चार किलोमीटर लंबे एलीवेटेड रोड की डीपीआर अब IIT रुड़की से बनवाएगा प्राधिकरण; सेतु निगम को डीपीआर के लिए दिए 35 लाख रुपये वापस मांगे, तिलपता से दादरी के बीच जाम और जलभराव से मिलेगी राहत
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। तिलपता से दादरी के बीच लगातार बढ़ रहे यातायात दबाव और जाम की समस्या को दूर करने के लिए प्रस्तावित करीब चार किलोमीटर लंबे एलीवेटेड रोड प्रोजेक्ट में बड़ा बदलाव किया गया है। अब इस परियोजना का निर्माण ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण स्वयं कराएगा। प्राधिकरण ने एलीवेटेड रोड से जुड़ा प्रोजेक्ट सेतु निगम से वापस लेने का निर्णय लिया है। साथ ही डीपीआर तैयार करने के लिए सेतु निगम को दिए गए बजट को भी वापस करने के लिए पत्र भेजा गया है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के जीएम प्रोजेक्ट एके सिंह के अनुसार, अब एलीवेटेड रोड की डीपीआर आईआईटी रुड़की से तैयार कराई जाएगी। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी भी प्राधिकरण स्वयं संभालेगा। इससे परियोजना की तकनीकी योजना को नए सिरे से तैयार करने के साथ निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होगा।
सेतु निगम को डीपीआर के लिए दिए गए थे 35 लाख रुपये
जानकारी के अनुसार, एलीवेटेड रोड की डीपीआर तैयार करने का काम पहले सेतु निगम को सौंपा गया था। इसके लिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की ओर से सेतु निगम को करीब 35 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। प्राधिकरण की ओर से अब सेतु निगम को पत्र भेजकर डीपीआर के लिए उपलब्ध कराई गई धनराशि वापस करने को कहा गया है। परियोजना के निर्माण को लेकर सहमति नहीं बन पाने के बाद प्राधिकरण ने डीपीआर तैयार कराने की जिम्मेदारी भी सेतु निगम से वापस लेने का निर्णय लिया है।
IIT रुड़की तैयार करेगा नई डीपीआर
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, अब परियोजना की डीपीआर तैयार करने के लिए आईआईटी रुड़की को जिम्मेदारी देने की तैयारी है। अधिकारियों का मानना है कि प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान से डीपीआर तैयार कराने से परियोजना की तकनीकी आवश्यकताओं, यातायात दबाव, संरचनात्मक डिजाइन और भविष्य की जरूरतों का विस्तृत अध्ययन कराया जा सकेगा। डीपीआर में एलीवेटेड रोड की लंबाई, संरचना, प्रवेश एवं निकास बिंदु, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य तकनीकी पहलुओं का विस्तृत आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।



तिलपता रोटरी से दादरी बाईपास तक बनेगा एलीवेटेड रोड
प्रस्तावित एलीवेटेड रोड तिलपता रोटरी से शुरू होकर कंटेनर डिपो के आगे दादरी बाईपास तक बनाया जाना प्रस्तावित है। करीब चार किलोमीटर लंबे इस मार्ग का उद्देश्य तिलपता और दादरी के बीच सड़क पर मौजूद यातायात दबाव को कम करना है।

इस क्षेत्र में सूरजपुर औद्योगिक क्षेत्र और कंटेनर डिपो के कारण भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बनी रहती है। इसके अलावा बड़ी संख्या में निजी वाहन भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में पीक आवर के दौरान सड़क पर वाहनों का दबाव बढ़ने से जाम की स्थिति बनती है। प्रस्तावित एलीवेटेड रोड के बनने से भारी और निजी वाहनों के यातायात को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे तिलपता से दादरी और आगे जीटी रोड की ओर आने-जाने वाले वाहन चालकों को भी सुविधा मिल सकती है।
जलभराव की समस्या से भी राहत की उम्मीद
तिलपता-दादरी मार्ग पर यातायात जाम के साथ जलभराव की समस्या भी सामने आती रही है। बारिश के दौरान सड़क पर पानी जमा होने से वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है और कई बार यातायात दबाव और बढ़ जाता है।
एलीवेटेड रोड परियोजना से इस मार्ग पर यातायात के संचालन को बेहतर करने के साथ जलभराव से प्रभावित हिस्सों में आवागमन की समस्या कम करने की उम्मीद है। हालांकि, जलनिकासी से जुड़े स्थायी समाधान के लिए डीपीआर में ड्रेनेज और संबंधित तकनीकी पहलुओं का अध्ययन भी महत्वपूर्ण होगा।
रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों का दबाव
तिलपता और दादरी के बीच मार्ग पर करीब डेढ़ लाख निजी वाहनों के रोजाना गुजरने का दावा किया गया है। इसके अलावा औद्योगिक क्षेत्र और कंटेनर डिपो की वजह से भारी वाहनों की आवाजाही भी काफी अधिक रहती है। यही वजह है कि पीक आवर में इस मार्ग पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है और वाहन चालकों को जाम का सामना करना पड़ता है। एलीवेटेड रोड को इसी यातायात दबाव को कम करने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है।
अब परियोजना की डीपीआर आईआईटी रुड़की से तैयार होने और निर्माण की जिम्मेदारी ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण द्वारा स्वयं संभाले जाने के बाद इस परियोजना को आगे बढ़ाने की दिशा में नई प्रक्रिया शुरू होगी। डीपीआर तैयार होने के बाद परियोजना की तकनीकी और वित्तीय रूपरेखा के आधार पर निर्माण संबंधी अगले कदम तय किए जाएंगे।

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