सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 यानी किसान चौक तक पहुंचेगी एक्वा लाइन; सभी जरूरी NOC मिलने का दावा, कैबिनेट मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की तैयारी, सितंबर में NMRC के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, परियोजना की DPR PMO के पास है। आवश्यक NOC मिलने के बाद अब केंद्रीय स्तर की मंजूरी का इंतजार है।

ग्रेटर नोएडा वेस्ट, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा वेस्ट के लाखों निवासियों के लिए मेट्रो कनेक्टिविटी की लंबे समय से चली आ रही उम्मीद अब आगे बढ़ती नजर आ रही है उम्मीद जताई जा रही है कि दिवाली पर या नवरात्रो में मिल सकती है गुड न्यूज, नोएडा सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 यानी किसान चौक तक प्रस्तावित एक्वा लाइन विस्तार को केंद्रीय स्तर पर अगली मंजूरी मिलने की उम्मीद है। सितंबर में सामने आई जानकारी के अनुसार परियोजना की डीपीआर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के पास है और जरूरी एनओसी प्राप्त होने के बाद केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।

प्रस्तावित कॉरिडोर की लंबाई करीब 7.5 किलोमीटर बताई गई है और पूरा ट्रैक एलिवेटेड होगा। इस पर पांच स्टेशन प्रस्तावित हैं। परियोजना को सार्वजनिक निवेश बोर्ड (PIB) से जुलाई में मंजूरी मिल चुकी है। अब केंद्रीय कैबिनेट की स्वीकृति के बाद टेंडर प्रक्रिया और निर्माण से जुड़े अगले चरण आगे बढ़ाए जाने की तैयारी है।

सेक्टर-51 से किसान चौक तक जाएगी मेट्रो

ग्रेनो वेस्ट मेट्रो को मौजूदा एक्वा लाइन का विस्तार माना जा रहा है। प्रस्तावित रूट नोएडा सेक्टर-51 से शुरू होकर ग्रेटर नोएडा वेस्ट के सेक्टर-4, किसान चौक के पास तक जाएगा।

इस कॉरिडोर पर प्रस्तावित पांच स्टेशन हैं—

  • सेक्टर-61
  • सेक्टर-70
  • सेक्टर-122
  • सेक्टर-123
  • ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4, किसान चौक के पास

सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार NMRC ने बताया था कि परियोजना के लिए जरूरी NOC प्राप्त हो चुकी हैं और केंद्रीय मंजूरी के बाद डेवलपर के चयन के लिए टेंडर जारी किया जा सकता है।

करीब पांच लाख लोगों को मिल सकता है फायदा

ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बड़ी संख्या में आवासीय सोसायटियां विकसित हो चुकी हैं और लगातार आबादी बढ़ रही है। प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से क्षेत्र के करीब पांच लाख लोगों को सार्वजनिक परिवहन का लाभ मिलने का अनुमान विभिन्न रिपोर्टों में व्यक्त किया गया है। फिलहाल ग्रेटर नोएडा वेस्ट से नोएडा की ओर आने-जाने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़क परिवहन पर निर्भर हैं। खासकर गौर चौक और आसपास के हिस्सों में यातायात दबाव के कारण पीक आवर में यात्रियों को जाम का सामना करना पड़ता है। मेट्रो कॉरिडोर बनने के बाद इस मार्ग पर सार्वजनिक परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।

सेक्टर-61 पर ब्लू लाइन से इंटरचेंज की योजना

प्रस्तावित रूट में सेक्टर-61 को महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्वाइंट के रूप में देखा जा रहा है। यहां दिल्ली मेट्रो की ब्लू लाइन से इंटरचेंज की संभावना यात्रियों को नोएडा के साथ दिल्ली-एनसीआर के दूसरे हिस्सों तक पहुंचने का विकल्प दे सकती है। परियोजना के संशोधित स्वरूप में सेक्टर-61 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक का कॉरिडोर रखा गया है।

पहले लंबा था रूट, बाद में किया गया संशोधन

ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो का प्रारंभिक प्रस्ताव इससे काफी लंबा था। पहले सेक्टर-61 से ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क-5 तक लगभग 18 किलोमीटर का कॉरिडोर प्रस्तावित था। बाद में परियोजना को संशोधित कर पहले चरण में सेक्टर-51 से ग्रेटर नोएडा वेस्ट सेक्टर-4 तक सीमित किया गया।

संशोधित परियोजना में पांच स्टेशनों को प्राथमिकता दी गई है। इसका उद्देश्य ग्रेटर नोएडा वेस्ट को जल्द मेट्रो कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और परियोजना को व्यवहारिक स्तर पर आगे बढ़ाना है।

कैबिनेट मंजूरी के बाद शुरू होगी टेंडर प्रक्रिया

सितंबर में NMRC के प्रबंध निदेशक कृष्णा करुणेश के हवाले से सामने आई जानकारी के मुताबिक, परियोजना की DPR PMO के पास है। आवश्यक NOC मिलने के बाद अब केंद्रीय स्तर की मंजूरी का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण एजेंसी के चयन के लिए टेंडर जारी किया जाएगा। इस तरह ग्रेटर नोएडा वेस्ट मेट्रो परियोजना फिलहाल निर्माणाधीन नहीं, बल्कि अंतिम केंद्रीय मंजूरी और उसके बाद टेंडर प्रक्रिया के चरण में है। मंजूरी और टेंडर के बाद ही निर्माण की वास्तविक समय-सीमा स्पष्ट होगी।

ग्रेनो वेस्ट के निवासियों के लिए यह परियोजना नोएडा से सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पांच स्टेशनों वाला प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर तैयार होने पर क्षेत्र के यात्रियों को सड़क परिवहन के साथ सार्वजनिक परिवहन का एक नया विकल्प मिलेगा।