों तक पहुंचना पड़ता है। प्रस्तावित कॉरिडोर का उद्देश्य इस क्षेत्र को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना और सड़क आधारित आवागमन पर निर्भरता कम करने का विकल्प उपलब्ध कराना है।
मौजूदा एक्वा लाइन और नई परियोजना में अंतर
मौजूदा एक्वा लाइन पहले से चालू 29.7 किलोमीटर का 21-स्टेशन नेटवर्क है, जो सेक्टर-51 से डिपो स्टेशन तक यात्रियों को सेवा देती है। वहीं ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो नई परियोजना है, जिसकी संशोधित लंबाई 8.4 किलोमीटर और प्रस्तावित स्टेशन पांच हैं। इसलिए दोनों को एक ही मौजूदा रूट मानना सही नहीं होगा। ग्रेटर नोएडा वेस्ट परियोजना के आगे बढ़ने से सेक्टर-4, गौर चौक और आसपास के आवासीय क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से सीधा संपर्क मिलने की संभावना है। हालांकि, यात्रियों को यह ध्यान रखना होगा कि 2026 में यह कॉरिडोर अभी परिचालन में नहीं है और इसके लिए निर्माण तथा आगे की स्वीकृति प्रक्रिया पूरी होना बाकी है।

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