ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे।
शहर की नामी और लग्जरी कही जाने वाली पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी इन दिनों डर और दहशत के माहौल में जी रही है। यहां के निवासी इन दिनों बंदरों और आवारा कुत्तों के दोहरे आतंक का सामना कर रहे हैं। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, कोई भी सुरक्षित नहीं महसूस कर रहा। वहीं, सुरक्षा और मेंटेनेंस का जिम्मा संभाल रहे पैरामाउंट बिल्डर और NDS टीम की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अगर जल्द ही हालात पर काबू नहीं पाया गया, तो वे सामूहिक रूप से बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।
सोसाइटी में इस मुद्दे को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है और लोग सोशल मीडिया पर भी खुलकर नाराज़गी जता रहे हैं।


बंदरों का बढ़ता आतंक — बच्चों और महिलाओं पर हमले

लेन नंबर 3 के पास हुई ताज़ा घटना ने निवासियों को हिला कर रख दिया। एक निवासी ने शिकायत में बताया कि उनकी पत्नी और बच्चों पर एक बंदर ने हमला किया।

  • डर के मारे भागते समय वे गिर पड़े और चोटिल हो गए।
  • सौभाग्य से पास में मौजूद मजदूरों ने समय रहते बंदर को भगा दिया।
  • एक खास आक्रामक बंदर कई बार लोगों को काट चुका है और बच्चों को स्कूल जाने से रोक रहा है।

निवासियों का कहना है कि यह समस्या लेन 1 से लेकर लेन 4 तक फैली हुई है और अब स्थिति असहनीय हो चुकी है।


आवारा कुत्तों की भरमार — हर गेट और गार्डन में फैली गंदगी

सोसाइटी के व्हाट्सएप ग्रुप पर नितिन नामक निवासी ने लिखा कि कुत्ते न सिर्फ बच्चों को डराते हैं बल्कि कई को काट भी चुके हैं।

  • हर गेट, गार्डन और सड़कों पर कुत्तों का झुंड घूमता है।
  • जगह-जगह गंदगी और कूड़ा फैला है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ गया है।
  • कई बार बच्चे और बुजुर्ग घर से बाहर निकलने से भी डरते हैं।

उन्होंने सवाल उठाया कि क्या करुणा के नाम पर यह लापरवाही सही है, और उम्मीद जताई कि सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर हो रही सुनवाई से समाधान निकलेगा।

ग्रेटर नोएडा की पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्ट सोसाइटी में बंदरों और आवारा कुत्तों का कहर

बिल्डर और NDS मैनेजमेंट की निष्क्रियता

निवासियों का आरोप है कि पैरामाउंट बिल्डर और NDS टीम सिर्फ मेंटेनेंस फीस वसूलने में सक्रिय हैं, लेकिन वास्तविक समस्याओं को सुलझाने में कोई कदम नहीं उठा रहे।

  • NDS सुरक्षा टीम फंड की कमी का बहाना बनाती है।
  • बिल्डर पर आरोप है कि वह सिर्फ पैसे लेने तक सीमित है, जबकि सुरक्षा, सफाई और मॉनिटरिंग में पूरी तरह असफल है।
  • इस लापरवाही के कारण अब पूरी सोसाइटी असुरक्षा के साए में जी रही है।

निवासियों की मांग

  • बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थान पर भेजा जाए।
  • आवारा कुत्तों के लिए नगर निगम की मदद ली जाए।
  • सोसाइटी में सुरक्षा गार्ड की संख्या और पेट्रोलिंग बढ़ाई जाए।
  • बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सुरक्षा अलर्ट जारी हो।
  • गंदगी और कचरे की तुरंत सफाई सुनिश्चित हो।

गुस्से में निवासी, कानूनी कार्रवाई की तैयारी

कई निवासियों का कहना है कि अगर जल्द ही हालात पर काबू नहीं पाया गया, तो वे सामूहिक रूप से बिल्डर और मेंटेनेंस कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने के लिए बाध्य होंगे।
सोसाइटी में इस मुद्दे को लेकर बैठकों का दौर शुरू हो गया है और लोग सोशल मीडिया पर भी खुलकर नाराज़गी जता रहे हैं।


#GreaterNoida #ParamountGolfForest #सोसाइटीसमस्या #MonkeyMenace #DogMenace #ResidentsSafety #BuilderNegligence #NDSSecurity #SupremeCourt #NoidaNews #LocalNews #GautamBuddhNagar #RaftarToday #SocietyIssues #ResidentsVoice #AnimalAttack #UrbanSafety #MaintenanceIssues #SecurityConcerns #LuxurySocietyProblems


? Raftar Today व्हाट्सएप चैनल से जुड़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच करें।
Follow the Raftar Today channel on WhatsApp

Twitter (X): Raftar Today (@raftartoday)