ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। विधि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने और देशभर के कानून विद्यार्थियों को अपनी विधिक प्रतिभा प्रदर्शित करने का राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ, जस्टिस एंड गवर्नेंस द्वारा पंचम पी.एन. माथुर मेमोरियल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। प्रतियोगिता आगामी 31 अक्टूबर से 1 नवंबर 2026 तक विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित होगी।
प्रतियोगिता को लेकर मंगलवार को विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रतियोगिता की आधिकारिक विवरणिका का विमोचन किया गया। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह और डीन अकादमिक प्रो. राजीव वार्ष्णेय ने संयुक्त रूप से विवरणिका का विमोचन किया। विवरणिका में प्रतियोगिता से संबंधित नियम एवं शर्तें, पात्रता मानदंड, पंजीकरण प्रक्रिया, प्रतियोगिता की समय-सारिणी और प्रतिभागियों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश शामिल किए गए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से उम्मीद जताई गई है कि इस बार भी देशभर के प्रतिष्ठित विधि संस्थानों की टीमें प्रतियोगिता में भाग लेंगी।
विधि शिक्षा को व्यावहारिक अनुभव से जोड़ने का प्रयास
मूट कोर्ट प्रतियोगिताएं विधि विद्यार्थियों को अदालत जैसी परिस्थितियों में अपने कानूनी ज्ञान, तर्कशक्ति, शोध क्षमता और वकालत कौशल को परखने का अवसर प्रदान करती हैं। इसी उद्देश्य के साथ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित की जा रही यह प्रतियोगिता विद्यार्थियों को कानूनी शोध, केस एनालिसिस, मौखिक बहस और न्यायिक तर्क के क्षेत्र में अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर देगी। विश्वविद्यालय का उद्देश्य इस आयोजन को केवल एक प्रतियोगिता तक सीमित रखने के बजाय विधि विद्यार्थियों के लिए ऐसा अकादमिक मंच विकसित करना है, जहां उन्हें देश के विभिन्न विधि संस्थानों के विद्यार्थियों के साथ संवाद और प्रतिस्पर्धा का अवसर मिले।
राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली इस प्रतियोगिता के माध्यम से विद्यार्थियों को विधि के बदलते स्वरूप, न्यायिक प्रक्रिया और समकालीन कानूनी मुद्दों को व्यावहारिक दृष्टिकोण से समझने में भी मदद मिलेगी।
पिछले वर्ष 64 टीमों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया था हिस्सा
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में आयोजित चतुर्थ पी.एन. माथुर मेमोरियल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देशभर से जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली थी। यह प्रतियोगिता 8 और 9 नवंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसमें विभिन्न विधि संस्थानों की 64 टीमों के 100 से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया था। पिछले संस्करण में विधि एवं न्याय क्षेत्र की कई प्रतिष्ठित हस्तियों की उपस्थिति ने प्रतियोगिता की गरिमा को और बढ़ाया था। कार्यक्रम में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता, विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनय कुमार माथुर तथा दिल्ली उच्च न्यायालय के विद्वान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा सहित विधि क्षेत्र की अन्य प्रमुख हस्तियां मौजूद रही थीं।
पिछले आयोजन में देशभर से विद्यार्थियों की भागीदारी को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन को इस वर्ष की प्रतियोगिता में भी बड़ी संख्या में टीमों के शामिल होने की उम्मीद है।
कुलपति और कुलसचिव ने दी आयोजन के लिए शुभकामनाएं
पंचम मूट कोर्ट प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह और कुलसचिव प्रो. चंद्र कुमार सिंह ने स्कूल ऑफ लॉ, जस्टिस एंड गवर्नेंस के अधिकारियों एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष का आयोजन भी पिछले संस्करण की तरह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाएगा और विद्यार्थियों को विधि के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण मंच प्रदान करेगा।
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस तरह के अकादमिक आयोजनों से विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, तार्किक क्षमता, कानूनी शोध कौशल और सार्वजनिक प्रस्तुतीकरण की क्षमता विकसित होती है।
डॉ. के.के. द्विवेदी के मार्गदर्शन में होगी प्रतियोगिता
स्कूल ऑफ लॉ, जस्टिस एंड गवर्नेंस के अधिष्ठाता डॉ. के.के. द्विवेदी ने प्रतियोगिता की तैयारियों के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंचम पी.एन. माथुर मेमोरियल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता का संचालन लॉ विभाग की सहायक प्राध्यापिकाओं डॉ. ममता शर्मा और डॉ. रमा शर्मा के मार्गदर्शन में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता को व्यवस्थित और उच्च अकादमिक मानकों के अनुरूप आयोजित करने के लिए आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। प्रतियोगिता में भाग लेने वाली टीमों को नियमों और प्रक्रियाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी विवरणिका के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। स्कूल ऑफ लॉ, जस्टिस एंड गवर्नेंस के विभागाध्यक्ष डॉ. सतीश चंद्रा हैं। विभाग की टीम आयोजन को सफल बनाने के लिए तैयारियों में जुटी है।
देशभर के विधि संस्थानों को मिलेगा अवसर
पंचम संस्करण के आयोजन के साथ गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जा रहा है। देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और विधि संस्थानों के विद्यार्थी इसमें हिस्सा लेकर अपनी कानूनी समझ और बहस की क्षमता का प्रदर्शन कर सकेंगे। मूट कोर्ट प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को काल्पनिक न्यायिक मामलों के आधार पर अपनी दलीलें तैयार करनी होती हैं। इसके लिए उन्हें संबंधित कानूनों, न्यायिक निर्णयों और कानूनी सिद्धांतों का अध्ययन कर मजबूत केस तैयार करना होता है। इसके बाद प्रतिभागी न्यायालय जैसी प्रक्रिया में न्यायाधीशों के समक्ष अपनी दलीलें प्रस्तुत करते हैं।
इस प्रक्रिया से विद्यार्थियों को यह समझने में मदद मिलती है कि किताबों में पढ़े गए कानून को वास्तविक न्यायिक परिस्थितियों में किस तरह लागू किया जाता है।
विधि विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण अकादमिक मंच
गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की ओर से आयोजित यह प्रतियोगिता विधि विद्यार्थियों को अकादमिक ज्ञान के साथ-साथ प्रैक्टिकल लीगल स्किल्स विकसित करने का अवसर प्रदान करेगी। इसके माध्यम से विद्यार्थी न केवल अपने ज्ञान को परख सकेंगे, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले प्रतिभागियों के साथ संवाद कर अपने अनुभवों का विस्तार भी कर सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन का विश्वास है कि पंचम पी.एन. माथुर मेमोरियल राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में देशभर के विधि संस्थानों की सक्रिय भागीदारी होगी और यह आयोजन विधि शिक्षा के क्षेत्र में गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय पहचान को और मजबूत करेगा।
31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को होने वाले इस आयोजन को लेकर विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ लॉ, जस्टिस एंड गवर्नेंस में तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। अब देशभर के विधि संस्थानों की नजर इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता पर रहेगी, जहां युवा कानून विद्यार्थी अपनी कानूनी शोध क्षमता, तार्किक सोच और कोर्टरूम एडवोकेसी स्किल्स का प्रदर्शन करेंगे।

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