ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। जब दुनिया क्लीन एनर्जी और सस्टेनेबल मोबिलिटी की तरफ बढ़ रही है, तब भारत भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। इलेक्ट्रिक सोलर व्हीकल चैंपियनशिप (ESVC-3000) रैली सीजन-2 का फाइनल मुकाबला ग्रेटर नोएडा के गलगोटिया विश्वविद्यालय में होने जा रहा है। यह रेस देशभर के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेजों की सौर ऊर्जा से चलने वाली कारों के बीच होगी, जहां तकनीकी उत्कृष्टता, स्पीड और एनर्जी एफिशिएंसी की परीक्षा होगी।

यमुना एक्सप्रेसवे पर होगा रोमांचक मुकाबला, 50KM ट्रैक पर गाड़ियों की असली परीक्षा

यह फाइनल रेस यमुना एक्सप्रेसवे के विशेष रूप से तैयार किए गए 50 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर होगी, जहां प्रतिभागियों की गाड़ियां अपनी सौर ऊर्जा दक्षता, ब्रेकिंग सिस्टम, पावर कंट्रोल और बैटरी क्षमता का प्रदर्शन करेंगी। प्रतियोगिता के दौरान सभी टीमों की गाड़ियों को सुरक्षा, ब्रेकिंग, एक्सीलरेशन और हिल क्लाइंबिंग टेस्ट से गुजरना पड़ा।

इस बार प्रतियोगिता में 20 से अधिक टीमों ने भाग लिया था, लेकिन कठिन परीक्षणों और कई दौरों के बाद सिर्फ 4 टीमें ही ग्रैंड फिनाले में जगह बना सकीं।

फाइनल में जगह बनाने वाली 4 बेहतरीन टीमें

इस रोमांचक चैंपियनशिप के फाइनल में जगह बनाने वाली चार प्रमुख टीमें हैं:

  1. पिंपरी चिंचवड़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे – टीम सोलारियम
  2. केआईईटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, गाजियाबाद – टीम इनक्रेडिबल्स
  3. मणिपाल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मणिपाल – टीम सोलरमोबिल
  4. सिंहगढ़ कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, पुणे – टीम स्टेस हाइपरियन

इन टीमों ने साबित कर दिया है कि इनोवेशन और ग्रीन एनर्जी को लेकर वे कितनी गंभीर हैं। उनकी गाड़ियां पूरी तरह से सौर ऊर्जा से संचालित होती हैं और उन्हें उच्च स्तर की तकनीकी जांच से गुजरना पड़ा है।

सौर ऊर्जा से दौड़ेंगी भविष्य की गाड़ियां!, ESVC-3000 रैली का फाइनल मुकाबला गलगोटिया विश्वविद्यालय में

तीन दिनों तक चला मुकाबला, हर टेस्ट में टीमों को देनी पड़ी कड़ी परीक्षा

गलगोटिया विश्वविद्यालय में तीन दिनों तक इस प्रतियोगिता के अलग-अलग चरण आयोजित किए गए, जिसमें टीमों ने अपने वाहनों की क्षमता को साबित करने के लिए कड़ी मेहनत की।

✅ 20 टीमों ने तकनीकी और सुरक्षा जांच पास की।
✅ 19 टीमों ने एक्सीलरेशन टेस्ट को सफलतापूर्वक पूरा किया।
✅ 4 टीमों ने ब्रेकिंग टेस्ट में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
✅ 2 टीमों ने हिल क्लाइंबिंग टेस्ट के लिए क्वालीफाई किया।

अब फाइनल मुकाबले में इन चार बेहतरीन टीमों के बीच असली जंग होगी, जहां सबसे तेज़ और सबसे टिकाऊ सोलर-इलेक्ट्रिक कार को विजेता घोषित किया जाएगा।

गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने दी शुभकामनाएं

सौर ऊर्जा से दौड़ेंगी भविष्य की गाड़ियां!, ESVC-3000 रैली का फाइनल मुकाबला गलगोटिया विश्वविद्यालय में

गलगोटिया विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया ने इस आयोजन को लेकर कहा,
"ESVC-3000 चैंपियनशिप की मेजबानी करना हमारे लिए गर्व की बात है। इस प्रतियोगिता में हमने देशभर के युवा इंजीनियरों का अद्भुत टैलेंट और इनोवेशन देखा है। यह सिर्फ एक रेस नहीं, बल्कि ग्रीन एनर्जी और भविष्य की सस्टेनेबल मोबिलिटी का प्रतीक है।"

कल होगा विजेता का ऐलान, कौन बनेगा भारत का सौर एनर्जी चैम्पियन?

फाइनल मुकाबले के बाद विजेता टीम की घोषणा की जाएगी, जिसे ट्रॉफी और इनोवेशन अवार्ड्स से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतियोगिता भारत में ग्रीन एनर्जी से चलने वाले वाहनों के भविष्य को एक नया आयाम दे सकती है।

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