गुड़गांव36 मिनट पहले

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महिला उद्यमी स्मिता बनर्जी - Dainik Bhaskar

महिला उद्यमी स्मिता बनर्जी

  • ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं की स्थिति अभी भी कष्टकर बनी हुई है और हमें इस ओर विशेष ध्यान देना होगा।

खासकर ग्रामीण क्षेत्र व परिवेश में रहने वाली महिलाओं को सशक्त बनाने और बाल शिक्षा को बढ़ावा देने से लेकर जल व पर्यावरण संरक्षण को लेकर सामूहिक तौर पर काम करने की जरुरत है। देशभर में इन मुद्दों पर लंबे समय से काम करने वाली उभरती हुई उद्यमी स्मिता बनर्जी सासमल ने यहां कहा कि खासकर ग्रामीण महिलाओं और बालिकाओं की स्थिति अभी भी कष्टकर बनी हुई है और हमें इस ओर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने पर्यावरण व जल संरक्षण के मुद्दे पर भी देशभर में मुहिम चलाकर काम करने की आवश्यकता बताई।

एनजीओ के माध्यम से समाज कल्याण के क्षेत्र में योजनाएं चलाने वालीं उद्यमी स्मिता बनर्जी सासमल

‘एमपी की बेटी’ के नाम से जानी जाती हैं और पिछले दिनों एशिया-वन ने उन्हें यूएई में संयुक्त राष्ट्र व ग्लोबल कॉम्पेक्ट नेटवर्क के सहयोग से महिला सशक्तिकरण क्षेत्र में बेहतर काम करने को लेकर प्रतिष्ठित ‘ब्लैक स्वान' अवार्ड से सम्मानित किया था। यह अवार्ड ग्रामीण भारत में महिलाओं और बच्चों की समस्याओं को उठाने व उनका हल ढूंढने के प्रयासों का समर्थन करता है।

स्मिता ने कहा कि खासकर, बड़े व आधुनिक शहरों में रहने वालों को जल व पर्यावरण संरक्षण के मुद्दे पर बिना समय गंवाये काम करने की जरुरत है। परिस्थितियां हाथ से निकलतीं जा रहीं हैं। वरना, हमें यथोचित परिणाम प्राप्ति के लिए अधिक धन-संसाधनों का इस्तेमाल करना पड़ेगा। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण व ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को कम करने को लेकर वैश्विक स्तर पर चल रहीं बैठकों के मद्देनज़र कहा कि विकसित देश भारत जैसे बड़ी आबादी व विकासशील देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को निभाने में जो बहानेबाज़ी कर रहे हैं, ठीक नहीं है। सबसे पहले पर्यावरण संरक्षण को पवित्र कार्य और ग्रीन हाउस गैसों के उत्सर्जन को बड़ी चुनौती के तौर पर देखने के साथ ही इसके निदान को लेकर कृत-संकल्पित होना पड़ेगा।

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