ग्रेटर नोएडा / गौतम बुद्ध नगर, रफ़्तार टुडे। न्याय केवल अदालत की चारदीवारी तक सीमित न रहे, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे—इसी सोच को साकार करता एक ऐतिहासिक और जनहितकारी कदम 13 दिसंबर 2025 को गौतम बुद्ध नगर जिला न्यायालय परिसर में देखने को मिला। जहां एक ओर राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन हुआ, वहीं दूसरी ओर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ के संयुक्त प्रयास से “विधिक सहायता गतिमान वैन” का भव्य शुभारंभ किया गया।

यह पहल केवल एक वाहन का शुभारंभ नहीं, बल्कि न्याय को घर-घर तक पहुँचाने का एक सशक्त आंदोलन है, जो आमजन के अधिकारों, कानूनी जागरूकता और सुलभ न्याय की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

राष्ट्रीय लोक अदालत: त्वरित न्याय का सशक्त मंच

गौतम बुद्ध नगर जिला न्यायालय परिसर में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि विवादों के समाधान के लिए लंबी, जटिल और महंगी न्यायिक प्रक्रिया ही एकमात्र रास्ता नहीं है। लोक अदालत विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 के अंतर्गत कार्य करने वाली वैकल्पिक विवाद निपटान (ADR) प्रणाली है, जिसका मूल उद्देश्य है—

कम खर्च में न्याय

शीघ्र समाधान

सरल प्रक्रिया और आमजन को न्याय से जोड़ना

लोक अदालत में आपसी सहमति से मामलों का निस्तारण होता है, जिससे वर्षों से लंबित मुकदमों का समाधान एक ही दिन में संभव हो पाता है। यह उन लोगों के लिए वरदान है, जो आर्थिक या सामाजिक कारणों से लंबी न्यायिक लड़ाई लड़ने में सक्षम नहीं होते।

विधिक सहायता गतिमान वैन’ — न्याय अब आपके दरवाज़े पर

इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ की एक अनूठी और दूरदर्शी पहल “विधिक सहायता गतिमान वैन” का शुभारंभ किया गया।

इस मोबाइल लीगल एड वैन को
श्री अतुल श्रीवास्तव,
माननीय जिला जज एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतम बुद्ध नगर
द्वारा हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

यह क्षण न केवल न्यायिक इतिहास में दर्ज हुआ, बल्कि समाज के उन वर्गों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आया, जो आज भी कानून से अनभिज्ञ हैं या अदालत तक पहुँचने में असमर्थ हैं।

न्यायपालिका की सराहना: एक प्रेरणादायक प्रयास

शुभारंभ अवसर पर माननीय जिला जज श्री अतुल श्रीवास्तव ने इस पहल की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि “जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और जी.एल. बजाज इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ का यह संयुक्त प्रयास न्याय को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की दिशा में अत्यंत प्रशंसनीय है। यह वैन न्यायिक व्यवस्था और आमजन के बीच की दूरी को कम करेगी।”

उन्होंने विशेष रूप से
श्री चंद्र मोहन श्रीवास्तव,
अपर जिला जज एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गौतम बुद्ध नगर
और GL Bajaj Institute of Law के समर्पित प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे एक आदर्श मॉडल बताया, जिसे अन्य जिलों में भी अपनाया जाना चाहिए।

GL Bajaj Institute of Law: शिक्षा से समाज सेवा तक

यह मोबाइल लीगल एड वैन GL Bajaj Institute of Law की सामाजिक उत्तरदायित्व की श्रृंखला में एक और सशक्त कड़ी है।

संस्थान के

संरक्षक एवं उपाध्यक्ष — श्री पंकज अग्रवाल

सीईओ — श्री कार्तिकेय अग्रवाल

के मार्गदर्शन में जी.एल. बजाज समूह निरंतर शिक्षा के साथ-साथ समाजहित के कार्यों में भी अग्रणी भूमिका निभाता आ रहा है।

यह पहल दर्शाती है कि कानूनी शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं, बल्कि उसका उद्देश्य समाज के प्रति उत्तरदायित्व निभाना भी है।

वैन का उद्देश्य: जानकारी, जागरूकता और न्याय

“विधिक सहायता गतिमान वैन” का मुख्य उद्देश्य है—

विधिक जागरूकता फैलाना

निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराना

सरकारी लोक-कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देना

कमजोर, वंचित और पिछड़े वर्गों को न्याय से जोड़ना

यह वैन गांव-गांव, गली-गली और जन-जन तक पहुँचकर लोगों को बताएगी कि—

उनके कानूनी अधिकार क्या हैं

वे मुफ्त विधिक सहायता कैसे प्राप्त कर सकते हैं

महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों के लिए कौन-कौन सी योजनाएँ उपलब्ध हैं

विवादों को लोक अदालत या मध्यस्थता के माध्यम से कैसे सुलझाया जा सकता है

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए समान रूप से लाभकारी

आज भी समाज का एक बड़ा हिस्सा ऐसा है जो कानून को जटिल, डरावना और खर्चीला मानता है। विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में—

कानूनी जानकारी का अभाव

वकीलों तक पहुँच की कमी

और जागरूकता की कमी

लोगों को न्याय से दूर रखती है। ऐसे में यह गतिमान वैन एक चलता-फिरता न्यायालय बनकर सामने आएगी, जो लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी और उन्हें न्याय की मुख्यधारा से जोड़ेगी।

छात्रों के लिए भी सीख का मंच

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि GL Bajaj Institute of Law के छात्र इस वैन के माध्यम से— जमीनी स्तर पर कानूनी समस्याओं को समझेंगे

सामाजिक न्याय की वास्तविक तस्वीर देखेंगे

और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करेंगे

यह उन्हें केवल अच्छे वकील ही नहीं, बल्कि संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक भी बनाएगा।

लोक अदालत + गतिमान वैन = न्याय का मजबूत नेटवर्क

राष्ट्रीय लोक अदालत और विधिक सहायता गतिमान वैन का एक साथ आयोजन यह दर्शाता है कि—

न्याय अब केवल फाइलों और तारीखों तक सीमित नहीं

बल्कि समाधान, संवाद और सहमति की दिशा में आगे बढ़ रहा है

यह मॉडल न्यायिक व्यवस्था को जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

न्याय की राह पर चलता एक नया भारत

गौतम बुद्ध नगर में शुरू हुई यह पहल आने वाले समय में न्याय की पहुँच को व्यापक और प्रभावी बनाएगी।
“विधिक सहायता गतिमान वैन” न केवल एक वाहन है, बल्कि—भरोसे का प्रतीक, जागरूकता का माध्यम और न्याय का संदेशवाहक यह साबित करता है कि जब न्यायपालिका, शिक्षा संस्थान और समाज एक साथ आते हैं, तो न्याय सचमुच आम आदमी तक पहुँचता है।