नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा में यातायात व्यवस्था को बेहतर करने और प्रमुख मार्गों के बीच सीधी कनेक्टिविटी विकसित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण परियोजना प्रस्तावित है। सेक्टर-38 से सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते तक करीब 2 किलोमीटर लंबा नया एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। खास बात यह है कि प्रस्तावित एलिवेटेड रोड का एक हिस्सा मेट्रो की मजेंटा लाइन के ऊपर से गुजरेगा, जिसके चलते इसकी ऊंचाई करीब 20 मीटर रखी जाएगी। इस लिहाज से यह नोएडा में बने भंगेल और मौजूदा एलिवेटेड रोड की तुलना में काफी ऊंचा होगा।
इस परियोजना के पूरा होने के बाद सेक्टर-38, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते की ओर आने-जाने वाले वाहनों को बेहतर और अधिक सीधी कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। परियोजना को चिल्ला एलिवेटेड रोड से जोड़ने की भी योजना है, जिससे दिल्ली की ओर से आने वाले यातायात को नोएडा के दक्षिणी हिस्सों और यमुना पुश्ते की दिशा में जाने के लिए वैकल्पिक मार्ग मिल सकेगा।
20 मीटर ऊंचाई क्यों होगी खास?
नोएडा में अब तक बनाए गए प्रमुख एलिवेटेड रोड की ऊंचाई सामान्य तौर पर करीब 10 मीटर के आसपास रही है। वहीं प्रस्तावित सेक्टर-38 से सेक्टर-94 एलिवेटेड रोड की ऊंचाई करीब 20 मीटर रखने की योजना है। इसकी सबसे बड़ी वजह रास्ते में आने वाली मेट्रो की मजेंटा लाइन है। प्रस्तावित एलिवेटेड रोड को इस तरह डिजाइन किया जा रहा है कि मेट्रो ट्रैक के ऊपर से सुरक्षित तरीके से गुजर सके। इसके लिए सड़क की ऊंचाई बढ़ानी होगी। यही वजह है कि नया एलिवेटेड कॉरिडोर मौजूदा एलिवेटेड मार्गों की तुलना में करीब दोगुना ऊंचा होगा।
यह तकनीकी चुनौती इस परियोजना को नोएडा के सामान्य एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट से अलग बनाती है। मेट्रो कॉरिडोर के ऊपर से गुजरने के कारण डिजाइन, संरचनात्मक सुरक्षा, पिलर की स्थिति और यातायात संचालन से जुड़े पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
1.5 किलोमीटर से बढ़ाकर 2 किलोमीटर हुआ प्रोजेक्ट
महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते की ओर प्रस्तावित एलिवेटेड रोड की लंबाई पहले करीब 1.5 किलोमीटर रखी गई थी। परियोजना की समीक्षा के बाद इसकी लंबाई करीब 500 मीटर बढ़ाकर 2 किलोमीटर करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। लंबाई बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य केवल एलिवेटेड रोड का विस्तार करना नहीं है, बल्कि इसे चिल्ला एलिवेटेड रोड और यमुना पुश्ते की ओर जाने वाले मार्ग से बेहतर तरीके से जोड़ना है। इसके लिए महामाया फ्लाईओवर के आसपास कनेक्टिविटी को भी नए सिरे से व्यवस्थित करने की योजना बनाई गई है।
एलिवेटेड रोड से यमुना पुश्ते तक बनेगा सीधा पुल
परियोजना में एक अहम बदलाव के तौर पर महामाया फ्लाईओवर के पास एलिवेटेड रोड से यमुना पुश्ते की ओर जाने के लिए एक पुल बनाने की योजना शामिल की गई है। इसका उद्देश्य एलिवेटेड रोड से उतरने वाले वाहनों को पुश्ते की तरफ सीधी कनेक्टिविटी देना है। इस व्यवस्था के बनने के बाद उन वाहन चालकों को फायदा होगा जिन्हें वर्तमान में पुश्ते की दिशा में जाने के लिए वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करना पड़ता है। एलिवेटेड रोड और पुल को एकीकृत तरीके से विकसित करने से पूरे कॉरिडोर की उपयोगिता बढ़ने की उम्मीद है।
