खुले और क्षतिग्रस्त फीडर बॉक्स से लेकर अव्यवस्थित केबल और पुरानी विद्युत लाइनों तक के मुद्दे उठाए; सुरक्षा ऑडिट और समयबद्ध समाधान की मांग
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर बीटा-1 में विद्युत व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर सेक्टर बीटा RWA ने NPCIL के समक्ष प्रमुख मुद्दे उठाते हुए ज्ञापन सौंपा। RWA पदाधिकारियों ने विद्युत सुरक्षा, फीडर बॉक्स, खुले केबल, पुरानी विद्युत लाइनों, उपकेंद्रों की सफाई और विद्युत ढांचे के रखरखाव से संबंधित समस्याओं का समाधान कराने की मांग की। RWA की ओर से बताया गया कि सेक्टर में कई स्थानों पर NPCIL के फीडर बॉक्स खुले, पुराने अथवा क्षतिग्रस्त स्थिति में हैं। इनकी वजह से आम नागरिकों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए विद्युत दुर्घटना का खतरा बना रहता है। खुले फीडर बॉक्स में बारिश का पानी, धूल और कचरा जाने से शॉर्ट सर्किट तथा विद्युत फॉल्ट की आशंका भी बढ़ सकती है।
RWA ने मांग की कि सभी खुले एवं क्षतिग्रस्त फीडर बॉक्स की तत्काल जांच कराकर उन्हें सुरक्षित, लॉक और निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए।
खुले और अव्यवस्थित केबलों को सुरक्षित करने की मांग
RWA पदाधिकारियों ने फीडर बॉक्स से निकलने वाली विद्युत केबलों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उनका कहना है कि कई स्थानों पर विद्युत केबल खुले और अव्यवस्थित तरीके से पड़ी अथवा निकली हुई हैं। इससे पैदल चलने वाले लोगों और आसपास रहने वाले नागरिकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
RWA ने सभी खुली केबलों को व्यवस्थित कर उचित सुरक्षा कवर अथवा कंड्यूट में रखने और क्षतिग्रस्त केबलों को बदलने की मांग की है। पदाधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान खुले विद्युत तार और केबल अधिक जोखिम पैदा कर सकते हैं, इसलिए इनका समय रहते समाधान जरूरी है।
फीडर बॉक्स पर पोस्टर और विज्ञापन हटाने की मांग
RWA ने NPCIL के फीडर बॉक्स पर लगाए जा रहे अवैध पोस्टर, विज्ञापन और प्रचार सामग्री का मुद्दा भी उठाया। पदाधिकारियों का कहना है कि इससे सेक्टर की स्वच्छता और सुंदरता प्रभावित होती है। साथ ही फीडर बॉक्स की पहचान और उसके निरीक्षण में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। RWA ने सभी फीडर बॉक्स से अवैध पोस्टर और विज्ञापन तत्काल हटाने तथा दोबारा ऐसी सामग्री लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की व्यवस्था करने की मांग की।
भूमिगत विद्युत व्यवस्था के बाद पुरानी ओपन लाइनें हटाने की मांग
RWA महासचिव हरेन्द्र भाटी ने बताया कि सेक्टर-1 में भूमिगत विद्युत व्यवस्था पूरी होने के बाद पुरानी ओपन विद्युत लाइनों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पुरानी लाइनों और संबंधित विद्युत ढांचे को हटाकर क्षेत्रों को सुरक्षित एवं व्यवस्थित किया जाना आवश्यक है। उन्होंने विद्युत उपकेंद्रों और बिजलीघरों की नियमित सफाई का मुद्दा भी उठाया। RWA के अनुसार, कई स्थानों पर विद्युत उपकेंद्रों के आसपास नियमित सफाई नहीं होने के कारण कूड़ा-कचरा, झाड़ियां और गंदगी जमा हो जाती है। इससे उपकरणों के रखरखाव में परेशानी के साथ आग और अन्य सुरक्षा जोखिम भी बढ़ सकते हैं।
RWA ने सभी विद्युत उपकेंद्रों की नियमित और समयबद्ध सफाई के लिए व्यवस्था बनाने तथा इसके लिए निरीक्षण प्रणाली लागू करने की मांग की।
विद्युत व्यवस्था का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग
ज्ञापन में विद्युत व्यवस्था से जुड़ी अन्य सुरक्षा और रखरखाव संबंधी समस्याओं को भी शामिल किया गया। RWA के मुताबिक समय-समय पर टूटे या क्षतिग्रस्त ढक्कन, खुले पैनल, असुरक्षित केबल, खराब स्ट्रीट लाइट कनेक्शन, जर्जर विद्युत संरचनाएं और अन्य समस्याएं सामने आती रहती हैं।
RWA ने मांग की कि सभी सेक्टरों में विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर का सुरक्षा ऑडिट और संयुक्त निरीक्षण कराया जाए। निरीक्षण के दौरान सामने आने वाली समस्याओं को चिन्हित कर उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए। RWA पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत व्यवस्था से जुड़ी छोटी-सी समस्या भी यदि लंबे समय तक अनदेखी रहे तो वह गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। इसलिए सुरक्षा और रखरखाव से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
ज्ञापन सौंपने के दौरान अध्यक्ष श्रीमती संगीता शर्मा, महासचिव हरेन्द्र भाटी, कोषाध्यक्ष एडवोकेट विपिन भाटी और सचिव ओम प्रकाश शर्मा सहित RWA के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।

Comments (0)
Leave a Comment