आबादी भूखंड की पात्रता में बदलाव, सास-ससुर भी होंगे शामिल, लीज बैक की प्रक्रिया होगी आसान, ब्याज माफी का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा

आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को मिलेगा समान लाभ, ₹5,725 प्रति वर्गमीटर का विकल्प चुनने वालों को 6% आबादी भूखंड; लीज बैक, लिंक रोड से प्रभावित किसानों, युवाओं के रोजगार, पुलिस थाने और बिजलीघर को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्णय

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों, ग्रामीण आबादी, औद्योगिक विकास, रोजगार और बिजली आपूर्ति से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक में आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को आबादी भूखंड का लाभ देने, वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित पात्र किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने, लीज बैक की प्रक्रिया आसान बनाने और लिंक रोड से विस्थापित किसानों की लीज डीड कराने जैसे फैसले शामिल हैं।

इसके अलावा सेक्टर ईकोटेक-1 में सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र के लिए जमीन आरक्षित करने, ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाने के लिए भूमि उपलब्ध कराने और ईकोटेक-10 के बिजलीघर को 220 केवी क्षमता में अपग्रेड करने के प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इन फैसलों से किसानों को राहत देने के साथ ग्रेटर नोएडा के औद्योगिक और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है।

1. आपसी सहमति से जमीन देने वाले किसानों को भी मिलेगा आबादी भूखंड का लाभ

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आपसी सहमति से भूमि देने वाले किसानों को अधिग्रहण के समान सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर वाला विकल्प चुनने वाले पात्र भू-स्वामियों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को प्राधिकरण की 145वीं बोर्ड बैठक में मंजूरी मिली।

प्राधिकरण की 27 अगस्त 2026 को हुई बोर्ड बैठक में आपसी सहमति से भूमि खरीदने के लिए दो विकल्प निर्धारित किए गए थे। पहले विकल्प में 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर और दूसरे विकल्प में 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर की दर तय की गई थी। अब निर्धारित व्यवस्था के अनुसार, 5,725 रुपये प्रति वर्गमीटर का विकल्प चुनने वालों को छह प्रतिशत आबादी भूखंड का लाभ मिलेगा, जबकि 6,415 रुपये प्रति वर्गमीटर का विकल्प चुनने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य भूमि देने वाले किसानों को स्पष्ट विकल्प उपलब्ध कराना और निर्धारित शर्तों के अनुसार लाभ सुनिश्चित करना है। प्राधिकरण के फैसले से आपसी सहमति के आधार पर भूमि देने वाले पात्र किसानों को आबादी भूखंड का लाभ प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

2. वर्ष 2002 से 2013 के बीच प्रभावित किसानों को 64.7% अतिरिक्त प्रतिकर

बोर्ड बैठक का एक महत्वपूर्ण निर्णय वर्ष 2002 से 2013 के बीच भूमि अधिग्रहण या क्रय से प्रभावित उन पात्र किसानों को 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर देने से संबंधित है, जिन्हें अब तक इसका लाभ नहीं मिल पाया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेजा था। शासन की सहमति मिलने के बाद प्रस्ताव बोर्ड के समक्ष रखा गया, जहां इसे मंजूरी दी गई। इस निर्णय से लंबे समय से अतिरिक्त प्रतिकर की मांग कर रहे प्रभावित किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह लाभ पात्रता और संबंधित भूमि के अभिलेखों के सत्यापन के अधीन होगा। प्राधिकरण की ओर से आगे की प्रक्रिया पूरी किए जाने के बाद पात्र किसानों को अतिरिक्त प्रतिकर उपलब्ध कराने का रास्ता साफ होगा।

