ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आने-जाने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सितंबर माह से दोनों शहरों के बीच एक नया वैकल्पिक मार्ग शुरू होने की उम्मीद है। इस नए रूट के चालू होने के बाद वाहन चालक एलजी गोल चक्कर से शारदा यूनिवर्सिटी गोल चक्कर होते हुए सीधे नोएडा सेक्टर-146 और 147 के रास्ते नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर पहुंच सकेंगे। इससे परी चौक पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव में कमी आएगी और यात्रियों का समय भी बचेगा।
सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल से तेज हुआ प्रोजेक्ट
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार की पहल पर लंबे समय से रुका हुआ एप्रोच रोड का निर्माण कार्य अब तेज गति से कराया जा रहा है। भूमि विवाद सुलझने के बाद निर्माण एजेंसियों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि 25 सितंबर से शुरू होने वाले यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले इस मार्ग को आम लोगों के लिए खोल दिया जाए।
हिंडन नदी पर पुल तैयार, अंतिम चरण में एप्रोच रोड
इस परियोजना के तहत हिंडन नदी पर पुल का निर्माण पहले ही पूरा किया जा चुका है। अधिकांश सड़क भी तैयार है। अब केवल एप्रोच रोड और कुछ शेष निर्माण कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। यह नया कॉरिडोर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच आवागमन को अधिक सुगम और तेज बनाएगा।

25 करोड़ रुपये से विकसित हो रहा महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट
प्राधिकरण ने इस परियोजना के तहत एप्रोच रोड और अंडरपास निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। अधिकारियों के अनुसार, भूमि संबंधी अड़चन दूर होने के बाद अब निर्माण कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है ताकि निर्धारित समय सीमा में इसे पूरा किया जा सके।
डीजीएम विजय रावल बोले— तेजी से पूरा कराया जा रहा निर्माण कार्य
प्राधिकरण के डीजीएम (प्रोजेक्ट) विजय रावल ने बताया कि एप्रोच रोड का निर्माण कार्य तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सितंबर तक इस मार्ग को शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच यात्रा करने वालों को एक नया और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
परी चौक पर ट्रैफिक होगा कम, 130 मीटर रोड तक आसान होगी पहुंच
वर्तमान में परी चौक पर वाहनों का अत्यधिक दबाव रहता है। नया मार्ग शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में वाहन एलजी गोल चक्कर से सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे, जिससे परी चौक पर जाम की समस्या कम होगी। इसके अलावा 130 मीटर रोड तक पहुंचना भी पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा। जब भी नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर कोई दुर्घटना, मरम्मत कार्य या वीवीआईपी मूवमेंट के कारण यातायात प्रभावित होगा, तब यह नया मार्ग एक प्रभावी वैकल्पिक रूट के रूप में काम करेगा।
आईआईटी रुड़की करेगा फ्लड इम्पैक्ट स्टडी
चूंकि यह मार्ग हिंडन नदी के डूब क्षेत्र से होकर गुजरता है, इसलिए ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने आईआईटी रुड़की से फ्लड इम्पैक्ट स्टडी कराने का निर्णय लिया है। इस अध्ययन में यह आकलन किया जाएगा कि बाढ़ की स्थिति में पुल, एप्रोच रोड और अन्य संरचनाओं पर क्या प्रभाव पड़ सकता है तथा भविष्य में उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाए।
सीईओ एनजी रवि कुमार का बयान
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार ने कहा "नोएडा और ग्रेटर नोएडा के बीच बेहतर कनेक्टिविटी हमारी प्राथमिकताओं में शामिल है। यह नया मार्ग न केवल परी चौक पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि लोगों को तेज, सुरक्षित और वैकल्पिक आवागमन का बेहतर विकल्प भी उपलब्ध कराएगा। हमारा प्रयास है कि यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो से पहले इस परियोजना को पूरा कर जनता को समर्पित किया जाए। गुणवत्ता और सुरक्षा के सभी मानकों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।"
लोगों को होंगे ये प्रमुख लाभ
- एलजी गोल चक्कर से सीधे नोएडा एक्सप्रेसवे तक आसान पहुंच।
- परी चौक पर ट्रैफिक दबाव में कमी।
- सेक्टर-146 और 147 तक तेज कनेक्टिविटी।
- वीवीआईपी मूवमेंट या एक्सप्रेसवे जाम के दौरान वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध।
- यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के दौरान लाखों आगंतुकों को बेहतर यातायात सुविधा।

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