नोएडा, रफ़्तार टूडे। मानसून के दौरान शहर में जलभराव की संभावित समस्या से निपटने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने अपनी तैयारियों को और तेज कर दिया है। इसी क्रम में मंगलवार को प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने विभिन्न आवासीय, संस्थागत और औद्योगिक सेक्टरों का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों की टीम ने जल निकासी व्यवस्था, नालियों और संवेदनशील स्थानों की स्थिति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सेक्टर-105, सेक्टर-108, सेक्टर-91, सेक्टर-137 और सेक्टर-83 सहित कई क्षेत्रों का दौरा किया गया। प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक निरीक्षण के दौरान सभी प्रमुख स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था संतोषजनक पाई गई और किसी भी स्थान पर गंभीर जलभराव की स्थिति नहीं मिली।

बारिश में जलभराव रोकने के लिए प्राधिकरण अलर्ट

नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों ने बताया कि मानसून को देखते हुए जल निकासी व्यवस्था को लेकर लगातार निगरानी की जा रही है। जिन स्थानों पर पूर्व में जलभराव की शिकायतें या संभावना रही है, वहां विशेष निगरानी रखी जा रही है। जरूरत के अनुसार पंपिंग सेट, सफाई दल और अन्य संसाधनों को तत्काल सक्रिय करने की व्यवस्था भी की गई है। निरीक्षण के दौरान वर्क सर्किल-8 के वरिष्ठ प्रबंधक रोहित सिंह तथा संबंधित अवर अभियंता विक्रम मोंगा भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मौके पर जल निकासी से जुड़े इंतजामों की जानकारी ली और संबंधित कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

CEO कृष्णा करुणेश ने दिए सतर्क रहने के निर्देश

नोएडा प्राधिकरण के CEO कृष्णा करुणेश ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान शहर में जलभराव की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। उन्होंने कहा कि मानसून के दौरान अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है तथा सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करना होगा। CEO कृष्णा करुणेश ने कहा, “नोएडा में बारिश के दौरान नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। सभी वर्क सर्किल और संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया है कि संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखें। यदि कहीं जलभराव की स्थिति बनती है तो तत्काल टीम भेजकर पानी की निकासी कराई जाए। नागरिकों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।” उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि केवल बारिश के बाद ही नहीं, बल्कि बारिश के दौरान भी फील्ड में सक्रिय रहकर स्थिति पर नजर रखी जाए।

GM ए.के. अरोड़ा बोले- नालियों और जल निकासी व्यवस्था पर लगातार नजर

प्राधिकरण के महाप्रबंधक (सिविल) ए.के. अरोड़ा ने निरीक्षण के दौरान जल निकासी व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि नालियों की सफाई, जल निकासी मार्गों और पंपिंग व्यवस्था को लगातार दुरुस्त रखा जाए। GM ए.के. अरोड़ा ने कहा, “बारिश को देखते हुए प्राधिकरण की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। आज जिन सेक्टरों का निरीक्षण किया गया, वहां जल निकासी व्यवस्था संतोषजनक मिली और किसी स्थान पर जलभराव नहीं पाया गया। इसके बावजूद बारिश के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही की गुंजाइश नहीं है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जल निकासी के मार्गों की नियमित निगरानी करें और समस्या सामने आते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।”

संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी

प्राधिकरण की ओर से बारिश के दौरान जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नालियों और ड्रेनेज सिस्टम में किसी तरह की रुकावट न हो तथा जहां आवश्यकता हो, वहां मशीनरी और पंप तत्काल उपलब्ध कराए जाएं। प्राधिकरण का कहना है कि मानसून के दौरान फील्ड अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है। अधिकारियों द्वारा अलग-अलग सेक्टरों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति की समीक्षा की जाएगी।

मंगलवार के निरीक्षण में फिलहाल सेक्टर-105, 108, 91, 137 और 83 में जल निकासी व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि बारिश के दौरान किसी भी क्षेत्र में जलभराव की सूचना मिलने पर संबंधित टीम को तत्काल मौके पर भेजकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाएगी।