न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सुशील कुमार कुमार Updated Sat, 13 Nov 2021 12:23 PM IST
सार
अजय कुमार मिश्र ने कहा कि यह सम्मेलन सभी को यह याद दिलाने का प्रयास है कि हमें अपने संवैधानिक दायित्व को सर्वोपरि रखना चाहिए और अधिक से अधिक सरकारी काम हिंदी में करना चाहिए।अजय मिश्र टेनी - फोटो : अमर उजाला
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में अन्य विभागों के सदस्य भी अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में शामिल होंगे। अजय कुमार मिश्र ने कहा कि यह सम्मेलन सभी को यह याद दिलाने का प्रयास है कि हमें अपने संवैधानिक दायित्व को सर्वोपरि रखना चाहिए और अधिक से अधिक सरकारी काम हिंदी में करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी को संपर्क भाषा के रूप में मान्यता दी गई थी। पूरे देश को एकजुट करने और आंदोलन को गति देने के लिए हिंदी स्वतंत्रता आंदोलन की मुख्य भाषा बन गई। देश को आजादी मिलने के बाद, संविधान सभा ने सर्वसम्मति से 14 सितंबर, 1949 को इसे भारत की आधिकारिक भाषा घोषित किया। यह प्रसिद्ध विद्वान गोपालस्वामी अयंगर द्वारा प्रस्तावित किया गया था। अजय मिश्र हाल ही में तीन अक्तूबर को लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद सुर्खियों में आए थे, जिसमें चार किसानों सहित आठ लोग मारे गए थे।
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