3. आबादी भूखंड की पात्रता में बदलाव, सास-ससुर भी होंगे शामिल

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने किसानों को आबादी भूखंड आवंटित करने की पात्रता संबंधी नियमों में भी संशोधन को मंजूरी दी है। संशोधित व्यवस्था के तहत परिवार की पात्रता के दायरे में पितामह, पितामही, पिता, माता, पति या पत्नी के साथ सास-ससुर को भी शामिल करने का प्रावधान किया गया है। यह बदलाव उन मामलों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिनमें भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई से पहले किसान ने अपनी जमीन पुत्रवधू के नाम हस्तांतरित कर दी थी। प्रचलित नियमों के कारण ऐसे कुछ मामलों में आबादी भूखंड का लाभ मिलने में कठिनाई आ रही थी। नई व्यवस्था का उद्देश्य पात्र किसानों और उनके परिवारों को अनावश्यक रूप से लाभ से वंचित होने से बचाना है। हालांकि, इसके लिए अधिसूचित क्षेत्र का मूल निवासी होने और राजस्व अभिलेखों में निर्धारित शर्तों के अनुरूप भूमि दर्ज होने जैसी आवश्यक पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

4. लीज बैक की प्रक्रिया होगी आसान, ब्याज माफी का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा

ग्रामीण आबादी की जमीन के लीज बैक मामलों में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए भी प्राधिकरण ने कदम उठाया है। किसानों की मांग को देखते हुए लीज बैक के लिए जमा की जाने वाली प्रतिकर राशि पर ब्याज माफी का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजने का निर्णय लिया गया है। मौजूदा व्यवस्था के तहत निर्धारित समय में भुगतान नहीं करने पर किसानों पर ब्याज लग सकता है। तीन महीने से अधिक की देरी पर निर्धारित दर से ब्याज देय होने और एक वर्ष के भीतर भुगतान नहीं होने पर पट्टा निरस्त किए जाने का प्रावधान बताया गया है। ऐसे मामलों में किसानों की ओर से ब्याज माफ करने की मांग उठाई जाती रही है।

बोर्ड की मंजूरी के बाद अब ग्रामीण आबादी स्थल प्रबंधन एवं विनियमितीकरण विनियमावली में संशोधन का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। महत्वपूर्ण बात यह है कि ब्याज माफी अभी प्रस्तावित प्रक्रिया है; इसका अंतिम लाभ शासन की मंजूरी और लागू होने वाली संशोधित व्यवस्था पर निर्भर करेगा। इसके साथ ही लीज बैक के मामलों में किसानों के हिस्से का निर्धारण कर पट्टा जारी करने की प्रक्रिया को भी मंजूरी दी गई है। यह कदम संबंधित नियमों के तहत पात्र किसानों के मामलों को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

5. लिंक रोड से विस्थापित किसानों को लीज डीड का लाभ

गाजियाबाद में न्यू हॉलैंड ट्रैक्टर फैक्ट्री से एनएच-24, जिसे अब एनएच-9 कहा जाता है, तक लिंक रोड के निर्माण से प्रभावित किसानों के पुनर्वास के मामले में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण बोर्ड ने ग्राम चिपियाना खुर्द उर्फ तिगरी में उपलब्ध 5.48 एकड़ भूमि पर पात्र किसानों के लिए लीज डीड कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस प्रक्रिया में लीज डीड पर होने वाला खर्च भी प्राधिकरण वहन करेगा।

यह सुविधा उन मूल किसानों के लिए है, जिनकी जमीन सड़क निर्माण की जद में आई और जिनके नाम संबंधित राजस्व अभिलेखों में दर्ज हैं। प्राधिकरण की ओर से संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन किए जाने के बाद प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। इसके लिए किसानों को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण की ओर से जारी आवंटन पत्र की मूल प्रति और नक्शा-11 की सत्यापित प्रति अथवा संबंधित खसरे की जमीन खरीदने पर बैनामे की मूल प्रति जैसे निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। सत्यापन के बाद पात्र किसानों के पक्ष में लीज डीड की कार्रवाई पूरी की जाएगी।

6. ईकोटेक-1 में बनेगा सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र

ग्रेटर नोएडा में युवाओं को उद्योगों और सेवा क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देकर रोजगार से जोड़ने के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार केंद्र विकसित करने की योजना को भी आगे बढ़ाया गया है। इसके लिए सेक्टर ईकोटेक-1 स्थित औद्योगिक भूखंड संख्या-01 की 32,880 वर्गमीटर जमीन, यानी लगभग आठ एकड़ क्षेत्र, चिह्नित कर आरक्षित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भूमि का निशुल्क आवंटन सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) विभाग की सहमति के बाद किया जाएगा।

प्रस्तावित केंद्र में तकनीकी और गैर-तकनीकी प्रशिक्षण, भाषा प्रशिक्षण तथा प्लेसमेंट संबंधी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इसके अलावा प्रशिक्षणार्थियों के लिए हॉस्टल, कार्यालय और प्लेसमेंट सेल जैसी सुविधाओं का प्रावधान भी किया गया है। इस पहल का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करना और उन्हें देश के अन्य राज्यों के साथ विदेशों में उपलब्ध अवसरों से जोड़ना है।

7. ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाने के लिए 3,957 वर्गमीटर जमीन

औद्योगिक क्षेत्र में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के उद्देश्य से ईकोटेक-1 एक्सटेंशन में पुलिस थाना स्थापित करने के लिए ग्राम कासना में 3,957 वर्गमीटर भूमि निशुल्क उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई है। पुलिस विभाग की ओर से थाना निर्माण के लिए भूमि की मांग की गई थी। इसके बाद प्राधिकरण के परियोजना विभाग ने संबंधित भूखंड चिह्नित कर लीज प्लान उपलब्ध कराया। अब प्रस्ताव के अनुसार भूमि आवंटन और आगे की औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।

ग्रेटर नोएडा में औद्योगिक इकाइयों की संख्या और गतिविधियों के विस्तार को देखते हुए नए थाने की स्थापना से उद्यमियों, कर्मचारियों और आसपास के लोगों को सुरक्षा संबंधी सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, थाने का निर्माण और संचालन आगे की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर निर्भर करेगा।

8. ईकोटेक-10 का 132 केवी बिजलीघर बनेगा 220 केवी का

औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की बढ़ती मांग को देखते हुए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने ईकोटेक-10 स्थित मौजूदा 132/33 केवी जीआईएस विद्युत उपकेंद्र को 220/33 केवी जीआईएस उपकेंद्र में अपग्रेड करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर जमीन की कीमत और निर्माण लागत सहित लगभग 226 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके लिए 8,945 वर्गमीटर भूमि उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड को निशुल्क उपलब्ध कराने का प्रस्ताव है।

उच्च क्षमता वाला यह बिजलीघर ईकोटेक-10, ईकोटेक-11, घंघोला, मायचा और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों की भविष्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में मदद कर सकता है। औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के साथ बिजली की मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

9. प्राधिकरण अध्यक्ष से मिले कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी

बोर्ड बैठक के दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार से ग्रेटर नोएडा एंप्लाइज एसोसिएशन के अध्यक्ष सोनू भड़ाना और उपाध्यक्ष रविंद्र कसाना ने मुलाकात की। दोनों पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किसानों के मुआवजे, आबादी भूखंड, लीज बैक, पुनर्वास, कौशल विकास, पुलिस व्यवस्था और बिजली आपूर्ति जैसे विषयों पर लिए गए निर्णयों से ग्रेटर नोएडा के विकास और प्रभावित परिवारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं को आगे बढ़ाने का रास्ता खुला है।

कुल मिलाकर, 145वीं बोर्ड बैठक में किसानों को आर्थिक राहत देने, ग्रामीण आबादी से जुड़े लंबित मामलों को आगे बढ़ाने और औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर जोर दिया गया। अब इन फैसलों का वास्तविक लाभ संबंधित किसानों और नागरिकों तक पहुंचाने के लिए पात्रता सत्यापन, शासन की आवश्यक मंजूरी और क्रियान्वयन की समयसीमा अहम होगी।