नोएडा, रफ़्तार टूडे। मेदांता नोएडा ने अपने क्लिनिकल संचालन के एक वर्ष पूरे कर लिए हैं। अस्पताल प्रबंधन के मुताबिक इस दौरान अस्पताल में 3 लाख से अधिक ओपीडी विजिट दर्ज की गईं और 75 हजार से अधिक मरीजों का उपचार किया गया। इस अवधि में 15 हजार से अधिक सर्जरी और अन्य प्रक्रियाएं भी की गईं, जिनमें 240 से अधिक रोबोटिक सर्जरी तथा 40 से अधिक वाल्व रिप्लेसमेंट प्रक्रियाएं शामिल हैं।
550 बेड की क्षमता वाले मेदांता नोएडा के अनुसार, पहले वर्ष के ये आंकड़े नोएडा और आसपास के क्षेत्रों में विशेषज्ञ एवं जटिल चिकित्सा सेवाओं की मांग को दर्शाते हैं। अस्पताल का कहना है कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के मरीजों को अब कई विशेषज्ञ उपचार अपने क्षेत्र के नजदीक उपलब्ध हो रहे हैं।
जटिल इलाज और आधुनिक तकनीक पर फोकस
मेदांता के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. नरेश त्रेहान ने कहा कि मेदांता नोएडा की स्थापना केवल एक नए अस्पताल के तौर पर नहीं, बल्कि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।
उन्होंने कहा कि पहले वर्ष के अनुभव से यह सामने आया है कि क्षेत्र में आधुनिक और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की आवश्यकता है तथा मरीजों का भरोसा भी बढ़ रहा है। उनके अनुसार, विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम, आधुनिक तकनीक और विभिन्न चिकित्सा विभागों के बीच समन्वय के माध्यम से जटिल मामलों का उपचार किया जा रहा है।
डॉ. त्रेहान ने कहा कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ देश के अन्य हिस्सों तथा विदेशों से आने वाले मरीजों को भी विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने नोएडा में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल की संभावनाओं का भी उल्लेख करते हुए कहा कि उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार से नोएडा इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
240 से अधिक रोबोटिक सर्जरी
अस्पताल के मुताबिक, पहले वर्ष में 240 से अधिक रोबोटिक सर्जरी की गई हैं। इसके अलावा जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए 40 से अधिक वाल्व रिप्लेसमेंट प्रक्रियाएं भी की गईं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इन प्रक्रियाओं में विशेषज्ञ चिकित्सकों की भूमिका के साथ आधुनिक तकनीक और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय महत्वपूर्ण रहा। रोबोटिक सर्जरी के अलावा अस्पताल में आधुनिक डायग्नोस्टिक और इंटरवेंशनल तकनीक की सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
अस्पताल का कहना है कि इन तकनीकों का इस्तेमाल जटिल उपचार को अधिक सटीक तरीके से करने और उपयुक्त मामलों में कम चीरा लगाने वाली प्रक्रियाओं के विकल्प उपलब्ध कराने के लिए किया जाता है।

30 हजार से अधिक हेल्थ स्क्रीनिंग
मेदांता नोएडा के अनुसार, अस्पताल में अब तक 30 हजार से अधिक हेल्थ स्क्रीनिंग भी की जा चुकी हैं। अस्पताल प्रबंधन इसे निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और शुरुआती स्तर पर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की पहचान की दिशा में अपनी गतिविधियों का हिस्सा बता रहा है।
अस्पताल का कहना है कि उसका फोकस केवल जटिल बीमारियों के उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य जांच, विशेषज्ञ परामर्श, डायग्नोस्टिक सेवाओं और आवश्यक उपचार को एकीकृत तरीके से उपलब्ध कराने पर भी है।
नोएडा में बढ़ रही विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाओं की भूमिका
पहले वर्ष के आंकड़ों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मेदांता नोएडा में आने वाले मरीज केवल आसपास के इलाकों तक सीमित नहीं हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों से भी मरीज विशेषज्ञ उपचार के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं।
नोएडा में सुपर-स्पेशियलिटी अस्पतालों, आधुनिक जांच सुविधाओं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ने के साथ क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा भी विस्तार पा रहा है। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इससे उन मरीजों को स्थानीय स्तर पर उपचार का विकल्प मिल सकता है, जिन्हें पहले जटिल इलाज के लिए दिल्ली या अन्य बड़े चिकित्सा केंद्रों का रुख करना पड़ता था।
मेडिकल वैल्यू ट्रैवल की संभावनाओं पर नजर
मेदांता नोएडा ने आने वाले समय में मेडिकल वैल्यू ट्रैवल को भी अपनी विकास रणनीति का एक हिस्सा बताया है। अस्पताल के अनुसार, एनसीआर में इसकी स्थिति, विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं और आधुनिक तकनीक की उपलब्धता देश के विभिन्न हिस्सों के साथ अंतरराष्ट्रीय मरीजों के लिए भी उपचार का आधार तैयार कर सकती है।
अस्पताल प्रबंधन ने विशेष रूप से मध्य पूर्व और अफ्रीका समेत अन्य देशों से आने वाले मरीजों के लिए नोएडा की संभावनाओं का उल्लेख किया। हालांकि, मेडिकल वैल्यू ट्रैवल के विस्तार के लिए चिकित्सा सुविधाओं के साथ मरीजों के आवागमन, आवास, वीजा सहायता और अन्य संबंधित सेवाओं का विकास भी महत्वपूर्ण होगा।
अगले चरण में विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार पर जोर
मेदांता नोएडा के अनुसार, अस्पताल अब अपने संचालन के अगले चरण में प्रवेश कर रहा है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं को और मजबूत करने, आधुनिक तकनीक का विस्तार करने तथा अधिक मरीजों तक जटिल और विशेषज्ञ उपचार पहुंचाने पर ध्यान दिया जाएगा।
पहले वर्ष में दर्ज मरीजों, ओपीडी विजिट, सर्जरी, रोबोटिक प्रक्रियाओं और हेल्थ स्क्रीनिंग के आंकड़ों के आधार पर अस्पताल प्रबंधन नोएडा को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे बढ़ने की बात कह रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये चिकित्सक रहे मौजूद
प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. दीपक गोविल, डायरेक्टर, जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑन्को सर्जरी; डॉ. विवेक टंडन, डायरेक्टर, जीआई सर्जरी एवं जीआई ऑन्को सर्जरी; डॉ. संजय गुप्ता, डायरेक्टर, ऑर्थोपेडिक्स; डॉ. संजय कुमार, डायरेक्टर, सीटीवीएस; डॉ. दुश्यंत नडार, डायरेक्टर एवं प्रमुख, यूरोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी; डॉ. मनोज सिंघल, डायरेक्टर एवं एचओडी, नेफ्रोलॉजी; डॉ. तरुण कुमार, एसोसिएट डायरेक्टर, रोबोटिक्स, एमआईएस एवं जनरल सर्जरी; डॉ. राहुल गुप्ता, एसोसिएट डायरेक्टर, किडनी एवं यूरोलॉजी इंस्टीट्यूट तथा डॉ. प्रिया बंसल, सीनियर कंसल्टेंट, गायनेकोलॉजी एवं गायनेको-ऑन्कोलॉजी सहित अन्य चिकित्सक मौजूद रहे।

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