जेवर/ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास तेजी से विकसित हो रहे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में अब शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) ने सेक्टर-11 में करीब 500 एकड़ भूमि पर यूनिवर्सिटी सिटी विकसित करने की योजना तैयार की है। इस प्रस्तावित यूनिवर्सिटी सिटी में देश और विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के कैंपस स्थापित किए जाने की तैयारी है। इससे यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों के साथ-साथ उच्च शिक्षा के एक बड़े केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शासन के निर्देश के बाद यीडा ने यूनिवर्सिटी सिटी के लिए सेक्टर-11 में करीब 500 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है। प्रस्तावित योजना के तहत यहां करीब पांच विश्वविद्यालयों को स्थापित करने की योजना है। विश्वविद्यालयों के कैंपस के अलावा विद्यार्थियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए छात्रावास, शैक्षणिक सुविधाएं, आंतरिक सड़कें, हरित क्षेत्र और अन्य आवश्यक सुविधाओं का विकास भी किया जाएगा।
एयरपोर्ट के नजदीक बनेगा बड़ा शिक्षा केंद्र
यूनिवर्सिटी सिटी की सबसे बड़ी खासियत इसकी लोकेशन होगी। सेक्टर-11 नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के नजदीक स्थित है। एयरपोर्ट के संचालन के साथ इस क्षेत्र में देश-विदेश से आने वाले लोगों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में एयरपोर्ट के पास अंतरराष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों के कैंपस विकसित होने से छात्रों, शिक्षकों और विदेशी संस्थानों के लिए बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी। यीडा की योजना क्षेत्र को केवल एक औद्योगिक शहर के रूप में विकसित करने की नहीं है, बल्कि यहां शिक्षा, स्वास्थ्य, वित्तीय सेवाओं, तकनीक, अनुसंधान और रोजगार से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों को एक साथ विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। यूनिवर्सिटी सिटी इसी व्यापक योजना का हिस्सा है।
पहले से कई शिक्षण संस्थान कर रहे हैं काम
यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में उच्च शिक्षा से जुड़े संस्थानों को विकसित करने की प्रक्रिया पहले से चल रही है। मिनी एसडीजेड योजना के तहत वर्ष 2011 में सेक्टर-17ए में 13 भूखंड आवंटित किए गए थे। इनमें नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी और गलगोटियाज यूनिवर्सिटी जैसे प्रमुख संस्थान स्थापित हो चुके हैं।
इसके अलावा सेक्टर-22ई में भी कई शिक्षण संस्थानों के लिए भूखंड आवंटित किए गए हैं। इनमें जेबीएम, नरसी मोंजी और फोर स्कूल समेत अन्य संस्थान शामिल हैं। जेबीएम यूनिवर्सिटी का निर्माण भी अंतिम चरण में बताया जा रहा है, जबकि अन्य संस्थानों के निर्माण कार्य भी आगे बढ़ रहे हैं। ऐसे में सेक्टर-11 में प्रस्तावित 500 एकड़ की यूनिवर्सिटी सिटी यीडा क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार को और गति दे सकती है।
पांच विश्वविद्यालयों के साथ विकसित होगा पूरा इकोसिस्टम
यीडा की प्रस्तावित योजना केवल विश्वविद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं होगी। यूनिवर्सिटी सिटी को एक एकीकृत एजुकेशन हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है। यहां पांच विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों की जरूरतों के अनुरूप अन्य सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। छात्रावासों के निर्माण से देश के अलग-अलग राज्यों और विदेशों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कैंपस के आसपास रहने की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इसके साथ ही क्षेत्र में खानपान, परिवहन, स्वास्थ्य, मनोरंजन और अन्य सेवाओं के विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
शासन से आवश्यक दिशा-निर्देश मिलने के बाद यीडा की ओर से विश्वविद्यालयों के लिए भूखंड आवंटन की योजना निकाली जाएगी। इसके बाद पात्र संस्थानों को भूखंड आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।
