सेक्टर-147 में 68 हजार वर्गमीटर भूमि पर IT/ITES परियोजना को सैद्धांतिक मंजूरी, सेक्टर-105 में बनेगा एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स; औद्योगिक इकाइयों के ट्रांसफर शुल्क में 10 से घटाकर 7 प्रतिशत करने का फैसला, प्राधिकरण की संपत्तियों पर लगेंगे 15 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट

नोएडा, रफ़्तार टूडे। नोएडा के नियोजित विकास, औद्योगिक निवेश, तकनीकी क्षेत्र के विस्तार, किसानों से जुड़े लंबित मामलों और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित बैठक में कुल 11 प्रमुख विषयों पर निर्णय लिए गए। इनमें AI City-cum-Business Park का विकास, सेक्टर-147 में IT/ITES परियोजना, सेक्टर-105 में एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स, सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट और पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों के निस्तारण की पहल प्रमुख रही।

बैठक की अध्यक्षता अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त तथा नोएडा प्राधिकरण के अध्यक्ष दीपक कुमार ने की। इसमें नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी कृष्णा करुणेश, ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ रवि कुमार एनजी, यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह और बोर्ड के अन्य सदस्य शामिल हुए।

1. AI City-cum-Business Park के विकास की तैयारी

नोएडा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सूचना प्रौद्योगिकी और ज्ञान आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए AI City-cum-Business Park विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। बोर्ड ने उत्तर प्रदेश प्राइवेट बिजनेस पार्क डेवलपमेंट स्कीम-2025 को अंगीकृत करने और परियोजना के लिए मास्टर डेवलपर के चयन संबंधी रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) को सैद्धांतिक मंजूरी दी।

प्रस्तावित परियोजना में AI, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC), IT/ITES, अनुसंधान, स्टार्टअप और कौशल विकास से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। मास्टर डेवलपर का चयन प्रतिस्पर्धात्मक ई-बिडिंग के जरिए किया जाएगा। परियोजना को डिजाइन, निर्माण, वित्तपोषण, संचालन और हस्तांतरण यानी DBFOT मॉडल पर विकसित करने का प्रस्ताव है। इसमें भूमि का स्वामित्व नोएडा प्राधिकरण के पास रहेगा। निर्धारित शर्तों के तहत 45 वर्ष की पट्टा अवधि और अतिरिक्त अवधि से जुड़े प्रावधान रखे गए हैं। साथ ही, निर्मित क्षेत्र का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा IT और ज्ञान आधारित सेवाओं के लिए आरक्षित रखने की व्यवस्था होगी।

2. सेक्टर-147 में 68 हजार वर्गमीटर भूमि पर IT/ITES परियोजना

नोएडा के सेक्टर-147 में लगभग 68,000 वर्गमीटर भूमि पर संस्थागत IT/ITES उपयोग की योजना प्रकाशित करने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक अनुमति दी गई। इसका उद्देश्य यहां आधुनिक कार्यालयों और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के विकास को प्रोत्साहित करना है। इस परियोजना से सूचना प्रौद्योगिकी और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए बेहतर कार्यस्थल विकसित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे नोएडा में तकनीकी कंपनियों और संस्थागत निवेश को आकर्षित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, परियोजना की आगे की प्रगति संबंधित प्रक्रियाओं और आवश्यक स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।

3. सेक्टर-105 में बनेगा एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स

बोर्ड ने सेक्टर-105 में 12,596.64 वर्गमीटर वाणिज्यिक भूमि पर एकीकृत ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स विकसित करने की योजना को मंजूरी दी। पूरी भूमि को एक भूखंड के रूप में रखते हुए एकल बोली प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किया जाएगा। योजना के अनुसार, भूखंड पर 4.0 एफएआर और अधिकतम 20 मीटर ऊंचाई की अनुमति होगी। पार्किंग की व्यवस्था भूखंड के भीतर निर्धारित नियमों के अनुसार करनी होगी। निर्माण कार्य अधिकतम पांच वर्ष में पूरा करना होगा। इसे अधिकतम तीन चरणों में पूरा करने और प्रत्येक चरण के लिए अधिभोग प्रमाणपत्र प्राप्त करने का प्रावधान भी किया गया है।

4. सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट स्वीकृत

नोएडा क्षेत्र के लिए तैयार सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान की अंतिम रिपोर्ट को बोर्ड ने मंजूरी दे दी। अब इसे शासन की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। इस योजना में औद्योगिक और वाणिज्यिक गतिविधियों, माल परिवहन, यातायात प्रबंधन और लॉजिस्टिक्स से जुड़ी आधारभूत सुविधाओं का समग्र अध्ययन किया गया है। इसका उद्देश्य माल की आवाजाही को व्यवस्थित करना, वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाना, लॉजिस्टिक्स लागत कम करना और यातायात जाम तथा पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को घटाना है।

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विभागों, औद्योगिक इकाइयों और परिवहन संचालकों के बीच समन्वय बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, इसके परिणाम शासन की स्वीकृति और आगे होने वाले क्रियान्वयन पर निर्भर करेंगे।

5. मॉडल भवन विनियम-2026 को नोएडा में लागू करने की मंजूरी

उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से जारी मॉडल भवन विनियम-2026 को नोएडा में अंगीकृत करने के प्रस्ताव को बोर्ड की मंजूरी मिली। इसके क्रियान्वयन से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर विचार करने और आवश्यक समन्वय के लिए नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के अधिकारियों की संयुक्त समिति गठित की जाएगी। समिति नियमों को लागू करने की प्रक्रिया का अध्ययन करेगी, ताकि भवन निर्माण और मानचित्र स्वीकृति से संबंधित प्रक्रियाओं में एकरूपता लाई जा सके। तीनों प्राधिकरणों के बीच समन्वय से नियमों के क्रियान्वयन से जुड़ी व्यावहारिक चुनौतियों का समाधान खोजने में मदद मिल सकती है।

6. औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क में राहत

औद्योगिक इकाइयों से संबंधित यूनिफाइड रेगुलेशंस-2025 के कुछ प्रावधानों में संशोधन को मंजूरी दी गई। प्रमुख निर्णय के तहत कार्यशील औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत करने का फैसला लिया गया है। इससे निर्धारित नियमों के दायरे में आने वाली इकाइयों को राहत मिलने की उम्मीद है। इकाई को कार्यशील बनाने की मूल तीन या पांच वर्ष की अवधि पूरी होने के बाद अधिकतम तीन वर्ष का अतिरिक्त समय देने का प्रावधान भी किया गया है। इस अवधि के विस्तार के लिए क्रमशः 3, 5 और 7 प्रतिशत शुल्क निर्धारित किया गया है।

इसके अतिरिक्त, अंशधारिता में बदलाव की सूचना देने में देरी पर लगने वाले शुल्क को 500 रुपये प्रतिदिन से घटाकर 300 रुपये प्रतिदिन करने का निर्णय लिया गया। निर्धारित शर्तों के तहत लिमिटेड कंपनी को एलएलपी में बदलने की प्रक्रिया सरल करने और पारिवारिक अंशधारिता परिवर्तन के मामलों में शुल्क संबंधी छूट देने के प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली।

7. सेक्टर-32 के वाणिज्यिक उपपट्टाधारकों को राहत

सेक्टर-32 स्थित वाणिज्यिक भूखंड संख्या CC-01 पर निर्मित यूनिटों के उपपट्टाधारकों से लिए जाने वाले भू-भाटक की दर में एकरूपता लाने का निर्णय लिया गया। अब तक लगभग 612 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष की दर से लिया जा रहा भू-भाटक पुनर्गणना के बाद करीब 232 रुपये प्रति वर्गमीटर प्रतिवर्ष करने का फैसला किया गया है। इस बदलाव से संबंधित उपपट्टाधारकों पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ कम होने की उम्मीद है।

8. HUF, सोसायटी और ट्रस्ट के पक्ष में संपत्ति हस्तांतरण की सुविधा

बोर्ड ने वाणिज्यिक भूखंडों, उन पर निर्मित यूनिटों और वाणिज्यिक परिसंपत्तियों के उपपट्टा प्रलेख के निष्पादन तथा हस्तांतरण की सुविधा हिंदू अविभाजित परिवार (HUF), सोसायटी और ट्रस्ट के पक्ष में देने को मंजूरी दी। इस फैसले से निर्धारित पात्रता और नियमों को पूरा करने वाले आवेदकों के लिए वाणिज्यिक संपत्तियों से संबंधित प्रक्रियाएं आसान हो सकती हैं। हस्तांतरण के दौरान लागू नियमों और निर्धारित औपचारिकताओं का पालन करना होगा।

9. मोबाइल टावर और RoW की अनुमति प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

