86 करोड़ रुपये के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 238 करोड़ रुपये की लगी बोली, 224 आवेदनों में 195 पात्र आवेदकों ने लिया ई-ऑक्शन में हिस्सा

नोएडा, रफ़्तार टूडे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत नोएडा प्राधिकरण की औद्योगिक भूखंड योजना के तहत 19 औद्योगिक भूखंडों की ई-नीलामी प्रक्रिया पूरी हो गई। Noida/IP/e-Auction/2026-27/01 के तहत आयोजित इस ई-नीलामी में देश के विभिन्न हिस्सों से उद्यमियों ने रुचि दिखाई। 19 भूखंडों के लिए कुल 224 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से 195 पात्र आवेदकों ने ई-ऑक्शन की प्रक्रिया में हिस्सा लेकर बोली लगाई।

प्राधिकरण के अनुसार, इन 19 औद्योगिक भूखंडों का निर्धारित आरक्षित मूल्य लगभग 86 करोड़ रुपये था। ई-नीलामी में पात्र आवेदकों की ओर से कुल लगभग 238 करोड़ रुपये की बोली लगाई गई। इस प्रकार आरक्षित मूल्य की तुलना में प्राधिकरण को करीब 152 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होने की उम्मीद है।

19 औद्योगिक भूखंडों के लिए मिली जोरदार प्रतिक्रिया

औद्योगिक भूखंड योजना के तहत ई-नीलामी की प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 को पूरी हुई। योजना में शामिल 19 भूखंडों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त होने से औद्योगिक क्षेत्र में निवेशकों की रुचि का संकेत मिला। कुल 224 आवेदनों में से 195 आवेदकों को पात्र पाया गया और उन्होंने ई-नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लिया। पात्र आवेदकों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित औद्योगिक भूखंडों के लिए बोली लगाई। ई-ऑक्शन में मिली बोलियों का मूल्य आरक्षित मूल्य से काफी अधिक रहा। कुल 224 आवेदनों में से 195 आवेदकों को पात्र पाया गया और उन्होंने ई-नीलामी प्रक्रिया में हिस्सा लिया। पात्र आवेदकों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत संबंधित औद्योगिक भूखंडों के लिए बोली लगाई। ई-ऑक्शन में मिली बोलियों का मूल्य आरक्षित मूल्य से काफी अधिक रहा।

86 करोड़ के आरक्षित मूल्य के मुकाबले 238 करोड़ की बोली

प्राधिकरण द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, 19 औद्योगिक भूखंडों का कुल निर्धारित आरक्षित मूल्य करीब 86 करोड़ रुपये था। इसके मुकाबले सफल बोली प्रक्रिया में लगभग 238 करोड़ रुपये की बोली प्राप्त हुई। इस तरह आरक्षित मूल्य और प्राप्त बोली के बीच करीब 152 करोड़ रुपये का अंतर रहा। प्राधिकरण के लिए यह अतिरिक्त राजस्व औद्योगिक विकास और अन्य विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

औद्योगिक परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

योजना में शामिल भूखंडों पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए उद्यमियों द्वारा औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित किए जाने की संभावना है। इन भूखंडों पर परियोजनाएं शुरू होने के बाद नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होने की उम्मीद है। प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी में कहा गया है कि योजना के अंतर्गत आवंटित औद्योगिक भूखंडों पर परियोजनाओं की स्थापना से नोएडा क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को गति मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

ई-नीलामी से पारदर्शी प्रक्रिया को मिला बढ़ावा

औद्योगिक भूखंडों के आवंटन के लिए ई-ऑक्शन प्रक्रिया अपनाई गई, जिसमें पात्र आवेदकों ने ऑनलाइन बोली लगाई। बड़ी संख्या में आवेदन और पात्र आवेदकों की भागीदारी से योजना के प्रति उद्योग जगत की रुचि सामने आई।

19 भूखंडों के लिए 195 पात्र आवेदकों द्वारा बोली लगाए जाने और आरक्षित मूल्य से लगभग 152 करोड़ रुपये अधिक की बोली प्राप्त होने से औद्योगिक भूखंड योजना के प्रति निवेशकों की प्रतिस्पर्धी भागीदारी भी दिखाई दी है। प्राधिकरण के अनुसार, आवंटित भूखंडों पर औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित होने से नोएडा में निवेश और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होगी तथा क्षेत्र की औद्योगिक अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिलने की संभावना है।