नई दिल्ली5 घंटे पहले
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प्रदूषण की वजह से समय से पूर्व पैदा होने और वजन कम होने की समस्या तो होती ही है। पैदा होने के बाद भी प्रदूषण से प्रभावित बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में काफी दिक्कतें होती हैं। अस्थमा का ट्रिगर होता है, बच्चों में एलर्जी के अलावा कैंसर जैसी भी समस्या आने लगती है।
विशेषज्ञों का कहना हैं कि विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली विश्व की सबसे प्रदूषित राजधानियों में सर्वाधिक प्रदूषित है। यूरोपीय देशों के लोगों के फेफड़ों और भारतीय लोगों के फेफड़ों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया तो पाया गया कि भारतीय लोगों के फेफड़े प्रदूषण की वजह से सिकुड़ गए हैं।
दिल्ली प्रदूषण बाल रोग विशेषज्ञ एवं इंडियन मेडिकल एसोसिएशन सेंट्रल दिल्ली के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रमेश बंसल का कहना है कि बच्चों में प्रदूषण का काफी खतरनाक असर होता है। गर्भावस्था से ही बच्चों में यह समस्या आने लगती है। प्रदूषण की वजह से समय से पूर्व पैदा होने और वजन कम होने की समस्या तो होती ही है, पैदा होने के बाद भी प्रदूषण से प्रभावित बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में काफी दिक्कतें होती है।
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