दूरसंचार नेटवर्क के विस्तार को सुगम बनाने के लिए मोबाइल टावर और राइट ऑफ वे (RoW) से जुड़ी अनुमतियों की प्रक्रिया ऑनलाइन करने को मंजूरी दी गई। यह निर्णय भारत सरकार की 17 सितंबर 2024 की अधिसूचना के अनुरूप दूरसंचार नीति से संबंधित नियमों को अंगीकृत करने के प्रस्ताव का हिस्सा है। ऑनलाइन व्यवस्था से आवेदन, जांच और अनुमति की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकेगी। भूमि के ऊपर दूरसंचार नेटवर्क स्थापित करने के लिए आवेदन की जांच से संबंधित शुल्क 10,000 रुपये ही रखने का निर्णय लिया गया।

10. किसानों के पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों के मामलों के निस्तारण की पहल

नोएडा महायोजना-2031 में संशोधन के जरिए किसानों के पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों से जुड़े मामलों के निस्तारण को आसान बनाने की दिशा में कदम उठाया गया। प्राधिकरण की ओर से अधिग्रहित भूमि के सापेक्ष पात्र काश्तकारों को पांच प्रतिशत विकसित आबादी भूमि उपलब्ध कराने का प्रावधान है। प्राधिकरण के अनुसार, बड़ी संख्या में आबादी भूखंडों का नियोजन पहले ही किया जा चुका है, जबकि शेष मामलों में नियोजन और निस्तारण से जुड़ी कठिनाइयां सामने आ रही थीं। किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए महायोजना के जोनिंग रेगुलेशन में आवश्यक संशोधन करने का निर्णय लिया गया।

इसके तहत विभिन्न भू-उपयोग क्षेत्रों में फ्लोटिंग यूज से संबंधित प्रावधानों में नई पंक्ति और शर्त शामिल की जाएगी। मौजूदा गांव की आबादी से लगी भूमि पर पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों के नियोजन का प्रस्ताव निर्धारित शर्तों के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। इस प्रक्रिया में जनसामान्य से आपत्तियां और सुझाव प्राप्त करने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इसलिए इसे सभी लंबित मामलों के तत्काल निस्तारण के बजाय प्रक्रिया को सुगम बनाने की पहल के रूप में देखा जाना चाहिए।

11. प्राधिकरण की संपत्तियों पर लगेंगे 15 मेगावाट क्षमता के सोलर प्लांट

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और बिजली खर्च कम करने के उद्देश्य से नोएडा प्राधिकरण की विभिन्न संपत्तियों पर रिन्यूएबल एनर्जी सर्विस कंपनी (RESCO) मॉडल के तहत लगभग 15 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की मंजूरी दी गई। योजना के तहत सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और जलाशयों पर करीब 8 मेगावाट तथा बहुस्तरीय कार पार्किंग स्थलों पर लगभग 7 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित की जाएगी। परियोजना को संबंधित एजेंसी के साथ विद्युत क्रय समझौते के आधार पर लागू किया जाएगा।

प्राधिकरण का अनुमान है कि इस परियोजना से बिजली लागत कम करने और स्वच्छ ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ाने में मदद मिलेगी। अगले 25 वर्षों में करीब पांच लाख टन कार्बन उत्सर्जन कम करने में भी सहायता मिलने की संभावना जताई गई है।

निवेश, किसानों और स्वच्छ ऊर्जा पर एक साथ फोकस

नोएडा प्राधिकरण की बोर्ड बैठक में लिए गए फैसले शहर के विकास के कई अहम क्षेत्रों को कवर करते हैं। AI City, IT/ITES परियोजना और ऑटोमोबाइल कॉम्प्लेक्स के जरिए निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की कोशिश की गई है। सिटी लॉजिस्टिक्स प्लान से माल परिवहन और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में काम आगे बढ़ेगा। वहीं, औद्योगिक इकाइयों के हस्तांतरण शुल्क में कमी, सेक्टर-32 के उपपट्टाधारकों के भू-भाटक में बदलाव और संपत्ति हस्तांतरण की सुविधा से संबंधित पक्षों को राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों के पांच प्रतिशत आबादी भूखंडों के मामलों में नियोजन संबंधी अड़चनों को दूर करने की पहल भी महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही 15 मेगावाट सौर ऊर्जा क्षमता विकसित करने का फैसला प्राधिकरण की ऊर्जा जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण के लिहाज से अहम माना जा रहा है। हालांकि, इन निर्णयों का वास्तविक असर संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्धारित शर्तों और आवश्यक शासन स्वीकृतियों पर निर्भर करेगा।