भविष्य की जरूरतों और पर्यावरण संरक्षण पर केंद्रित रही प्रदर्शनी, विद्यार्थियों ने प्राकृतिक संसाधनों के संतुलित उपयोग और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का महत्व समझाया
ग्रेटर नोएडा, रफ़्तार टूडे। थॉरोण इंटरनेशनल स्कूल में 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को ‘नेक्स्ट जेन अर्थ’ प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी के माध्यम से विद्यार्थियों को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस आयोजन में विद्यार्थी अपने तैयार किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट के जरिए भविष्य की चुनौतियों तथा उनके संभावित समाधानों को प्रस्तुत करेंगे।
प्रदर्शनी से जुड़ी संगोष्ठी में विद्यालय के अध्यक्ष उदयवीर सिंह, प्रधानाचार्या शक्ति दासी, निदेशक मुशांत सिंह और मैनेजिंग डायरेक्टर मेघना सिंह प्रतिनिधि के रूप में शामिल रहेंगे। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील बनाना और उन्हें भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए समाधान तलाशने के लिए प्रेरित करना है।
सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा जोर
विद्यालय की प्रधानाचार्या और निदेशक ने सतत विकास के महत्व को समझाते हुए कहा कि विकास ऐसा होना चाहिए, जो वर्तमान समय की आवश्यकताओं को पूरा करे, लेकिन भविष्य की पीढ़ियों की जरूरतों से समझौता न करे। इसका अर्थ है कि प्राकृतिक संसाधनों का उपयोग सोच-समझकर किया जाए, ताकि वे लंबे समय तक उपलब्ध रहें और पर्यावरण को भी नुकसान न पहुंचे। आज के दौर में जल, ऊर्जा और अन्य प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। ऐसे में विद्यार्थियों को कम उम्र से ही जिम्मेदार उपभोग और पर्यावरण के अनुकूल जीवनशैली के प्रति जागरूक करना आवश्यक है।

मॉडल और प्रोजेक्ट से विचारों को किया जाएगा प्रस्तुत
‘नेक्स्ट जेन अर्थ’ प्रदर्शनी में विद्यार्थी अपने मॉडल और प्रोजेक्ट के माध्यम से सतत विकास से जुड़े विचारों को प्रस्तुत करेंगे। इन गतिविधियों से विद्यार्थियों को रचनात्मक सोच विकसित करने, समस्याओं को समझने और उनके व्यावहारिक समाधान खोजने का अवसर मिलेगा। प्रोजेक्ट आधारित सीखने की प्रक्रिया बच्चों को केवल सैद्धांतिक ज्ञान तक सीमित नहीं रखती, बल्कि उन्हें अपने विचारों को उदाहरणों और मॉडलों के माध्यम से समझाने के लिए भी प्रेरित करती है। इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, नवाचार और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं।
भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित धरती का संदेश
प्रदर्शनी का मुख्य संदेश यह है कि विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। प्राकृतिक संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग, पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार व्यवहार और दीर्घकालिक सोच ही आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने में मदद कर सकते हैं। थॉरोण इंटरनेशनल स्कूल की यह पहल विद्यार्थियों को पर्यावरण संबंधी मुद्दों को समझने और उनके समाधान में अपनी भूमिका पहचानने का अवसर प्रदान करेगी। मॉडल और प्रोजेक्ट के माध्यम से विद्यार्थी यह बताने का प्रयास करेंगे कि छोटे-छोटे प्रयास भी सतत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

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