ग्रेटर नोएडा, नॉलेज पार्क-2, रफ़्तार टुडे।


ज्ञान, नेतृत्व और योग – जीएनआईओटी एमबीए संस्थान में 21 जून की सुबह बनी शारीरिक-मानसिक संतुलन का प्रेरक दृश्य


अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2025 के अवसर पर जीएनआईओटी एमबीए संस्थान के प्रांगण में एक प्रेरणादायक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जहाँ प्रबंधन के विद्यार्थियों ने किताबों के साथ अब योग की मुद्राओं में भी संतुलन साधा।

कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक डा. अंशुल शर्मा ने किया।
योगाभ्यास का नेतृत्व प्रशिक्षित योगा ट्रेनर द्वारा किया गया, जिन्होंने शुरुआत में छात्रों को योग के ऐतिहासिक, मानसिक और शारीरिक लाभों की संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली जानकारी दी।


100 से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों ने किया योग अभ्यास – साधना बनी समझ का माध्यम

योग सत्र के दौरान प्राणायाम, वक्रासन, भ्रामरी, अनुलोम-विलोम और सूर्य नमस्कार जैसे प्रमुख आसनों का अभ्यास कराया गया।
विशेष रूप से सुखासन और शांतिपूर्ण ध्यान सत्र ने छात्रों को शांति और एकाग्रता की अनुभूति कराई।

छात्रों ने बताया कि इस सत्र के बाद उन्हें परीक्षा तनाव, मल्टीटास्किंग और फोकस की समस्याओं से निपटने में सहारा मिलेगा।


“योग सिर्फ शरीर नहीं, सोच को भी करता है मजबूत” – निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा का स्पष्ट संदेश

संस्थान के निदेशक डॉ. अंशुल शर्मा ने कहा:

"योग न केवल शरीर को रोगमुक्त करता है, बल्कि हमारे चित्त और चिंतन को भी स्पष्ट करता है।"
उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रबंधन के विद्यार्थियों को योग की सहायता से नैतिक निर्णय, धैर्य और नेतृत्व कौशल बेहतर तरीके से विकसित करने चाहिए।

उनके अनुसार “प्रेशर में पॉजिटिव बने रहना” आज के प्रबंधन छात्रों के लिए सबसे जरूरी स्किल है – जिसे योग जैसी विधा सहज रूप से सिखाती है।


“दुनिया अपना रही है योग, हम क्यों पीछे रहें?” – अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता की प्रेरणा

संस्थान के अध्यक्ष डॉ. राजेश कुमार गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा:

"आज पूरा विश्व योग को आत्मसात कर रहा है। अमेरिका, यूरोप, जापान – हर जगह योग कक्षाएं भर रही हैं। अब समय है कि भारत में हम योग को केवल दिवस पर नहीं, बल्कि नित्य जीवनचर्या का हिस्सा बनाएं।"
उन्होंने योग को स्वस्थ नेतृत्व और विवेकशील निर्णय क्षमता का मूल स्रोत बताया।


डीन, एचओडी और शिक्षकगण भी बने योग प्रेरणा स्रोत

इस अवसर पर संस्थान के डीन, विभागाध्यक्ष, कार्यक्रम संयोजक श्री अविनाश चौहान और सभी संकाय सदस्यों ने अपनी सहभागिता से छात्रों को योग के प्रति प्रेरित किया।
उनकी उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि योग केवल छात्रों के लिए नहीं, बल्कि शिक्षकवर्ग के लिए भी जीवन का अहम हिस्सा है।


प्रबंधन शिक्षा में योग का समावेश – भविष्य के नेताओं में संतुलन और विवेक भरने की पहल

जीएनआईओटी एमबीए संस्थान द्वारा योग दिवस का आयोजन केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि शैक्षणिक दृष्टि से भी रणनीतिक कदम था।
एमबीए जैसे तेज़-रफ़्तार, लक्ष्य-केंद्रित पाठ्यक्रम में योग एक ऐसा आयाम जोड़ता है जो आंतरिक शांति, सहिष्णुता और आत्मविश्वास को बढ़ाता है।
इससे छात्रों को जॉब इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन और रियल-टाइम स्ट्रेस हैंडल करने में मदद मिलेगी।


छात्रों ने लिया संकल्प – योग बनेगा दिन की शुरुआत का हिस्सा

योग सत्र के अंत में विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन कम से कम 15-20 मिनट योगाभ्यास करेंगे और उसे अपने जीवन में स्थायी स्थान देंगे।
कुछ छात्रों ने आगामी समय में योग सर्टिफिकेशन कोर्स करने की रुचि भी व्यक्त की, जिससे संस्थान में योग क्लब की स्थापना की संभावनाएं बन गई हैं।


निष्कर्ष: जीएनआईओटी एमबीए संस्थान ने दिखाया कि प्रबंधन की पढ़ाई के साथ योग का योग जरूरी है

इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि भविष्य के कॉर्पोरेट लीडर यदि आंतरिक रूप से संतुलित और मानसिक रूप से स्थिर होंगे, तो वे समाज और उद्योग को बेहतर दिशा देंगे।
जीएनआईओटी एमबीए संस्थान की यह पहल एक आदर्श उदाहरण है कि शिक्षा और साधना का तालमेल आधुनिक भारत के युवाओं को एक नई ऊँचाई दे सकता है।


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