देर रात बर्थडे पार्टी से लौटते समय हुआ हादसा, लिफ्ट में फंसे व्यक्ति ने ARD सिस्टम और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट स्थित HNS मॉल में देर रात लिफ्ट के अचानक बंद हो जाने से आठ लोगों के करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने का मामला सामने आया है। लिफ्ट में फंसे एक व्यक्ति के अनुसार, सभी लोग बर्थडे पार्टी से लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक लिफ्ट बंद हो गई और वे काफी देर तक उसके अंदर फंसे रहे।

पीड़ित व्यक्ति का कहना है कि लिफ्ट के अंदर मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध नहीं था। इसके चलते लिफ्ट में फंसे लोग बाहर मौजूद किसी व्यक्ति से फोन के माध्यम से संपर्क नहीं कर सके। करीब एक घंटे तक लिफ्ट में फंसे रहने के कारण लोगों में घबराहट की स्थिति बनी रही।

लिफ्ट में आठ लोगों के फंसने का दावा

लिफ्ट में फंसे व्यक्ति के मुताबिक, घटना देर रात की है। बर्थडे पार्टी से लौटते समय आठ लोग मॉल की लिफ्ट में सवार हुए थे। कुछ देर बाद लिफ्ट अचानक रुक गई। काफी प्रयास के बावजूद लिफ्ट आगे नहीं बढ़ी। घटना के बाद अंदर मौजूद लोगों ने मदद की कोशिश की, लेकिन मोबाइल नेटवर्क नहीं होने के कारण बाहरी लोगों से संपर्क करना मुश्किल हो गया। पीड़ित का दावा है कि करीब एक घंटे तक सभी लोग लिफ्ट के अंदर ही फंसे रहे।

ARD सिस्टम पर उठे सवाल

घटना के बाद लिफ्ट की Automatic Rescue Device (ARD) यानी ऑटोमैटिक रेस्क्यू सिस्टम को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सामान्य तौर पर ARD का उद्देश्य बिजली आपूर्ति बाधित होने या लिफ्ट के रुकने जैसी स्थिति में यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नजदीकी फ्लोर तक पहुंचाने में मदद करना होता है। हालांकि, इस मामले में ARD सिस्टम ने किस तरह काम किया और लिफ्ट क्यों बंद हुई, इसकी तकनीकी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। इसकी पुष्टि तकनीकी जांच या संबंधित प्रबंधन की आधिकारिक जानकारी के बाद ही हो सकेगी।

मोबाइल नेटवर्क की सुविधा नहीं होने से बढ़ी परेशानी

लिफ्ट में मोबाइल नेटवर्क नहीं आने का मुद्दा भी घटना के बाद सामने आया है। पीड़ित व्यक्ति का कहना है कि अगर लिफ्ट के अंदर मोबाइल नेटवर्क या कोई प्रभावी वैकल्पिक संचार व्यवस्था उपलब्ध होती तो आपात स्थिति में बाहर मौजूद लोगों से तुरंत संपर्क किया जा सकता था। ऐसे में सवाल यह भी है कि सार्वजनिक स्थानों पर मौजूद लिफ्टों में आपातकालीन स्थिति के लिए किस प्रकार की संचार और रेस्क्यू व्यवस्था उपलब्ध है और उसकी नियमित जांच किस स्तर पर होती है।

पुलिस और संबंधित अधिकारियों से कार्रवाई की मांग

घटना की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से नोएडा पुलिस, उत्तर प्रदेश पुलिस और डीसीपी सेंट्रल नोएडा को टैग करते हुए साझा की गई है। संबंधित व्यक्ति ने घटना को लेकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच और जिम्मेदार पक्ष से जवाब की मांग की है। फिलहाल घटना के संबंध में मॉल प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लिफ्ट कितनी देर तक बंद रही, तकनीकी खराबी का कारण क्या था और ARD सिस्टम ने उस समय काम किया या नहीं—इन बिंदुओं की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।