नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा की बिजली व्यवस्था को बेहतर, सुरक्षित और पूरी तरह मॉडर्न बनाने के लिए बुधवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक एवं पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम (PVVNL) के चेयरमैन रवीश गुप्ता ने शहर की सबसे प्रभावी आवासीय संस्था फोनरवा (FONRWA) के साथ बड़ी बैठक कर शहर के बिजली ढांचे का फीडबैक लिया।

बैठक सेक्टर-52 स्थित फोनरवा कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें उनके साथ चीफ इंजीनियर नोएडा संजय जैन और सभी संबंधित एक्सईएन (Exen) भी मौजूद रहे।
यह बैठक केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि नोएडा को एक विश्वस्तरीय स्मार्ट पावर सिटी बनाने के रोडमैप का मजबूत संकेत भी मानी जा रही है।

फोनरवा ने सराहे सुधार, पर कहा—“अभी लंबा सफर बाकी, नोएडा को चाहिए 24×7 फॉल्ट-फ्री बिजली”

फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने MD साहब का स्वागत करने के बाद शहर में बीते महीनों में बिजली व्यवस्था में हुए सुधारों की सराहना की।
उन्होंने बताया कि “नोएडा में बिजली व्यवस्था पहले के मुकाबले काफी बेहतर हुई है, परंतु शहर की तेज़ी से बढ़ती आबादी और मौसम आधारित चुनौतियों को देखते हुए अभी भी कई क्षेत्र ऐसे हैं जहाँ बिजली लाइन के उन्नयन की गहरी आवश्यकता है।”

उन्होंने बारिश, गर्मी, तूफान और आंधियों के दौरान होने वाले पावर कट का विशेष मुद्दा उठाया और कहा कि नोएडा जैसा अंतरराष्ट्रीय स्तर का शहर ऐसी समस्याओं से जूझता नहीं रहना चाहिए।

सबसे बड़ी मांग: 11 KVA की सभी LT लाइनें जल्द हों अंडरग्राउंड

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा रहा– शहर की 11 KVA LT लाइनों को पूरी तरह अंडरग्राउंड करने की मांग। फोनरवा पदाधिकारियों ने जोर देकर कहा कि ओवरहेड तार बारिश, आंधी और पेड़ों के गिरने पर सबसे अधिक नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे पूरे सेक्टर में लंबे समय का पावर कट देखने को मिलता है।

फोनरवा का कहना है कि:

अंडरग्राउंड लाइनें सुरक्षित हैं

फॉल्ट कम होते हैं

मेंटेनेंस की जरूरत कम होती है

नोएडा की बिजली व्यवस्था पर बड़े स्तर पर मंथन, UPPCL के नए MD रवीश गुप्ता की फोनरवा संग हाई-प्रोफाइल बैठक

और सबसे जरूरी— नोएडा जैसा हाईटेक शहर इससे और आधुनिक बनेगा

15 नवंबर से लागू नई व्यवस्था पर RWAs की सामूहिक बैठक कराने की मांग

फोनरवा अध्यक्ष ने MD रवीश गुप्ता को यह भी अवगत कराया कि 15 नवंबर से शासन द्वारा जिले में विद्युत प्रणाली से संबंधित नई व्यवस्था लागू हुई है, जिसके बारे में सभी RWA और सेक्टरों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट जानकारी मिलनी आवश्यक है।

उन्होंने अनुरोध किया कि:

सभी सेक्टरों के RWA प्रतिनिधियों

संबंधित SDO

और इंजीनियरिंग टीमों

की एक संयुक्त बैठक कराई जाए, ताकि नई व्यवस्था को समझा जा सके और सेक्टर लेवल पर समस्याओं के समाधान में तेजी लाई जा सके।

MD रवीश गुप्ता का निर्देश—“हर शिकायत का समाधान समय सीमा में होना चाहिए”

बैठक के दौरान फोनरवा एग्जीक्यूटिव समिति ने शहर की बिजली व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दे सामने रखे।

रवीश गुप्ता जी ने सभी बिंदुओं को गंभीरता से सुना और तुरंत ही अधीनस्थ अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी शिकायतों के समाधान के लिए टाइम-बाउंड एक्शन तय किया जाए

सेक्टरवार फॉल्ट की मॉनिटरिंग बढ़ाई जाए

हर ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मर की स्थिति की समीक्षा की जाए

सफाई, पेड़ कटान और लाइन शिफ्टिंग का कार्य तेजी से किया जाए

RWAs के सुझावों को प्राथमिकता से लागू किया जाए

उन्होंने साफ कहा कि “नोएडा की बिजली व्यवस्था को देश में सबसे बेहतर बनाने का लक्ष्य है, और इसमें देरी किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं होगी।”

चीफ इंजीनियर संजय जैन का बयान—“NGT के कारण रुके काम रोक हटते ही शुरू होंगे”

चीफ इंजीनियर संजय जैन ने बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि शहर में कई स्थानों पर अंडरग्राउंड केबलिंग, लाइन शिफ्टिंग, और मरम्मत के कार्य चल रहे थे, परंतु NGT के निर्देशों के तहत खुदाई पर रोक लग जाने से ये कार्य अस्थायी रूप से रुक गए हैं।

जैसे ही NGT की रोक समाप्त होगी, रुके हुए सभी कार्य तेजी से पुनः शुरू किए जाएंगे।

उन्होंने आश्वासन दिया कि विभाग की प्राथमिकता शहर को सुरक्षित और आधुनिक विद्युत ढांचा उपलब्ध कराना है।

कौन-कौन रहे बैठक में मौजूद?

इस महत्वपूर्ण बैठक में फोनरवा और नोएडा बिजली विभाग के कई प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें शामिल हैं विजय भाटी, त्रिलोक शर्मा, दिनेश भाटी, देवेंद्र चौहान, अशोक मिश्रा, जी.एच. सचदेवा, विरेंद्र नेगी, कोसिंदर यादव, प्रदीप वोहरा, सुमित कुमार, भूषण शर्मा, देवेंद्र यादव, राजेश सिंह, ह्रदेश गुप्ता
आदि।

सभी ने MD और इंजीनियरिंग टीम के सामने अपने-अपने सेक्टर की समस्याएं और सुझाव रखे।

मीटिंग क्यों थी खास?

यह बैठक कई मायनों में महत्वपूर्ण रही—

नए MD ने शहर की धरातलीय स्थिति को स्वयं समझा

RWAs और पावर विभाग के बीच समन्वय बढ़ा

शहर की बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रोडमैप तय हुआ

कई महत्वपूर्ण सुझाव तत्काल संज्ञान में लिए गए

अंडरग्राउंड केबलिंग पर बड़ा फोकस सामने आया

नोएडा के लिए आगे क्या?—शहर की पावर व्यवस्था में दिखेगी तेज गति

बैठक से एक बात पूरी तरह स्पष्ट है कि नोएडा अब आने वाले समय में बिजली व्यवस्था में बड़े और सकारात्मक बदलाव देखने वाला है। अंडरग्राउंड लाइनें

कम फॉल्ट

तेज मरम्मत

मॉडर्न सब-स्टेशन

स्मार्ट कंज्यूमर सेवा

इन सब पर तेजी से काम बढ़ेगा।

फोनरवा और बिजली विभाग की यह संयुक्त बैठक इस दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुई है।