ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। जीएनआईओटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के एमबीए संस्थान में नवप्रवेशित विद्यार्थियों की नई शैक्षणिक एवं व्यावसायिक यात्रा को नई दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित तीन दिवसीय ‘नवांकुर 2026–अभिमुखीकरण कार्यक्रम’ का भव्य समापन हुआ। कार्यक्रम में करीब 1,000 एमबीए एवं इंटीग्रेटेड एमबीए विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पांचवीं बार लोकसभा सांसद, कोयला, खान एवं इस्पात संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग सिंह ठाकुर रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भारत को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने और दुनिया की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने की जिम्मेदारी आज के युवाओं के कंधों पर है।

‘नौकरी तलाशने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा’

अनुराग ठाकुर ने कहा कि आज का युवा केवल नौकरी पाने तक सीमित नहीं है, बल्कि स्टार्टअप, नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से रोजगार सृजन की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत में स्टार्टअप इकोसिस्टम ने युवाओं की सोच में बड़ा बदलाव किया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में देश में करीब 350 मान्यता प्राप्त स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या दो लाख से अधिक हो चुकी है। उन्होंने यूनिकॉर्न की संख्या में हुई वृद्धि का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में अब 100 से अधिक यूनिकॉर्न कंपनियां हैं। उनके मुताबिक यह बदलाव केवल नीतियों का परिणाम नहीं, बल्कि युवाओं की बदली हुई सोच और उद्यमशीलता का परिणाम भी है।

ठाकुर ने विद्यार्थियों से कहा कि “नौकरी तलाशने वाला बनने के बजाय रोजगार पैदा करने वाला युवा बनने की सोच विकसित करें।” उन्होंने कहा कि प्रबंधन के विद्यार्थियों की जिम्मेदारी और भी बड़ी है, क्योंकि आने वाले समय में उद्योग, व्यवसाय और संस्थानों का नेतृत्व आज की यही युवा पीढ़ी करेगी।

‘2047 तक विकसित भारत बनाना है’

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए अनुराग ठाकुर ने कहा कि अगले दो दशकों में देश को विकसित भारत बनाने का लक्ष्य सामने है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने व्यक्तिगत करियर के साथ राष्ट्र निर्माण को भी अपने लक्ष्यों में शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और यदि वे अपनी ऊर्जा, प्रतिभा, तकनीकी ज्ञान तथा नवाचार की क्षमता का सही दिशा में इस्तेमाल करें तो भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में पहुंचने से कोई नहीं रोक सकता।

MP अनुराग ठाकुर के साथ GIMS के सीईओ स्वदेश कमार

सोशल मीडिया पर नहीं, अपनी उपलब्धियों पर बनाएं पहचान

अनुराग ठाकुर ने युवाओं को सोशल मीडिया के अत्यधिक प्रभाव से बचने की सलाह देते हुए कहा कि युवाओं को अपने फॉलोअर्स की संख्या से ज्यादा अपने इम्पैक्ट पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वायरलिटी और फॉलोअर्स के पीछे भागने के बजाय अपनी पहचान और उपलब्धियां बनाने पर ध्यान दें। उन्होंने कहा कि युवाओं को सवाल पूछने चाहिए, अपनी राय व्यक्त करनी चाहिए और लोकतांत्रिक संवाद में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि विचारों में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन अलग विचारों का सम्मान लोकतंत्र की महत्वपूर्ण ताकत है।

जापान का उदाहरण देकर स्वच्छता और अनुशासन का संदेश

ठाकुर ने विद्यार्थियों को जापान की कार्य संस्कृति और अनुशासन का उदाहरण देते हुए कहा कि जापान के नागरिक सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता को अपनी जिम्मेदारी मानते हैं। उन्होंने 2018 फुटबॉल विश्व कप के दौरान जापानी दर्शकों द्वारा स्टेडियम में सफाई रखने और जापानी खिलाड़ियों द्वारा ड्रेसिंग रूम को साफ छोड़ने की घटना का उल्लेख किया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि नागरिक अनुशासन, स्वच्छता, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच भी जरूरी है।

‘तकनीक बदल रही है, युवाओं को बदलती दुनिया के लिए तैयार रहना होगा’

उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल परिवर्तन और नई तकनीकों ने उद्योग जगत की कार्यप्रणाली तेजी से बदल दी है। ऐसे में विद्यार्थियों को केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कंपनियां अब ऐसे युवाओं की तलाश कर रही हैं, जिनके पास अकादमिक ज्ञान के साथ समस्या समाधान क्षमता, नेतृत्व, संचार कौशल, रचनात्मक सोच, अनुकूलनशीलता और टीम के साथ काम करने की क्षमता हो। उन्होंने विद्यार्थियों को संस्थान में उपलब्ध इंटर्नशिप, प्रशिक्षण और उद्योग से जुड़ने के अवसरों का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी।

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‘जीवन की असली परीक्षा कक्षा के बाहर होगी’