IIT रुड़की ने तैयार किया DPR
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए IIT रुड़की को डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई थी। संस्थान ने करीब डेढ़ महीने तक परियोजना के विभिन्न तकनीकी और यातायात संबंधी पहलुओं का अध्ययन करने के बाद प्रारंभिक DPR नोएडा प्राधिकरण को सौंप दिया है। प्राधिकरण ने प्रारंभिक DPR का परीक्षण करने के बाद इसमें कुछ बदलाव और अतिरिक्त प्रावधान सुझाए हैं। खासतौर पर चिल्ला एलिवेटेड रोड से कनेक्टिविटी और महामाया फ्लाईओवर के पास यमुना पुश्ते की ओर जाने वाले वाहनों के लिए सीधा मार्ग उपलब्ध कराने को लेकर संशोधन सुझाए गए हैं। इसके बाद IIT रुड़की को फाइनल DPR तैयार करने के लिए कहा गया है।
करीब 300 करोड़ रुपये की लागत का अनुमान
प्रस्तावित एलिवेटेड रोड के निर्माण पर करीब 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है। हालांकि अंतिम लागत DPR में डिजाइन, संरचनात्मक आवश्यकताओं, निर्माण सामग्री, भूमि और अन्य तकनीकी पहलुओं के आधार पर कम या अधिक हो सकती है। मेट्रो लाइन के ऊपर से गुजरने और करीब 20 मीटर ऊंचाई पर निर्माण किए जाने के कारण इस परियोजना में सामान्य एलिवेटेड रोड की तुलना में अतिरिक्त तकनीकी प्रावधानों की आवश्यकता होगी। अंतिम DPR के आधार पर परियोजना की लागत और निर्माण संबंधी विस्तृत तस्वीर स्पष्ट होगी।
चिल्ला एलिवेटेड रोड से जुड़ेगा नया कॉरिडोर
यह परियोजना नोएडा की व्यापक कनेक्टिविटी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। दिल्ली में मयूर विहार फ्लाईओवर से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक प्रस्तावित चिल्ला एलिवेटेड रोड के साथ इसे जोड़ने की योजना है। इसके बाद सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते की दिशा में कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के लिए करीब 2 किलोमीटर का नया एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा। इससे दिल्ली से नोएडा में प्रवेश करने वाले वाहनों को दक्षिणी नोएडा और यमुना क्षेत्र की ओर जाने के लिए अधिक सुगम मार्ग मिल सकता है। साथ ही महामाया फ्लाईओवर और आसपास के जंक्शनों पर यातायात दबाव कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।
नोएडा के ट्रैफिक नेटवर्क को मिलेगा नया विकल्प
नोएडा में लगातार बढ़ते यातायात और नए आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्रों के विस्तार को देखते हुए वैकल्पिक कनेक्टिविटी विकसित करना जरूरी हो गया है। सेक्टर-38 से सेक्टर-94 तक प्रस्तावित एलिवेटेड रोड इसी दिशा में एक अहम परियोजना साबित हो सकता है। फिलहाल परियोजना की अंतिम DPR तैयार होने की प्रक्रिया चल रही है। इसमें प्राधिकरण की ओर से सुझाए गए संशोधनों को शामिल किए जाने के बाद परियोजना की तकनीकी और वित्तीय तस्वीर और स्पष्ट होगी। यदि प्रस्तावित योजना के अनुसार एलिवेटेड रोड और यमुना पुश्ते तक जाने वाला पुल तैयार होता है तो आने वाले वर्षों में सेक्टर-38, महामाया फ्लाईओवर, सेक्टर-94 और यमुना पुश्ते के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो सकती है।
करीब 20 मीटर ऊंचा यह एलिवेटेड रोड न केवल अपनी ऊंचाई के कारण खास होगा, बल्कि मेट्रो के ऊपर से गुजरने वाला डिजाइन, चिल्ला एलिवेटेड रोड से कनेक्टिविटी और यमुना पुश्ते तक सीधा संपर्क इसे नोएडा के महत्वपूर्ण ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शामिल कर सकता है।

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