ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टुडे। भारत सरकार के राज्यसभा सांसद माननीय एम. थंबीदुरई ने गलगोटियास विश्वविद्यालय का दौरा कर इसकी तकनीकी और शैक्षिक उत्कृष्टता की सराहना की। उन्होंने विश्वविद्यालय को उत्तर भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और तकनीक-आधारित शिक्षा का प्रमुख केंद्र बताया और विश्वविद्यालय के शिक्षण मॉडल की प्रशंसा की।
एआई और डेटा साइंस लैब का निरीक्षण
दौरे के दौरान सांसद एम. थंबीदुरई ने विश्वविद्यालय के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा साइंस ब्लॉक का निरीक्षण किया, जहां उन्होंने नवीनतम एआई अनुसंधान और इसके शैक्षिक प्रभाव को करीब से समझा। उन्होंने विशेष रूप से iOS लैब को देखकर विश्वविद्यालय की अत्याधुनिक उद्योग-उन्मुख शिक्षण प्रणाली की सराहना की।
जी-स्केल पहल और एआई नॉलेज सेंटर की सराहना
सांसद ने G-Scale पहल में भी गहरी रुचि दिखाई, जो शिक्षाविदों और उद्योग जगत के बीच की खाई को पाटने और व्यावहारिक शिक्षण को मजबूत करने के लिए कार्य कर रही है। उनके दौरे का मुख्य आकर्षण भारत के पहले एआई नॉलेज सेंटर की प्रस्तावित शुरुआत रही, जिसे 1 मार्च 2025 को लॉन्च किया जाएगा। उन्होंने इसे एआई-आधारित शिक्षा और अनुसंधान की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया।

गलगोटियास विश्वविद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा
माननीय सांसद एम. थंबीदुरई ने विश्वविद्यालय के सीईओ डॉ. ध्रुव गलगोटिया के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि गलगोटियास विश्वविद्यालय भारत में कंप्यूटर साइंस और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का सबसे उन्नत और प्रमुख केंद्र बन रहा है। उन्होंने विश्वविद्यालय के तकनीकी नवाचार, अनुसंधान और उद्योग सहयोग में योगदान को भी सराहा।
भारत को एआई और तकनीक में वैश्विक नेता बनाने की दिशा में कदम
अपने दौरे के अंत में, सांसद ने गलगोटियास विश्वविद्यालय द्वारा डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और एआई पर किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय छात्रों को भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है और भारत को कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उभरती प्रौद्योगिकियों में वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद कर रहा है।
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भगवत प्रसाद शर्मा
पीआरओ/मीडिया कार्यकारी
गलगोटियास विश्वविद्यालय, ग्रेटर नोएडा (उत्तर प्रदेश)

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