सार
पिछली सीट पर बैठे मामा-भांजे के शव बुरी तरह कुचले।ख़बर सुनें
विस्तार
हालात देखकर मौके पर दमकल विभाग के अलावा आपदा प्रबंधन की टीम को मौके पर बुलाया गया। आईएसबीटी से काले खां के बीच रिंग रोड पर ट्रैफिक को बंद कर दिया गया। चूंकि कंटेनर में 50 टन के करीब चावल भरा था। इसलिए उसको हटाने के लिए पुलिस ने ट्रैफिक पुलिस की दो क्रेन के अलावा दो अन्य बड़ी क्रेनों को बुलाया। कड़ी मशक्कत के बाद करीब ढाई घंटे में चारों शवों को निकाला जा सका। इस दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ भी जुटी रही। पुलिस को लोगों को हटाने में मशक्कत करने पड़ी।
दमकल विभाग के सब ऑफिसर राजेश कुमार ने बताया कि सुबह उनकी टीम को खबर मिली तो कनॉट प्लेस से उनकी टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई। ऑटो बुरी तरह कंटेनर के नीचे दबा था। शवों को निकालने के लिए पहले कंटेनर को ऑटो से हटाना जरूरी था। रोड को ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद कंटेनर में बड़े-बड़े हुक व बेल्ट को फंसाकर एक साथ सभी क्रेनों ने मिलकर कंटेनर को हटाया।
करीब डेढ़ घंटे बाद सबसे पहले कटर से ऑटो की बॉडी को काटकर जय किशोर यादव का शव निकाला गया। इसके कुछ ही देर बाद सुरेंद्र का शव भी निकाल लिया गया। पिछली सीट पर मौजूद कोमल सिंह और उसके भांजे के शव बुरी तरह क्रैश हो चुके थे। दोनों के शवों को निकालने के लिए दमकल विभाग और आबदा प्रबंधन की टीम को अलग तरह के टूल्स का इस्तेमाल करना पड़ा। एक घंटे बाद शवों को निकाला गया। ट्रक को सीधा कर उसे थाने पहुंचवाया गया। क्राइम सीन से साक्ष्य जुटाने के बाद रिंग रोड को करीब तीन घंटे बाद आम ट्रैफिक के लिए खोल दिया गया। पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से हादसे के सही कारणों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
मोड़ पर ट्रैफिक मर्ज होने की वजह से बिगड़ा संतुलन...
दिल्ली पुलिस सूत्रों का कहना है कि रिंग रोड के बाईपास पर आईएसबीटी से आईटीओ की ओर आते समय ट्रैफिक काफी तेज गति से आता है। यहां यह रोड समाप्त होकर पुराने रिंग रोड से मर्ज होता है, वहां पर काफी तीव्र मोड़ है। ऐसे में अक्सर वाहन चालक वहां पर गच्चा खा जाते हैं। तेज गति होने के कारण उनका संतुलन बिगड़ता है और हादसे का शिकार होते हैं। शनिवार सुबह हुए हादसे के लिए भी यही कारण माना जा रहा है।
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