हॉल नंबर-5 और 8 में GIMS की मौजूदगी, AI हेल्थकेयर, स्क्रीनिंग, डायग्नोस्टिक, प्रिवेंटिव हेल्थ, सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन और मरीज-केंद्रित तकनीकों का प्रदर्शन
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS) 2026 में सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा के सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI) ने मेडिकल इनोवेशन और हेल्थटेक के क्षेत्र में विकसित हो रहे समाधानों को प्रमुखता से प्रदर्शित किया। CMI GIMS से जुड़े 10 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स ने स्वास्थ्य क्षेत्र में इस्तेमाल होने वाली विभिन्न तकनीकों और समाधानों का प्रदर्शन किया।
पांच दिवसीय उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया। इस अंतरराष्ट्रीय व्यापार प्रदर्शनी में उद्योग, स्टार्टअप्स, निवेशक, चिकित्सा संस्थान, शिक्षण संस्थान, शोधकर्ता, नवाचारकर्ता और नीति-निर्माताओं के साथ देश-विदेश से आए प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं।
10 स्टार्टअप्स ने प्रदर्शित की अत्याधुनिक स्वास्थ्य तकनीक
CMI GIMS की ओर से UPITS 2026 में 10 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स को मंच उपलब्ध कराया गया है। इन स्टार्टअप्स ने स्वास्थ्य क्षेत्र की अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए तकनीकी समाधान प्रदर्शित किए।
प्रदर्शित तकनीकों में प्रमुख रूप से—
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हेल्थकेयर समाधान
- क्लिनिकल एवं मेडिकल डिवाइस
- स्क्रीनिंग और डायग्नोस्टिक तकनीक
- प्रिवेंटिव हेल्थकेयर समाधान
- स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच से जुड़ी तकनीक
- पेशेंट-सेंट्रिक हेल्थकेयर समाधान
शामिल हैं। UPITS के इस मंच पर स्टार्टअप्स को उद्योग जगत, निवेशकों, चिकित्सा संस्थानों, सरकारी संस्थाओं, विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और संभावित तकनीकी साझेदारों से सीधे संवाद का अवसर मिल रहा है। इससे स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों और तकनीकी समाधानों के संभावित उपयोग तथा सहयोग के अवसरों को सामने रखने का मंच भी मिल रहा है।
हॉल नंबर-5 और 8 में GIMS की मौजूदगी
UPITS 2026 में CMI GIMS की उपस्थिति हॉल नंबर-5 और हॉल नंबर-8 में है। हॉल नंबर-8 में CMI से जुड़े स्टार्टअप्स और उनकी स्वास्थ्य तकनीकों को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया है। यहां आने वाले आगंतुक स्टार्टअप टीमों से सीधे संवाद कर उनके द्वारा विकसित तकनीकों, समाधानों और संभावित क्लिनिकल उपयोग के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
आयोजन के पहले दिन ब्रिगेडियर डॉ. गुप्ता ने हॉल नंबर-8 स्थित CMI के स्टार्टअप प्रदर्शनी स्थल का दौरा किया। उन्होंने वहां प्रदर्शित विभिन्न स्वास्थ्य तकनीकों और नवाचारों का अवलोकन किया तथा स्टार्टअप टीमों से उनके समाधानों के बारे में जानकारी ली। इस दौरान विभिन्न चिकित्सा संस्थानों से जुड़े प्रतिनिधियों, स्वास्थ्य क्षेत्र के लोगों और विद्यार्थियों ने भी CMI के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित तकनीकों को देखा और टीमों से संवाद किया।
क्लिनिकल समस्या से तकनीकी समाधान तक CMI का प्रयास
सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन का उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं को डॉक्टरों, मेडिकल संस्थानों, इंजीनियरों, सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन शोधकर्ताओं और उद्यमियों के सहयोग से तकनीकी समाधानों में बदलने की दिशा में काम करना है। CMI की ओर से स्टार्टअप्स को क्लिनिकल मेंटरशिप, तकनीकी एवं क्लिनिकल वैलिडेशन, मेडिकल विशेषज्ञों का मार्गदर्शन और संस्थागत सहयोग उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
CMI GIMS के अनुसार, मेडिकल इनोवेशन को केवल तकनीक विकसित करने तक सीमित रखने के बजाय उसे वास्तविक क्लिनिकल जरूरतों से जोड़ना महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से स्टार्टअप्स को चिकित्सा विशेषज्ञों और संस्थागत स्तर पर आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

हेल्थकेयर इनोवेशन को बाजार से जोड़ने का मंच
UPITS 2026 में CMI GIMS की भागीदारी उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे मेडिकल टेक्नोलॉजी और हेल्थकेयर इनोवेशन को व्यापक मंच उपलब्ध करा रही है। ट्रेड शो में उद्योग, निवेशकों, चिकित्सा संस्थानों और स्टार्टअप्स के बीच संवाद से तकनीकी सहयोग और संभावित साझेदारी के नए अवसर भी सामने आ रहे हैं।
CMI GIMS का फोकस क्लिनिकल केयर, मेडिकल रिसर्च, इनोवेशन, इन्क्यूबेशन और उद्यमिता के बीच बेहतर समन्वय विकसित करने पर है। सेंटर इन क्षेत्रों को जोड़ते हुए ऐसा इकोसिस्टम विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें चिकित्सा क्षेत्र की जरूरतों की पहचान से लेकर तकनीकी समाधान विकसित करने और उन्हें मरीजों तक पहुंचाने की प्रक्रिया को मजबूत किया जा सके।
मरीजों तक नवाचार पहुंचाने पर जोर
CMI GIMS का लक्ष्य ऐसा हेल्थकेयर इनोवेशन इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां क्लिनिकल समस्या से नवाचार, नवाचार से प्रमाणित तकनीक और तकनीक से मरीजों तक समाधान पहुंचाने की दिशा में काम हो। UPITS 2026 में 10 हेल्थकेयर स्टार्टअप्स की भागीदारी से इन तकनीकों को व्यापक दर्शक वर्ग, उद्योग जगत और संभावित सहयोगियों के सामने प्रस्तुत करने का अवसर मिला है। CMI के मुताबिक, ऐसे मंच मेडिकल इनोवेशन को संस्थागत सहयोग, उद्योग और बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सेंटर फॉर मेडिकल इनोवेशन (CMI), सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान (GIMS), ग्रेटर नोएडा, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस भागीदारी को प्रदेश के हेल्थकेयर इनोवेशन इकोसिस्टम को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।

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