मथुरा, रफ़्तार टुडे। यमुना किनारे बसी श्रीकृष्ण की नगरी अब हाईवे कनेक्टिविटी के एक नए अध्याय में प्रवेश कर चुकी है। 307 करोड़ रुपये की लागत से तैयार मथुरा उत्तरी बाईपास (Mathura Northern Bypass) अब लगभग पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है। यह अत्याधुनिक बाईपास नेशनल हाईवे-19 (NH-19) को यमुना एक्सप्रेसवे से जोड़ता है, जिससे अब ग्वालियर–जयपुर–फरीदाबाद से आने-जाने वाले वाहनों को मथुरा शहर के भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में नहीं घुसना पड़ेगा।
इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रियों को समय की बड़ी बचत होगी, बल्कि प्रदूषण और ट्रैफिक दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी।
2022 में रखी गई थी नींव, अब तैयार है “स्मार्ट बाईपास”
इस परियोजना की नींव वर्ष 2022 के अंत में रखी गई थी। निर्माण का जिम्मा हिलवेज कंपनी को दिया गया था, जिसने तय समय सीमा में बाईपास को लगभग तैयार कर दिया है। इसके लिए मथुरा, महावन और सादाबाद तहसीलों के दर्जनों किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी, जिन्हें उचित मुआवजा भी प्रदान किया गया।
यह बाईपास कुल 30 किलोमीटर लंबा है और आधुनिक यातायात मानकों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। इसमें हाई-मास्ट लाइट्स, सर्विस रोड, अंडरपास, पुल और बाउंड्रीवाल जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
चार अंडरपास और यमुना पर मजबूत पुल – ग्रामीणों को भी बड़ी राहत
बाईपास में कुल चार अंडरपास और यमुना नदी पर एक मजबूत पुल बनाया गया है। यह पुल क्षेत्र की भौगोलिक संरचना और बाढ़ की स्थिति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अंडरपास से आस-पास के ग्रामीणों को रोजमर्रा के सफर में भारी सुविधा मिलेगी। पहले ग्रामीणों को मुख्य हाईवे पार करने में खतरा रहता था, अब यह समस्या पूरी तरह खत्म हो जाएगी।
सर्विस रोड और बाउंड्रीवाल का निर्माण – बरसात में नहीं रुकेगा सफर
बाईपास के दोनों ओर सर्विस रोड तैयार की जा रही है, ताकि स्थानीय वाहनों को मुख्य राजमार्ग पर चढ़ने की जरूरत न पड़े। साथ ही, किनारों पर मजबूत बाउंड्रीवाल बनाई जा रही है जिससे बरसात में मिट्टी का कटाव या सड़क की क्षति न हो। यह निर्माण कार्य अंतिम चरण में है और इसके पूरा होते ही बाईपास को औपचारिक रूप से यातायात के लिए खोला जाएगा।
रैपुरा जाट से खंदौली तक का सफर अब सिर्फ 20 मिनट में
नए बाईपास के शुरू होने के बाद फरह से आगरा के खंदौली तक की दूरी अब केवल 30 किलोमीटर रह जाएगी। पहले जहां इस यात्रा में एक घंटे से अधिक समय लगता था, अब यह सफर सिर्फ 20 मिनट में पूरा होगा। इससे न केवल स्थानीय लोगों बल्कि दिल्ली, ग्वालियर, जयपुर और आगरा के यात्रियों को भी तेज़ और सुगम कनेक्टिविटी मिलेगी।
बाईपास से घटेगा मथुरा-आगरा में ट्रैफिक दबाव
मथुरा और आगरा दोनों शहरों में वर्षों से जाम एक बड़ी समस्या रही है। हर दिन हजारों वाहन शहर के अंदर से गुजरते हैं, जिससे प्रदूषण और ट्रैफिक जाम बढ़ता था। अब बाईपास के शुरू होने से यह दबाव काफी कम होगा।
ग्वालियर, जयपुर और फरीदाबाद से आने वाले भारी वाहन अब सीधे एनएच-19 से एक्सप्रेसवे पर जा सकेंगे, बिना शहर में प्रवेश किए। इससे ट्रैफिक पुलिस को भी राहत मिलेगी और आम जनता को सांस लेने की जगह मिलेगी।
गांवों को मिला आधुनिक आवागमन का तोहफ़ा
बाईपास से सटे गांव जैसे कजौली घाट, लालगढ़ी, भदाया, रैपुरा जाट आदि को अलग सर्विस रोड और अंडरपास की सुविधा दी गई है। ग्रामीणों को अब अपने खेतों या बाजार तक पहुंचने के लिए मुख्य हाईवे पार नहीं करना पड़ेगा।
इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि सुरक्षा भी बढ़ेगी। पैदल और दोपहिया वाहन चालकों के लिए यह नई सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है।
20 दिन में शुरू होगा संचालन, उद्घाटन की तैयारी जारी
हालांकि निर्माण लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन हाई-टेंशन लाइन की शिफ्टिंग के कारण इसे चालू होने में अभी 15 से 20 दिन और लग सकते हैं। इसके बाद एनएचएआई (NHAI) और यमुना एक्सप्रेसवे प्राधिकरण (YEIDA) द्वारा उद्घाटन की तारीख घोषित की जाएगी।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री या मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हो सकते हैं।
पर्यावरण संरक्षण और हरियाली पर विशेष ध्यान
बाईपास के दोनों ओर हरित पट्टियों (Green Belts) का विकास किया जा रहा है। सड़क किनारे सैकड़ों पौधे लगाए जा रहे हैं ताकि सड़क की सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन दोनों बनाए रखा जा सके।
प्रोजेक्ट टीम के एक इंजीनियर ने बताया कि “यह बाईपास सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि एक पर्यावरण अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल है, जो भविष्य के स्मार्ट सिटी प्लान से मेल खाता है।”
स्थानीय व्यापार और पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा
मथुरा-बृज क्षेत्र धार्मिक पर्यटन का प्रमुख केंद्र है। बाईपास चालू होने से दिल्ली, जयपुर और आगरा से आने वाले भक्तों का सफर काफी आसान होगा। इससे स्थानीय होटल, ढाबे और हस्तशिल्प बाजारों में भी कारोबार बढ़ेगा।
साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों से माल ढुलाई में भी तेजी आएगी, जिससे आर्थिक विकास को बल मिलेगा।
रफ़्तार टुडे की राय
यह बाईपास न केवल मथुरा-आगरा क्षेत्र के लिए, बल्कि पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास की नई राह खोलेगा। ट्रैफिक की समस्या से जूझते यात्रियों के लिए यह किसी वरदान से कम नहीं। अब “घंटों का सफर मिनटों में” वाली कहावत यहां सच साबित होने जा रही है।

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