नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है। शहर में यातायात को और अधिक सुगम बनाने तथा नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (जेवर) तक तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से चिल्ला रेगुलेटर से महामाया फ्लाईओवर तक बनी 5.5 किलोमीटर लंबी एलिवेटेड रोड का विस्तार किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत एलिवेटेड रोड को करीब दो किलोमीटर आगे तक बढ़ाया जाएगा, जिससे भविष्य में डीएनडी कॉरिडोर और जेवर एयरपोर्ट तक आवागमन और आसान हो जाएगा।
आईआईटी रुड़की तैयार करेगी डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन
परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) रुड़की की विशेषज्ञ टीम ने हाल ही में नोएडा का दौरा किया और नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ विस्तृत बैठक की। टीम ने प्रस्तावित रूट का निरीक्षण करने के साथ तकनीकी पहलुओं पर चर्चा की। प्राधिकरण के अनुसार, आईआईटी रुड़की को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है। डीपीआर के साथ-साथ संस्थान एलिवेटेड रोड का स्ट्रक्चरल डिजाइन भी उपलब्ध कराएगा। अधिकारियों ने इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की देरी न हो।
डीपीआर मिलते ही जारी होगा टेंडर
नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) सतीश पाल ने बताया कि डीपीआर और स्ट्रक्चरल डिजाइन प्राप्त होते ही निर्माण कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। परियोजना का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह एलिवेटेड रोड महामाया फ्लाईओवर से आगे सेक्टर-94 के तटबंध पर प्रस्तावित एलिवेटेड कॉरिडोर से जुड़ेगी, जो आगे डीएनडी एलिवेटेड रोड के माध्यम से सीधे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी।
लगभग 200 करोड़ रुपये होंगे खर्च
इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद नोएडा, दिल्ली और ग्रेटर नोएडा के बीच यातायात का दबाव कम होगा और एयरपोर्ट जाने वाले यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी।
एयरपोर्ट जाने वालों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा
एलिवेटेड रोड का यह विस्तार विशेष रूप से नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक आने-जाने वाले यात्रियों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगा। परियोजना के तहत तैयार होने वाला नया कॉरिडोर एक रोटरी की तरह भी कार्य करेगा, जिससे एयरपोर्ट से आने वाले वाहन आसानी से नोएडा शहर की ओर प्रवेश कर सकेंगे। इससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि ट्रैफिक का बेहतर प्रबंधन भी संभव हो सकेगा।
मिट्टी की क्षमता का किया जा रहा परीक्षण
परियोजना की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित रूट पर सॉयल टेस्ट (Soil Test) कराया गया है। विशेषज्ञ मिट्टी की बियरिंग कैपेसिटी का आकलन कर रहे हैं, ताकि निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों के अनुरूप किया जा सके। आईआईटी रुड़की की टीम सर्वेक्षण के आधार पर तकनीकी रिपोर्ट तैयार कर रही है।
नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगी नई रफ्तार
एलिवेटेड रोड का विस्तार नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जेवर एयरपोर्ट के संचालन के साथ इस कॉरिडोर की उपयोगिता और बढ़ जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना नोएडा को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के सबसे बेहतर कनेक्टेड शहरों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाएगी।

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