ग्रेटर नोएडा, Raftar Today।
शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं होती, बल्कि जब उसे अनुभव से जोड़ा जाए तो वह जीवनभर की सीख बन जाती है। इसी उद्देश्य से ग्रेटर नोएडा स्थित एक प्रतिष्ठित विद्यालय ने कक्षा 3 से 5 तक के विद्यार्थियों के लिए नोएडा स्थित किडज़ानिया में एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया, जो नन्हें विद्यार्थियों के लिए सीख, आनंद और अनूठे अनुभव से भरा रहा।


सुबह से ही बच्चों में उत्साह चरम पर

भ्रमण का आरंभ सुबह 8 बजे विद्यालय से हुआ। जैसे ही बस ने प्रांगण छोड़ा, बच्चों की आंखों में कौतूहल और मन में उत्साह की चमक साफ दिखाई दी। दो घंटे की यात्रा के बाद जब बच्चे किडज़ानिया पहुँचे, तो उनके सामने था—एक ऐसा मिनी-सिटी, जहाँ वे अपने मनपसंद पेशेवर किरदारों को निभा सकते थे।


‘किडज़ानिया’—बचपन का शहर, अनुभव की पाठशाला

किडज़ानिया कोई साधारण मनोरंजन स्थल नहीं, बल्कि बच्चों के लिए डिजाइन किया गया एक अनूठा शैक्षिक एवं व्यावसायिक वातावरण है, जहाँ वे डॉक्टर, इंजीनियर, शेफ, पुलिसकर्मी, पत्रकार, रेडियो जॉकी, पायलट आदि की भूमिका निभा सकते हैं। हर गतिविधि के बाद बच्चों को नकली मुद्रा “किडज़ोस” मिलती है, जिससे वे अन्य सेवाएं खरीद सकते हैं—इससे बच्चों में कमाई और खर्च की समझ विकसित होती है।

जीडी गोयंका के बच्चों ने सीखा टीमवर्क, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का पाठ

रुचि के अनुसार चुना प्रोफेशन, सीखी जिम्मेदारी की भावना

हर बच्चा अपनी पसंद का काम चुन सकता था। कुछ बच्चों ने अस्पताल में डॉक्टर बन मरीजों का इलाज किया, तो कुछ ने पुलिस स्टेशन में अपराधियों की जांच की। किसी ने एप्रन पहनकर शेफ बन पिज्ज़ा बनाना सीखा, तो किसी ने माइक थामकर रेडियो जॉकी की भूमिका निभाई। यह अनुभव न केवल मनोरंजक था, बल्कि बच्चों को यह सिखाने वाला भी था कि हर काम की अपनी जिम्मेदारी और गरिमा होती है।


सीखा टीमवर्क, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का पाठ

इस यात्रा में बच्चों ने जाना कि किसी भी कार्य को अकेले नहीं, बल्कि टीम वर्क और सहयोग से बेहतर ढंग से किया जा सकता है। विभिन्न गतिविधियों में बच्चों को टीमों में बाँटकर कार्य कराया गया, जिससे उनमें अनुशासन, संचार कौशल और सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता विकसित हुई।


बच्चों ने कहा—‘ये पढ़ाई सबसे अलग थी’

छात्रा तान्या ने कहा, “मैंने किडज़ानिया में पहली बार डॉक्टर बनकर लोगों की मदद की। अब मुझे समझ आया कि एक डॉक्टर कितनी मेहनत करता है।”
वहीं छात्र वेदांत ने कहा, “मैंने वहाँ फायरमैन का काम किया और आग बुझाना सीखा। ऐसा लग रहा था जैसे मैं असली हीरो हूँ।”


अभिभावकों ने जताया आभार, शिक्षकों ने बताया इसे ‘जीवन शिक्षा’

इस भ्रमण के बाद अभिभावकों ने विद्यालय के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अनुभव बच्चों को आत्मविश्वासी और व्यावहारिक बनाते हैं। शिक्षकों का भी मानना है कि “कक्षा के बाहर की गई यह पढ़ाई बच्चों के लिए दीर्घकालिक प्रभाव छोड़ती है और उन्हें जीवन के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाती है।”

जीडी गोयंका के बच्चों ने सीखा टीमवर्क, अनुशासन और आत्मनिर्भरता का पाठ

किडज़ानिया यात्रा—मनोरंजन और शिक्षा का बेहतरीन संगम

यह भ्रमण एक सफल उदाहरण रहा कि किस प्रकार मनोरंजन को शिक्षा से जोड़ा जा सकता है। बच्चों ने न केवल मज़े किए, बल्कि सीखा भी कि हर कार्य के पीछे मेहनत, अनुशासन और योजना की अहम भूमिका होती है। विद्यालय के लिए यह यात्रा ‘फील्ड ट्रिप’ नहीं, बल्कि एक जीवंत पाठशाला साबित हुई।


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