गौतमबुद्ध नगररफ़्तार टूडे 

जनपद गौतमबुद्ध नगर के औद्योगिक परिदृश्य में इस समय एक बड़ा मुद्दा उभरकर सामने आया है। इंडस्ट्रियलबिजनेस एसोसिएशन (IBA) के नेतृत्व में उद्यमियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने एमएसएमई सेक्टर पर बढ़ते आर्थिकदबाव और हालिया वेतन वृद्धि के प्रभाव को लेकर लखनऊ स्थित औद्योगिक विकास आयुक्त (IIDC) कोसंबोधित एक महत्वपूर्ण ज्ञापन प्रेषित किया।

महंगाई और लागत ने बढ़ाई चिंता—MSME सेक्टर संकट में

ज्ञापन में उद्यमियों ने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में MSME उद्योग कई गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामनाकर रहे हैंजिनमें प्रमुख हैं

कच्चे माल की लगातार बढ़ती कीमतें

ऊर्जा (बिजलीलागत में भारी वृद्धि

हालिया वेतन वृद्धि का अतिरिक्त दबाव

जटिल नियम एवं नियामकीय प्रक्रियाएं

बाजार में अनिश्चितता और मांग में उतार-चढ़ाव

इन सभी कारकों ने मिलकर छोटे और मध्यम उद्योगों की वित्तीय स्थिति को कमजोर कर दिया है।

प्रशासन ने सुनी समस्याएंजल्द समाधान का आश्वासन

इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर मौजूद रही और उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता सेसुना।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि— सभी मांगों पर शासन स्तर पर सकारात्मक विचार किया जाएगा

समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का प्रयास होगा

उद्योगों को राहत देने के लिए नीतिगत कदम जल्द उठाए जाएंगे

नीतिगत समर्थन की मांगउद्योगों को चाहिए तत्काल राहत

IBA के पदाधिकारियों ने सरकार से अपील की कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उद्योगों को तत्काल नीतिसमर्थन दिया जाए। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते संतुलित और व्यावहारिक निर्णय नहीं लिए गएतो

उद्योगों की निरंतरता प्रभावित हो सकती है

रोजगार के अवसरों पर संकट  सकता है

स्थानीय अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगीबैठक बनी अहम

इस दौरान कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहेजिनमें प्रमुख रूप से— दीपक कुमार (औद्योगिकविकास आयुक्त), आलोक कुमार (अपर मुख्य सचिवऔद्योगिक विकास)

मेधा रूपम (जिलाधिकारीगौतमबुद्ध नगर), नवीन कुमार सिंहपंकज निरंजनराकेश द्विवेदी की गरिमामयीउपस्थिति रही।

“IBA नेतृत्व की सक्रिय भूमिकाउद्योगों की आवाज बना संगठन

इस प्रतिनिधिमंडल में IBA के कई प्रमुख पदाधिकारी भी शामिल रहे— सुनील दत्त शर्मा (महासचिव)

नरेश चौहानश्री सुधीर त्यागीश्री किशन शर्माडॉखुशबू सिंह

साथ ही अन्य औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

उम्मीद की किरणसरकार से समाधान की आस

IBA के पदाधिकारियों ने विश्वास जताया कि शासन और प्रशासन उद्यमियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुएशीघ्र समाधान करेगा। उनका मानना है कि यदि समय पर उचित कदम उठाए गएतो

उद्योगों की निरंतरता बनी रहेगी

रोजगार सुरक्षित रहेगा

क्षेत्रीय आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी

MSME को बचाना मतलब अर्थव्यवस्था को मजबूत करना

गौतमबुद्ध नगर का MSME सेक्टर स्थानीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। ऐसे में इस सेक्टर को राहत देना केवलउद्योगों के लिए नहींबल्कि पूरी आर्थिक व्यवस्था के लिए जरूरी है।

अब सबकी निगाहें शासन के अगले कदम पर टिकी हैंक्या MSME को समय पर राहत मिल पाएगी या संकटऔर गहराएगा?