ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देशों के तहत की गई।

अवैध कॉलोनी बसाने की तैयारी पर कार्रवाई, बाउंड्री वॉल और अवैध निर्माण ध्वस्त; विला निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर भी प्राधिकरण ने की कार्रवाई, सीलिंग की करवाई खसरा संख्या 386 पर की गई है। 

ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। ग्रेटर नोएडा में अधिसूचित जमीन पर अवैध कब्जे और प्लॉटिंग के खिलाफ ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में ग्राम भनौता में प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाकर करीब 20 हजार वर्गमीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ रुपये बताई गई है। प्राधिकरण के मुताबिक, संबंधित जमीन पर बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध कॉलोनी बसाने की कोशिश की जा रही थी। सीलिंग की करवाई खसरा संख्या 386 पर की गई है। 

यह कार्रवाई ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के सीईओ एनजी रवि कुमार के निर्देशों के तहत की गई। प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि अधिसूचित क्षेत्र में बिना अनुमति अवैध निर्माण और प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

खसरा संख्या 371 और 372 की जमीन पर कार्रवाई

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के उप महाप्रबंधक विजय रावल ने बताया कि ग्राम भनौता के खसरा संख्या 371 और 372 में स्थित जमीन पर कथित तौर पर बाउंड्री वॉल बनाकर अवैध कॉलोनी विकसित करने की तैयारी की जा रही थी। सूचना मिलने पर प्राधिकरण के परियोजना विभाग के वर्क सर्किल-2 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की मौजूदगी में अवैध निर्माण को ध्वस्त किया गया और लगभग 20 हजार वर्गमीटर जमीन को कब्जे से मुक्त कराया गया। प्राधिकरण के अनुसार, यह कार्रवाई दोपहर करीब दो बजे शुरू हुई और लगभग दो घंटे तक चली। मुक्त कराई गई जमीन की अनुमानित कीमत करीब 40 करोड़ रुपये आंकी गई है।

विला निर्माण और अवैध प्लॉटिंग पर भी कार्रवाई

प्राधिकरण ने भनौता में ही अधिसूचित क्षेत्र के अंतर्गत बन रहे विला और अवैध प्लॉटिंग के मामलों में भी कार्रवाई की। प्राधिकरण के अनुसार, संबंधित निर्माण गतिविधियों पर रोक लगाते हुए सीलिंग की कार्रवाई की गई। अधिसूचित जमीन पर अवैध कॉलोनी विकसित होने से नियोजित शहरी विकास और जमीन खरीदने वाले लोगों के सामने कानूनी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। ऐसे में प्राधिकरण ने लोगों से किसी भी भूखंड या संपत्ति में निवेश करने से पहले जमीन की स्थिति और संबंधित अनुमति की जांच करने की अपील की है।

अवैध कॉलोनियों में निवेश से बचें: एसीईओ सुमित यादव

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के एसीईओ सुमित यादव ने कहा कि ग्रेटर नोएडा के अधिसूचित क्षेत्र में किसी को भी अवैध निर्माण करने की अनुमति नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि ग्रेटर नोएडा में जमीन खरीदने से पहले प्राधिकरण से संपर्क कर संबंधित भूखंड की स्थिति और जरूरी जानकारी प्राप्त करें। उन्होंने यह भी चेताया कि अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से लोगों की मेहनत की कमाई जोखिम में पड़ सकती है। इसलिए जमीन के दस्तावेज, स्वामित्व, भूमि उपयोग और आवश्यक स्वीकृतियों की जांच के बाद ही खरीद का निर्णय लेना चाहिए।

अधिसूचित क्षेत्र में जारी रहेगा अभियान

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के मुताबिक, अवैध कब्जों और अनधिकृत निर्माण के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। भनौता में हुई कार्रवाई के जरिए प्राधिकरण ने अधिसूचित जमीन पर अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ अपना रुख स्पष्ट किया है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि जमीन खरीदने से पहले आधिकारिक स्तर पर सत्यापन जरूर कराएं, ताकि भविष्य में कानूनी विवाद और आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।