ग्रेटर नोएडा, रफ्तार टुडे।।
अब जब कोई ग्रेटर नोएडा में कदम रखेगा, तो उसका स्वागत केवल सड़कों और साइनबोर्ड से नहीं, बल्कि रंगीन रोशनी, भव्य कलाकृतियों और सांस्कृतिक थीम्स से सजे प्रवेश द्वारों से होगा।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने शहर के सभी प्रमुख एंट्री प्वाइंट्स को थीम आधारित तरीके से सुंदर और अद्वितीय बनाने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम शुरू कर दिया है। इसका उद्देश्य सिर्फ सौंदर्यीकरण नहीं, बल्कि शहर की पहचान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है।
शहर के प्रवेश द्वार बनेंगे पहचान की प्रतीक
इस योजना का पहला चरण शुरू हो चुका है जिसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे, दादरी-सूरजपुर-छलेरा (DSC) रोड और गौड़ चौक से पर्थला की ओर जाने वाले मार्ग पर स्थित प्रवेश द्वारों को सुंदर और थीम-आधारित रूप में विकसित किया जाएगा।
प्राधिकरण का मानना है कि जब कोई आगंतुक शहर में प्रवेश करता है, तो प्रथम दृष्टि ही स्थायी प्रभाव छोड़ती है, और इसीलिए इन एंट्री गेट्स को "स्मार्ट सिटी के स्वागत द्वार" की तरह विकसित किया जा रहा है।
भारत मंडपम से लेकर महाकुंभ तक, बेहतरीन अनुभव वाली कंपनियां देंगी रंग-रूप
प्राधिकरण ने इस कार्य के लिए 10 से अधिक अनुभवी कंपनियों से प्रस्तुतीकरण मंगवाए हैं। इनमें वे कंपनियां शामिल हैं जो:
- अयोध्या दीपोत्सव,
- महाकुंभ प्रयागराज,
- और भारत मंडपम (नई दिल्ली जी-20) जैसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन स्थलों पर सौंदर्यीकरण का कार्य कर चुकी हैं।
इन कंपनियों के प्रस्तुतीकरण का मूल्यांकन किया जा रहा है, और कुछ के डिजाइनों को "अत्यधिक प्रभावशाली" बताया गया है। हालांकि, प्रतिस्पर्धा को और पारदर्शी बनाने के लिए प्राधिकरण ने अन्य इच्छुक कंपनियों को एक और मौका देकर पुनः प्रस्तुतीकरण आमंत्रित किया है।
क्या होगी खासियत: फसाड लाइटिंग, आर्टवर्क और स्थानीय संस्कृति का मिश्रण
ओएसडी अभिषेक पाठक के अनुसार,
“प्रत्येक द्वार को एक विशिष्ट थीम पर आधारित किया जाएगा, जिसमें स्थानीय संस्कृति, इतिहास और आधुनिकता का मिश्रण होगा।”
इसके तहत:
- फसाड लाइटिंग (Facade Lighting)
- थीम आधारित आर्टवर्क
- थ्री-डी वॉल इंस्टॉलेशन
- रंगीन LED लाइट्स
- सांस्कृतिक प्रतीकों का उपयोग किया जाएगा।
उदाहरण के तौर पर, गौड़ चौक एंट्री पर पौराणिक प्रेरणा, जबकि एक्सप्रेसवे पर आधुनिक भारत और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर थीम को शामिल किया जा सकता है।
अंतरराष्ट्रीय आयोजनों से प्रेरणा, वैश्विक स्तर का सौंदर्य होगा लक्ष्य
ग्रेटर नोएडा में आयोजित होने वाले इंटरनेशनल एक्सपो, पथिक स्टेडियम की स्पोर्ट्स प्रतियोगिताएं, और विदेशी निवेशकों के दौरे को देखते हुए शहर को वैश्विक रूप से प्रस्तुत करना जरूरी हो गया है।
अब जब विदेशी प्रतिनिधिमंडल शहर में कदम रखेंगे, तो उनका सामना एक आधुनिक, सांस्कृतिक और सौंदर्ययुक्त ग्रेटर नोएडा से होगा।
सीईओ एन.जी. रवि की सक्रिय निगरानी
इस प्रोजेक्ट की सीधी मॉनिटरिंग ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ श्री एन.जी. रवि द्वारा की जा रही है। उन्होंने संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्य, स्थानीय जनभावनाओं का सम्मान और कम लागत में उच्च गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
चयन प्रक्रिया और आगे की योजना
- जिन कंपनियों का प्रेजेंटेशन स्वीकार किया जाएगा, उन्हें एक-एक प्रवेश द्वार की जिम्मेदारी दी जाएगी।
- प्रवेश द्वारों के साथ लगे ग्रीन एरिया, पार्किंग ज़ोन, वॉकवे और साइनेज का भी पुनः डिज़ाइन किया जाएगा।
- जनवरी 2026 तक पहले चरण के सभी एंट्री पॉइंट्स पर कार्य पूरा करने का लक्ष्य है।
क्या कहा प्राधिकरण की एसीईओ प्रेरणा सिंह ने?
“थीम आधारित डिजाइनिंग से ग्रेटर नोएडा की छवि एक सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और टेक्नोलॉजी के संगम वाले शहर के रूप में बनेगी।
इससे न केवल नागरिकों को गर्व की अनुभूति होगी, बल्कि आगंतुकों को भी एक विशेष अनुभव मिलेगा।”
? क्या बदल जाएगा?
| पहले | अब |
|---|---|
| सामान्य गेट और साइनबोर्ड | कलाकृति से सजे गेट, रंगीन लाइटिंग |
| दिशा संकेतक मात्र | थीम आधारित भित्तिचित्र, कलात्मक स्वागत |
| साधारण ड्राइविंग अनुभव | विजुअल टूरिज्म जैसा एहसास |
ग्रेटर नोएडा जल्द बनेगा "गेटवे टू फ्यूचर"
इस योजना के पूर्ण होने के बाद ग्रेटर नोएडा के प्रवेश द्वार सिर्फ मार्ग नहीं, बल्कि शहर की कहानी कहने वाले प्रतीक बनेंगे।
हर द्वार एक अनुभव, एक ऊर्जा और एक संदेश लेकर आएगा – “यह शहर सिर्फ स्मार्ट नहीं, सुंदर भी है।”
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