130 मीटर रोड से जुड़ेगा यूनिवर्सिटी सिटी क्षेत्र
सेक्टर-11 की कनेक्टिविटी भी इस परियोजना के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रस्तावित यूनिवर्सिटी सिटी 130 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे विकसित होगी। यह सड़क ग्रेटर नोएडा के चार मूर्ति चौक से शुरू होकर यीडा क्षेत्र में प्रस्तावित खुर्जा-पलवल एक्सप्रेसवे से जुड़ने की योजना का हिस्सा है। बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के कारण यूनिवर्सिटी सिटी तक ग्रेटर नोएडा, नोएडा और दिल्ली-एनसीआर के अन्य हिस्सों से पहुंच आसान होगी। एयरपोर्ट की नजदीकी के कारण देश के दूसरे शहरों और विदेशों से आने वाले छात्रों के लिए भी यहां पहुंचना सुविधाजनक होगा।
फिनटेक सिटी के साथ बनेगा बड़ा आर्थिक-शैक्षणिक क्षेत्र
खास बात यह है कि सेक्टर-11 के आसपास केवल यूनिवर्सिटी सिटी ही नहीं, बल्कि यीडा की फिनटेक सिटी परियोजना भी प्रस्तावित है। फिनटेक सिटी करीब 750 एकड़ क्षेत्र में विकसित करने की योजना है। एक तरफ उच्च शिक्षा और अनुसंधान से जुड़े संस्थान और दूसरी तरफ वित्तीय एवं तकनीकी कंपनियों के विकसित होने से यहां शिक्षा और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल की संभावनाएं बनेंगी।
इससे विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को इंटर्नशिप, प्रशिक्षण, शोध और रोजगार के अवसर भी स्थानीय स्तर पर मिल सकते हैं। भविष्य में यह क्षेत्र शिक्षा, तकनीक, वित्त और नवाचार से जुड़ी गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है।
आवासीय क्षेत्रों से भी मिलेगी कनेक्टिविटी
यूनिवर्सिटी सिटी के आसपास यीडा के आवासीय सेक्टर भी नियोजित हैं। इससे विश्वविद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों और काम करने वाले शिक्षकों एवं कर्मचारियों के लिए आसपास आवासीय सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। वहीं क्षेत्र में रहने वाले परिवारों को भी उच्च गुणवत्ता वाले शिक्षण संस्थानों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। यीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी राकेश कुमार सिंह के अनुसार, सेक्टर-11 में यूनिवर्सिटी सिटी के लिए 500 एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। विश्वविद्यालयों की आवश्यकताओं के अनुरूप सेक्टर का आंतरिक विकास किया जाएगा, ताकि संस्थानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
यीडा के एसीईओ शैलेंद्र भाटिया के अनुसार, यूनिवर्सिटी सिटी के आसपास आवासीय सेक्टर भी नियोजित हैं। एयरपोर्ट और सड़क कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र देश के अन्य हिस्सों से आने वाले छात्रों के लिए भी सुविधाजनक होगा।
नोएडा एयरपोर्ट के साथ बदलेगी पूरे क्षेत्र की तस्वीर
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के संचालन के बाद यमुना प्राधिकरण क्षेत्र में औद्योगिक, वाणिज्यिक, आवासीय और संस्थागत विकास की रफ्तार बढ़ने की उम्मीद है। ऐसे में 500 एकड़ में प्रस्तावित यूनिवर्सिटी सिटी इस बदलते परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण परियोजना साबित हो सकती है। यदि योजना के अनुसार देश-विदेश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय यहां अपने कैंपस स्थापित करते हैं, तो यमुना प्राधिकरण क्षेत्र को एनसीआर के प्रमुख एजुकेशन हब के रूप में नई पहचान मिल सकती है। विश्वविद्यालयों के साथ अनुसंधान, नवाचार, तकनीक, स्टार्टअप और उद्योग आधारित शिक्षा को बढ़ावा मिलने से स्थानीय युवाओं के लिए नए अवसर पैदा होने की संभावना है।
कुल मिलाकर, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास विकसित हो रही परियोजनाओं की श्रृंखला में 500 एकड़ की यूनिवर्सिटी सिटी एक ऐसी परियोजना होगी, जो शिक्षा, रोजगार, अनुसंधान और वैश्विक कनेक्टिविटी को एक मंच पर लाने का काम कर सकती है। आने वाले वर्षों में एयरपोर्ट, फिनटेक सिटी, औद्योगिक परियोजनाओं और यूनिवर्सिटी सिटी के संयुक्त विकास से यमुना प्राधिकरण क्षेत्र की तस्वीर और अर्थव्यवस्था दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

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