अनुराग ठाकुर ने कहा कि कॉलेज की परीक्षाओं में सफलता महत्वपूर्ण है, लेकिन जीवन की वास्तविक परीक्षा किसी निर्धारित पाठ्यक्रम के अनुसार नहीं होती। उन्होंने विद्यार्थियों से असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में विद्यार्थियों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा, लेकिन वही चुनौतियां उन्हें बेहतर पेशेवर और बेहतर इंसान बनाएंगी। उन्होंने युवाओं से जिज्ञासु बने रहने, लगातार सीखने और अपने अंदर की क्षमता को पहचानने का आह्वान किया।

शिक्षा और युवाओं के लिए योजनाओं का किया उल्लेख

अनुराग ठाकुर ने शिक्षा के क्षेत्र में हुए विस्तार का उल्लेख करते हुए आईआईटी, आईआईएम, एम्स, मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालयों और एमबीबीएस सीटों की संख्या में वृद्धि के आंकड़े भी सामने रखे। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना, प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना और एमवाई भारत जैसे कार्यक्रमों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल, इंटर्नशिप, उद्यमिता और स्वयंसेवा के कई अवसर उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को इन अवसरों का उपयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना चाहिए।

विधायक एवं पूर्व आईपीएस आनंद मिश्रा ने दिया नेतृत्व का संदेश

कार्यक्रम में बक्सर, बिहार के विधायक एवं पूर्व आईपीएस अधिकारी आनंद मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल डिग्री हासिल करने का समय नहीं, बल्कि चरित्र, नेतृत्व और दृष्टिकोण विकसित करने का महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने कहा कि वास्तविक नेतृत्व दूसरों को निर्देश देने में नहीं, बल्कि स्वयं उदाहरण प्रस्तुत करने और जिम्मेदारी स्वीकार करने में है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, समय के सम्मान, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

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उद्योग विशेषज्ञों ने बताए करियर के नए रास्ते

तीन दिवसीय कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों के साथ संवाद किया। हर्षवर्धन जैन, मोटिवेशनल स्पीकर, बिजनेस कोच एवं डिजिटल कंटेंट क्रिएटर ने सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास को सफलता की कुंजी बताया। डॉ. स्वर्णप्रीत सिंह, एवीपी (एचआर) एवं कैंपस लीड, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने कॉर्पोरेट जगत की अपेक्षाओं और रोजगार योग्य कौशल पर जानकारी दी। राजीव नैथानी, मुख्य जन अधिकारी, पर्सिस्टेंट सिस्टम्स ने तकनीकी बदलाव और भविष्य के कार्यस्थल पर चर्चा की। वहीं निमिषा पाठक, महाप्रबंधक, सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने कॉर्पोरेट संस्कृति, डिजिटल परिवर्तन और नवाचार से जुड़े पहलुओं पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। अभिनेता एवं कवि दिनेश बावरा ने कविता, हास्य और अभिनय के माध्यम से विद्यार्थियों का मनोरंजन किया।

संस्थान के पदाधिकारियों ने किया विद्यार्थियों का स्वागत

जीएनआईओटी ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने कहा कि प्रबंधन शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि नेतृत्व, नवाचार और राष्ट्र निर्माण की भावना से युक्त युवा तैयार करना है। उपाध्यक्ष गौरव गुप्ता ने विद्यार्थियों को नई शैक्षणिक यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं और संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक, कॉर्पोरेट तथा सह-पाठ्यक्रमीय अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। मुख्य कार्यकारी अधिकारी स्वदेश कुमार सिंह ने कहा कि वर्तमान प्रतिस्पर्धी दौर में प्रबंधन पेशेवरों के लिए अकादमिक ज्ञान के साथ संचार कौशल, नेतृत्व, अनुकूलनशीलता और व्यावहारिक अनुभव आवश्यक है। प्रबंधन सदस्य वंश गुप्ता ने भी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए व्यक्तित्व एवं व्यावसायिक कौशल विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

एमबीए संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए संस्थान की शैक्षणिक दृष्टि और उद्योग-अकादमिक जुड़ाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रबंधन शिक्षा विद्यार्थियों को वास्तविक कारोबारी परिस्थितियों, समस्या समाधान और नेतृत्व के लिए तैयार करती है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने संगीत, नृत्य, कविता और अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने पूरे कार्यक्रम को जीवंत बना दिया। तीन दिनों तक चले ‘नवांकुर 2026’ में विद्यार्थियों को अकादमिक शिक्षा के साथ उद्योग की बदलती आवश्यकताओं, नेतृत्व, नवाचार, तकनीकी बदलाव, व्यक्तित्व विकास और रोजगार के नए अवसरों से परिचित कराया गया। ‘नवांकुर 2026’ का संदेश स्पष्ट रहा—डिग्री के साथ कौशल, ज्ञान के साथ नेतृत्व और व्यक्तिगत सफलता के साथ राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी। कार्यक्रम के समापन पर विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और आत्मविश्वास दिखाई दिया। आयोजन का सफल संचालन डॉ. राजेश कुमार गुप्ता, गौरव गुप्ता, स्वदेश कुमार सिंह, वंश गुप्ता और डॉ. अंशुल शर्मा के मार्गदर्शन में हुआ।