ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। ग्रेटर नोएडा की स्वर्ण नगरी स्थित जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल में आज का दिन कुछ अलग ही था कभी हॉल में कंप्यूटर कोड्स चमक रहे थे, कभी मैदान में गणितीय रिले दौड़ रही थी, तो कभी स्मार्ट बोर्ड पर बच्चे भविष्य की तकनीक को अपनी कल्पनाओं से आकार दे रहे थे।
“क्वांटा–2025” नामक इस इंटर स्कूल गणित एवं तकनीकी उत्सव ने साबित कर दिया कि भविष्य उन्हीं का है जो तकनीक, रचनात्मकता और तार्किक सोच को एक साथ लेकर चलते हैं।
तकनीक + गणित = क्रिएटिव माइंड्स का धमाकेदार संगम
आज के समय में जब दुनिया AI, रोबोटिक्स और डिजिटल इनोवेशन की राह पर दौड़ रही है, ऐसे में स्कूलों का शिक्षा के आधुनिक मॉडलों को अपनाना न सिर्फ समय की मांग है, बल्कि बच्चों के भविष्य को दिशा देने का सबसे प्रभावी माध्यम भी है।
जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल ने यह दिखाया कि शिक्षा सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं,
बल्कि व्यावहारिक सीख,
तार्किक समझ, और तकनीकी दक्षता के साथ मिलकर एक नए युग की तैयारी कराती है।
17 स्कूलों की सहभागिता, NCR में उत्सव का सबसे बड़ा संस्करण
नई दिल्ली और नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र के कुल 17 प्रतिष्ठित स्कूलों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
ग्रेड–1 से लेकर ग्रेड–12 तक के छात्रों ने विभिन्न श्रेणियों के तकनीकी एवं गणितीय कार्यक्रमों में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
जब इतने बड़े पैमाने पर प्रतियोगिता होती है तो माहौल पहले ही रोमांचक हो जाता है, और बच्चों का उत्साह हर मिनट और बढ़ता जाता है।
कंप्यूटर तकनीक की दुनिया: ‘क्वांटा–2025’ में रचनात्मकता का विस्फोट
कंप्यूटर विषय की गतिविधियों को देखकर यही लगा कि आने वाला भविष्य बच्चों के हाथों में सुरक्षित है। कार्यक्रमों में शामिल थे
द पेन्ड गार्डन (The Pend Garden)
जहां छात्रों ने डिजिटल क्रिएशन और प्रस्तुति क्षमता का परिचय दिया।
भविष्य का ढांचा (Future Structure)
बच्चों ने AI आधारित भवन, रोबोटिक शहर और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के मॉडल प्रस्तुत किए।
स्क्रैच कविता (Scratch Poem)
कोडिंग के माध्यम से कविता!
तकनीक और साहित्य का यह मेल सभी ने खूब सराहा।
भविष्य को कोड करें (Code the Future)
कोडिंग के माध्यम से बच्चों ने जीवन की समस्याओं के तकनीकी समाधान दिखाए।
दूरदर्शी फ्रेम (Visionary Frame)
डिजिटल डिज़ाइनिंग में अद्भुत प्रतिभा देखने को मिली।
गड़बड़-शिकार (Bug Hunt)
छोटे-छोटे “कोड डिटेक्टिव” कोड की गलतियां खोजकर अपना जादू दिखा रहे थे। गणित की दुनिया में दिमागी कसरत और टीम वर्क का बेमिसाल प्रदर्शन गणितीय गतिविधियों की बात करें तो बच्चों ने अपनी तेज़ सोच और तर्कशक्ति से सभी को प्रभावित कर दिया।
रंग पहिया गणित चुनौती (Color Wheel Math Challenge)
रंग और गणित की कॉम्बिनेशन वाली यह गतिविधि बेहद लोकप्रिय रही।
स्टेशन रोटेशन चुनौती (Move-Station)
टीमवर्क, कैल्कुलेशन और स्पीड—तीनों का शानदार संगम।
बैटन पास करें – गणित रिले (Math Relay Race)
स्पोर्ट्स और मैथमेटिक्स का अद्भुत मेल—यह नेत्रहीन रूप से सबसे रोमांचक सेगमेंट था।
अल्टीमेट आई-नॉकआउट
लॉजिकल सोच और मानसिक फुर्ती का उच्चस्तरीय प्रदर्शन।
कार्यक्रम की शुरुआत ईश वंदना और स्वागत समारोह से
सुबह का माहौल विद्यालय परिसर में सकारात्मक ऊर्जा से भरा था। कार्यक्रम का शुभारंभ ईश वंदना, स्वागत और औपचारिक उद्घाटन से हुआ।
कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य अतिथियों ने कहा “इस तरह का आयोजन बच्चों में तार्किक क्षमता, तकनीकी समझ और प्रतिस्पर्धी भावना जागृत करता है।
जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल इस पहल के लिए बधाई का पात्र है।”
पूरे दिन उत्साह का माहौल, बच्चे बने ‘टेक–मैथ वारियर्स’
प्रतियोगिता के दौरान स्कूल परिसर में विद्यार्थियों का उत्साह देखने लायक था। छात्रों ने पूरे मन से भाग लिया और एक-दूसरे को प्रोत्साहित भी किया। यह आयोजन न सिर्फ प्रतियोगिता था, बल्कि
सीखने, दोस्ती बढ़ाने और तकनीक से जुड़ने का एक अनूठा अनुभव था।
अभिभावक, शिक्षक और मेहमान—सभी ने बच्चों की प्रतिभा को सराहा।
प्रधानाचार्या डॉ. रेणु सहगल का प्रेरक संदेश
विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. रेणु सहगल ने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा“बच्चों में गणित और तकनीक को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की मांग है।
ऐसे प्रतियोगी कार्यक्रमों से विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होते हैं। हमारा विद्यालय हमेशा बच्चों को नए अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।”
परिणाम घोषित – गोयंका ने जीता समग्र खिताब
कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद परिणाम इस प्रकार रहे
प्रथम स्थान – जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल, स्वर्ण नगरी, ग्रेटर नोएडा
द्वितीय स्थान – दिल्ली पब्लिक स्कूल, ग्रेटर नोएडा
तृतीय स्थान – दिल्ली पब्लिक स्कूल, गौतम बुद्ध नगर
यह जीत गोयंका के लिए गर्व का विषय रही, जबकि डीपीएस के छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया।
‘क्वांटा–2025’ ने दिखाया आधुनिक शिक्षा का भविष्य
यह आयोजन सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि
शिक्षा में नवाचार, तकनीक में महारत और गणित में गहराई की मिसाल था। इस तरह के आयोजन न सिर्फ बच्चों की प्रतिभा निखारते हैं,
बल्कि उन्हें भविष्य की तकनीकी दुनिया से भी जोड़ते हैं।
जी.डी. गोयंका पब्लिक स्कूल ने साबित कर दिया कि जहां शिक्षा आधुनिक हो, वहां भविष्य सुरक्षित होता है।

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