गाजियाबादएक घंटा पहले

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संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से रवि आजाद ने फेसबुक लाइव आकर पुतले जलाने की तारीख बदलने की जानकारी दी है। - Dainik Bhaskar

संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से रवि आजाद ने फेसबुक लाइव आकर पुतले जलाने की तारीख बदलने की जानकारी दी है।

श्लरखीमपुर खीरी कांड के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा ने नरेंद्र मोदी, अमित शाह समेत अन्य नेताओं के पुतले जलाने के दिन में बदलाव किया है। ये पुतले अब 15 की जगह 16 अक्तूबर को जलाए जाएंगे। दरअसल, कुछ जगहों से धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचने से संबंधी बयान आ रहे थे। इसके बाद एसकेएम ने यह फैसला लिया है। भारतीय किसान यूनियन ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल से गुरुवार दोपहर 1.55 बजे ट्वीट करके कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी। बीकेयू ने लिखा- संयुक्त किसान मोर्चा के फैसले के अनुसार 15 तारीख को होने वाला कार्यक्रम एक दिन बाद 16 तारीख को किया जाएगा।

तिकुनिया से हुआ था ऐलान
12 अक्तूबर को लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में अंतिम अरदास हुई। यहां संयुक्त किसान मोर्चा ने चार कार्यक्रमों का ऐलान किया था। इसमें एक कार्यक्रम 15 अक्तूबर को किसान विरोधी नेताओं के पुतले दहन करने का भी था। तय हुआ था कि नरेंद्र मोदी, अमित शाह, अजय मिश्रा, नरेंद्र सिंह तोमर, योगी आदित्यनाथ, मनोहरलाल खट्टर आदि नेताओं के पुतले दहन किए जाएंगे। इसे दशहरा उत्सव के रूप में मनाया जाएगा।

भारतीय किसान यूनियन ने भी ट्वीट कर तारीख बदलने की जानकारी दी।

भारतीय किसान यूनियन ने भी ट्वीट कर तारीख बदलने की जानकारी दी।

SKM ने कहा- सरकार की साजिश के चलते कार्यक्रम बदला
संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से रवि आजाद ने गुरुवार दोपहर ढाई बजे फेसबुक लाइव पर आकर इस कार्यक्रम में बदलाव की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी तरह पुतला दहन कार्यक्रम को हिन्दू और सिख साम्प्रदायिकता रंग देने में लगी हुई है। हमें सोशल मीडिया और तमाम माध्यमों से इसकी जानकारी हुई। इसके बाद भाजपा और RSS की साजिशों को समझते हुए पुतला दहन का कार्यक्रम 15 अक्तूबर की बजाय 16 अक्तूबर किया गया है। रवि आजाद ने कहा कि तराई क्षेत्र लखीमपुर खीरी में पुतला दहन कार्यक्रम नहीं होगा, ताकि सरकार वहां फिर कोई साजिश न कर सके।
किसानों के ये हैं चार कार्यक्रम

  • 16 अक्तूबर को देशभर में मोदी-शाह के पुतले जलाए जाएंगे
  • 18 अक्तूबर को छह घंटे के लिए रेल रोकी जाएंगी
  • 24 अक्तूबर को अस्थि कलश यात्राओं का समापन होगा
  • 26 अक्तूबर को लखनऊ में किसान महापंचायत आयोजित

यह आंदोलन क्यों है?
तीन अक्तूबर को यूपी के लखीमपुर खीरी में थार गाड़ी से कुचलकर चार किसानों व एक पत्रकार की मौत हो गई। इसका आरोप गृह राज्यमंत्री अजय मिश्र टेनी के बेटे आशीष मिश्र मोनू पर है। मोनू गिरफ्तार है। एसकेएम की मांग है कि हत्याकांड में मंत्री को जेल भेजा जाए और मंत्री पद से बर्खास्त किया जाए। इसे लेकर एसकेएम के नेतृत्व में किसान आंदोलन कर रहे हैं।

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