ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GNIDA) ने आईटी/आईटीईएस योजना के तहत आवंटित प्लॉट संख्या-07, सेक्टर टेकजोन-04, ग्रेटर नोएडा को लेकर M/s A.L. Softweb Pvt. Ltd. को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्राधिकरण ने कंपनी से प्लॉट पर निर्मित/विकसित यूनिट्स की बिक्री, त्रिपक्षीय सब-लीज डीड और परियोजना की शर्तों के अनुपालन से संबंधित कई बिंदुओं पर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। प्राधिकरण की ओर से जारी नोटिस 7 अगस्त 2026 का है। इसमें कंपनी को नोटिस प्राप्त होने की तिथि से 7 दिनों के भीतर लिखित रूप से अपना पक्ष प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं देने पर प्राधिकरण ने नियमानुसार कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
प्लॉट पर यूनिट्स बेचने की जानकारी, प्राधिकरण में नहीं कराई गई सूचना
नोटिस के अनुसार आईटी/आईटीईएस योजना के तहत प्लॉट संख्या-07, सेक्टर टेकजोन-04 कंपनी को आवंटित किया गया था। इस प्लॉट पर निर्मित/विकसित यूनिट्स को कंपनी द्वारा विभिन्न क्रेताओं को बेचे जाने का उल्लेख प्राधिकरण ने किया है। प्राधिकरण का कहना है कि इन बेची गई यूनिट्स के संबंध में कंपनी की ओर से अब तक आईटी विभाग में आवश्यक सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई है। साथ ही, बेची गई यूनिट्स के संबंध में त्रिपक्षीय सब-लीज डीड निष्पादित कराने की अनुमति भी वर्तमान तक प्राप्त नहीं की गई है।
24 जून को करीब 8 क्रेताओं ने प्राधिकरण को दी थी जानकारी
नोटिस में कहा गया है कि कंपनी द्वारा बेची गई यूनिट्स के करीब 8 क्रेता 24 जून 2026 को व्यक्तिगत रूप से प्राधिकरण कार्यालय पहुंचे थे। इन क्रेताओं ने लिखित रूप से प्राधिकरण को अवगत कराया कि कंपनी द्वारा अब तक संपूर्ण परियोजना का निर्माण पूरा नहीं किया गया है और न ही प्लॉट पर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। नोटिस के अनुसार इसके बावजूद कंपनी की ओर से यूनिट के क्रेताओं को कब्जा देने तथा मेंटेनेंस शुल्क की मांग किए जाने की बात सामने आई है।
बिना सब-लीज डीड की अनुमति के कब्जा देने पर सवाल : OSD लवलीत कौर
GNIDA सीईओ NG रवि कुमार ने निर्देश पर OSD लवलीत कौर ने अपने नोटिस में कंपनी से यह स्पष्ट करने को कहा है कि प्राधिकरण से त्रिपक्षीय सब-लीज डीड की अनुमति प्राप्त किए बिना प्लॉट पर निर्मित यूनिट्स के क्रेताओं को कब्जा किस आधार पर दिया जा रहा है। प्राधिकरण ने कंपनी द्वारा विकसित परियोजना में फायर, लिफ्ट संचालन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी भी मांगी है।
इसके साथ ही कंपनी से संबंधित दस्तावेज और सूचना आईटी विभाग में लिखित रूप से उपलब्ध कराने को कहा गया था। इसके लिए प्राधिकरण ने 8 जुलाई 2026 को पत्र भी भेजा था, लेकिन नोटिस के अनुसार कंपनी की ओर से अभी तक लिखित स्पष्टीकरण उपलब्ध नहीं कराया गया है।
योजना, आवंटन और पट्टा प्रलेख की शर्तों के उल्लंघन का आरोप
प्राधिकरण ने नोटिस में स्पष्ट किया है कि उपलब्ध तथ्यों से प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि कंपनी द्वारा योजना, आवंटन एवं पट्टा प्रलेख की शर्तों का उल्लंघन किया जा रहा है। इसी आधार पर कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा गया है कि वह निर्धारित अवधि में अपना विस्तृत लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करे।
7 दिन में जवाब नहीं दिया तो कार्रवाई के लिए GNIDA स्वतंत्र
GNIDA ने कंपनी को निर्देश दिया है कि नोटिस जारी होने की तिथि से 7 दिनों की अवधि के भीतर प्राधिकरण में लिखित रूप से अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया जाए। कंपनी को विशेष रूप से यह बताना होगा कि बिना त्रिपक्षीय सब-लीज डीड की अनुमति के निर्मित यूनिट्स के क्रेताओं को कब्जा किस आधार पर दिया जा रहा है। इसके अलावा कंपनी को यह भी स्पष्ट करना होगा कि उसके द्वारा विकसित परियोजना में फायर सेफ्टी, लिफ्ट संचालन और अन्य आवश्यक सुविधाओं के संबंध में अब तक क्या कार्रवाई की गई है। प्राधिकरण ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में कंपनी की ओर से लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया जाता है तो GNIDA अपने स्तर पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र होगा।
अब कंपनी के जवाब पर टिकी निगाहें
GNIDA के इस नोटिस के बाद टेकजोन-04 स्थित उक्त परियोजना में यूनिट खरीदने वाले लोगों के बीच भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो सकती है। फिलहाल प्राधिकरण ने कंपनी से उसका पक्ष और संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। अब महत्वपूर्ण यह होगा कि A.L. Softweb Pvt. Ltd. निर्धारित सात दिनों में प्राधिकरण के सामने क्या स्पष्टीकरण प्रस्तुत करती है और परियोजना से जुड़े क्रेताओं की शिकायतों तथा सुविधाओं से संबंधित मुद्दों पर क्या स्थिति सामने आती है।

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