ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कब्जे और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में बुधवार को बिलासपुर क्षेत्र में प्राधिकरण की टीम ने बुल्डोजर चलाकर करीब 24 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त करा लिया। मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 48 करोड़ रुपये बताई गई है। आरोप है कि कॉलोनाइजर जमीन पर बाउंड्री बनाकर अवैध प्लॉटिंग करने की तैयारी में थे।

यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देश पर की गई। प्राधिकरण अधिकारियों के मुताबिक अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी तरह के अवैध निर्माण, कब्जे अथवा अनधिकृत प्लॉटिंग को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नोटिस के बाद भी नहीं हटाया अतिक्रमण

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के DGM विजय रावल ने बताया कि बिलासपुर स्थित खसरा संख्या 1554 की जमीन पर कॉलोनाइजरों द्वारा अवैध निर्माण कर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा था। मौके पर बाउंड्री आदि का निर्माण कर जमीन को अवैध प्लॉटिंग के लिए तैयार किए जाने की जानकारी मिलने पर प्राधिकरण की ओर से संबंधित लोगों को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया। इसके बाद प्राधिकरण ने सख्त कार्रवाई का निर्णय लिया।

प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वरिष्ठ प्रबंधक नागेंद्र सिंह के नेतृत्व में वर्क सर्किल-8 की टीम बुधवार को सुरक्षा कर्मियों के साथ मौके पर पहुंची। टीम ने बुल्डोजर की मदद से किए गए अवैध निर्माण और बाउंड्री को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद करीब 24 हजार वर्गमीटर जमीन को कब्जे से मुक्त करा लिया गया। प्राधिकरण के अनुसार मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 48 करोड़ रुपये है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अधिसूचित क्षेत्र की जमीन पर बिना अनुमति किसी भी प्रकार का निर्माण या प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

अवैध कॉलोनियों में अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं’

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति को अवैध निर्माण करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की ओर से अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। एसीईओ ने आम लोगों से भी सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रेटर नोएडा में कहीं भी जमीन खरीदने से पहले लोग प्राधिकरण से संपर्क कर संबंधित जमीन और उसके स्वामित्व व भू-उपयोग की पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें। उन्होंने लोगों को चेताया कि अवैध कॉलोनियों में प्लॉट खरीदकर अपनी गाढ़ी कमाई न फंसाएं।

अधिसूचित क्षेत्र में लगातार निगरानी

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने अधिसूचित क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों के बाद प्राधिकरण के विभिन्न वर्क सर्किलों की टीमें अवैध निर्माण और कब्जों की निगरानी कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि प्राधिकरण की जमीन अथवा अधिसूचित क्षेत्र में अवैध तरीके से कब्जा कर प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। प्राधिकरण का उद्देश्य सरकारी और प्राधिकरण की संपत्तियों को अतिक्रमण से बचाने के साथ-साथ आम लोगों को अवैध कॉलोनाइजरों के जाल में फंसने से रोकना भी है।

बिलासपुर में हुई कार्रवाई को इसी अभियान की कड़ी माना जा रहा है। करीब 48 करोड़ रुपये मूल्य की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के बाद प्राधिकरण ने एक बार फिर स्पष्ट संदेश दिया है कि अधिसूचित क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और कब्जे के खिलाफ कोई नरमी नहीं बरती जाएगी।